28 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: आदित्य ठाकरे ने जेन-Z आंदोलन का समर्थन किया, महाराष्ट्र में गिरफ्तार छात्रों को मुफ्त कानूनी सहायता का वादा

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नीट पेपर लीक: आदित्य ठाकरे ने जेन-Z आंदोलन का समर्थन किया, महाराष्ट्र में गिरफ्तार छात्रों को मुफ्त कानूनी सहायता का वादा

सारांश

नीट पेपर लीक के खिलाफ जेन-Z का आंदोलन अब राजनीतिक समर्थन पाने लगा है। आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र में गिरफ्तार छात्रों को मुफ्त कानूनी मदद का वादा किया और सरकार पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया — यह विवाद सड़क से अदालत तक पहुँचने की ओर है।

मुख्य बातें

आदित्य ठाकरे ने 28 जुलाई को जेन-Z नीट विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।
महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज छात्रों और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को निःशुल्क कानूनी सहायता देने की घोषणा।
आंदोलन नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से शुरू होकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी व इथेनॉल नीति तक फैला।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि छात्रों पर जंग लगे कीलों वाली लाठियों से हमला किया गया और एके-47 जैसे हथियारों का प्रदर्शन किया गया।
ठाकरे के अनुसार, दिल्ली सहित देशभर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और हिंसा की जिम्मेदारी सरकार पर है।

शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार, 28 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए जेन-Z विरोध प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया और घोषणा की कि महाराष्ट्र में जिन प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई या जिन्हें हिरासत में लिया गया, उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। यह आंदोलन मूलतः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग को लेकर शुरू हुआ था।

आंदोलन का विस्तार और मुद्दे

ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह प्रदर्शन शुरुआत में नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ता गया। उनके अनुसार, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, इथेनॉल नीति और सरकार की कार्यशैली जैसे विषय भी इस आंदोलन का हिस्सा बन गए। उन्होंने कहा कि छात्रों के आक्रोश की जद में केवल एक मंत्री नहीं, बल्कि सरकार के कई स्तंभ आ गए।

लाठीचार्ज और सुरक्षाबलों के कथित दुर्व्यवहार पर आरोप

ठाकरे ने आरोप लगाया कि दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर सरकार की ओर से लाठीचार्ज किया गया। उनके अनुसार, कथित तौर पर लाठियों पर जंग लगे कीले भी लगे हुए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए एके-47 जैसे हथियारों का प्रदर्शन किया गया। ठाकरे ने कहा कि वे स्वयं इस दृश्य के प्रत्यक्षदर्शी रहे और भारतीय व अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी यह मामला व्यापक रूप से उठाया गया। राष्ट्र प्रेस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

कानूनी सहायता की घोषणा

ठाकरे ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई या जिन्हें हिरासत में लिया गया, वे उन्हें ईमेल करें। उन्होंने कहा, 'हम उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।' उनके अनुसार यह सहायता इसलिए दी जाएगी क्योंकि यह आंदोलन पूरी तरह छात्र हित में था।

जेन-Z की मूल माँग क्या थी

ठाकरे के अनुसार, जेन-Z पीढ़ी की मूल माँग सीधी और स्पष्ट थी — नीट पेपर लीक में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी अपनी भूमिका और अपने इरादे स्पष्ट करना चाहती थी।

आगे क्या

यह देखना होगा कि महाराष्ट्र में गिरफ्तार छात्र इस कानूनी सहायता का लाभ उठाते हैं या नहीं, और क्या केंद्र सरकार नीट लीक मामले में किसी ठोस कार्रवाई की घोषणा करती है। नीट विवाद पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसकी केंद्रीय माँग — नीट सुधार और जवाबदेही — कमज़ोर पड़ने का खतरा है। कानूनी सहायता का वादा छात्रों के लिए राहत है, पर असली सवाल यह है कि क्या इससे नीट परीक्षा प्रणाली में कोई संरचनात्मक बदलाव आएगा — जो अब तक किसी भी दल ने ठोस रूप में नहीं रखा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य ठाकरे ने जेन-Z आंदोलन पर क्या कहा?
आदित्य ठाकरे ने जेन-Z के नीट विरोध प्रदर्शन को छात्र हित में बताया और सरकार पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आम जनता को जागरूक करने वाला रहा।
महाराष्ट्र में गिरफ्तार छात्रों को कानूनी मदद कैसे मिलेगी?
आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में जिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई या जिन्हें हिरासत में लिया गया, वे उन्हें ईमेल करें। उनकी पार्टी उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
जेन-Z आंदोलन की मूल माँग क्या थी?
यह आंदोलन मुख्यतः नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर शुरू हुआ था। बाद में इसमें अन्य मुद्दे भी जुड़ गए।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
आदित्य ठाकरे के अनुसार, दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से लाठीचार्ज किया गया और कथित तौर पर एके-47 जैसे हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नीट पेपर लीक विवाद अब किस स्तर पर है?
नीट पेपर लीक मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। जेन-Z आंदोलन इसी मामले में जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर उठा था।
राष्ट्र प्रेस
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