सावन कांवड़ यात्रा 2025: अग्नि-5 मिसाइल थीम की कांवड़ ने मचाई धूम, 'हर हर महादेव' संग गूंजे देशभक्ति के नारे
सारांश
मुख्य बातें
सावन की कांवड़ यात्रा 2025 में इस बार शिवभक्ति और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से दिल्ली के पालम की ओर बढ़ रही अग्नि-5 मिसाइल की थीम पर तैयार एक भव्य कांवड़ 8 अगस्त को मेरठ के कांवड़ मार्ग पर आकर्षण का केंद्र बनी रही। रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से जगमगाती यह विशाल कांवड़ रात के अंधेरे में दूर से ही राहगीरों का ध्यान खींच रही है।
कांवड़ की खासियत और सजावट
दिल्ली के पालम क्षेत्र के करीब 25 से 30 शिवभक्तों के दल द्वारा तैयार इस कांवड़ में अग्नि-5 मिसाइल के मॉडल के साथ 51 गोलों की प्रतिकृतियाँ, परमाणु प्रतीक और विभिन्न सैन्य उपकरणों के मॉडल सजाए गए हैं। कांवड़ दल के सदस्य राजवीर ने बताया कि इस थीम को भारतीय सेना के शौर्य और देश की रक्षा में समर्पित जवानों को श्रद्धांजलि के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष उनकी टोली ने ब्रह्मोस मिसाइल की थीम पर कांवड़ निकाली थी, और इस बार अग्नि-5 को केंद्र में रखा गया है।
दल के सदस्यों का संदेश
दल के एक अन्य सदस्य दीपांशु के अनुसार, इस थीम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सेना के गौरव और जवानों के योगदान से परिचित कराना है। उनका कहना है कि देश आज हर क्षेत्र में अपनी सामर्थ्य का प्रदर्शन कर रहा है, और यह कांवड़ उसी भावना का प्रतीक है। राजवीर ने कहा कि सेना में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना ही इस प्रस्तुति का मूल उद्देश्य है।
भारत माता थीम की कांवड़ भी आकर्षण का केंद्र
इसी यात्रा में दिल्ली के तिगरी निवासी अभिषेक भी भारत माता की थीम पर तैयार कांवड़ लेकर चल रहे हैं। उनकी कांवड़ पर भारत माता की प्रतिमा, भारत का नक्शा और दोनों ओर तिरंगे लगाए गए हैं। उनकी डीजे कांवड़ में 'यह देश है वीर जवानों का', 'मेरे देश की मिट्टी सोना उगले', 'ऐ वतन-ऐ वतन' और 'कर चले हम फिदा' जैसे देशभक्ति गीत बज रहे हैं। अभिषेक ने कहा कि उनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि है और इसी भावना के साथ उन्होंने यह कांवड़ तैयार की है।
कांवड़ मार्ग पर उत्साह और भीड़
कांवड़ मार्ग पर 'हर हर महादेव' के जयकारों के साथ देशभक्ति के गीतों की गूंज सावन की इस यात्रा को विशेष रंग दे रही है। रास्ते में खड़े स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस अनूठी कांवड़ को देखने के लिए रुक रहे हैं और मोबाइल फोन से तस्वीरें व वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। गौरतलब है कि थीम-आधारित कांवड़ों का यह चलन पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है, और इस बार सैन्य-थीम वाली कांवड़ों ने यात्रियों और दर्शकों दोनों में विशेष उत्साह जगाया है।
आस्था और राष्ट्रभक्ति का संगम
यह कांवड़ यात्रा इस बात की मिसाल बन रही है कि किस तरह धार्मिक परंपराएँ राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़कर एक नया सामाजिक संदेश दे सकती हैं। कांवड़ियों का कहना है कि शिवभक्ति और राष्ट्रभक्ति को एक साथ लेकर चलना उनका सामूहिक संकल्प है। आने वाले दिनों में यह दल हरिद्वार से पालम तक की अपनी यात्रा पूरी करेगा।