आदित्य ठाकरे ने रेहान वाड्रा का किया समर्थन, तिरंगे की तस्वीर न हटाना बताया 'साहसिक कदम'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने 22 अक्टूबर 2026 को कलाकार रेहान वाड्रा के समर्थन में खुलकर बयान दिया और बीकानेर हाउस में आयोजित उनकी फोटो प्रदर्शनी से तिरंगे वाली तस्वीरें हटाने के निर्देश को 'राष्ट्रविरोधी कृत्य' करार दिया। यह विवाद तब और राजनीतिक हो गया जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने बेटे के पक्ष में भावनात्मक संदेश साझा किया।
मुख्य घटनाक्रम
विवाद की शुरुआत तब हुई जब रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल फोटो प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' से 70 से अधिक तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया। रेहान के अनुसार, उन्होंने बीकानेर हाउस की राजनीतिक सामग्री-संबंधी नीति का पूरी तरह पालन करते हुए ही तस्वीरों का चयन किया था।
रेहान वाड्रा ने बताया कि प्रदर्शनी में कोई राजनीतिक नारे नहीं थे और राजनीतिक नेताओं की तस्वीरें भी नगण्य थीं। उनका कहना है कि शुरुआत में चार या पाँच तस्वीरें हटाने का अनुरोध किया गया, जिस पर उन्होंने सहयोग की इच्छा जताई — लेकिन इसके लिए स्पष्ट कारण माँगा। कथित तौर पर कोई संतोषजनक कारण न बताते हुए बाद में 70 तस्वीरें हटाने को कह दिया गया।
आदित्य ठाकरे की तीखी प्रतिक्रिया
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'शाबाश रेहान वाड्रा। ऐसे शासन का सामना करते हुए जो बिना किसी विवरण वाली तस्वीरों से भी डरता है, राष्ट्रीय ध्वज के समर्थन में खड़े रहने और तिरंगे वाली तस्वीरें न हटाने के लिए आपको बधाई।'
ठाकरे ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी स्थल के प्रबंधन को यह सोचना चाहिए कि वह 'वास्तव में भारतीय है या नहीं।' उन्होंने एक कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'जब लोकतंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा, तब इस राष्ट्रविरोधी कार्य के लिए प्रबंधन को भारतीय संस्करण के नूर्नबर्ग ट्रायल का सामना करना चाहिए।' उल्लेखनीय है कि नूर्नबर्ग ट्रायल वह ऐतिहासिक न्यायिक प्रक्रिया थी जिसमें नाज़ी जर्मनी के शीर्ष नेताओं पर युद्ध-अपराध के आरोपों की सुनवाई हुई थी।
प्रियंका गांधी वाड्रा का समर्थन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर लिखा, 'जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह यह नहीं समझता कि वह जिस शक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा है, उसे पहले ही खो चुका है।' उन्होंने अपने बेटे को संदेश देते हुए कहा, 'सच के साथ खड़े रहो और हर खूबसूरत चीज़ तुम्हारे पास अपना रास्ता तलाश लेगी। मुझे तुम पर गर्व है और हमेशा रहेगा।'
आदित्य ठाकरे की प्रतिक्रिया सीधे प्रियंका के इस एक्स पोस्ट के जवाब में आई, जिससे यह विवाद कलाकृति की सीमाओं से निकलकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सत्ता के दुरुपयोग की व्यापक बहस में बदल गया।
विवाद का राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार पर सांस्कृतिक और कलात्मक अभिव्यक्ति को दबाने के आरोप लगाते रहे हैं। बीकानेर हाउस नई दिल्ली में स्थित राजस्थान सरकार की एक विरासत संपत्ति है और इसे प्रदर्शनियों तथा सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोग किया जाता है। बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
विपक्षी नेताओं के बयानों के बाद यह मामला संसदीय गलियारों तक पहुँच सकता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी संपत्तियों पर प्रदर्शनी-नीतियों को लेकर एक व्यापक राजनीतिक बहस छिड़ने के आसार हैं। रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी का भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है।