अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी: पीड़ित परिवारों का दर्द, जांच और जवाबदेही का इंतज़ार जारी
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद विमान दुर्घटना की पहली बरसी पर 12 जून 2026 को पीड़ितों के परिजन मेघानीनगर स्थित घटनास्थल पर एकत्र हुए और अपने प्रियजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 के इस हादसे में लगभग 260 लोगों की जान गई थी — और एक साल बाद भी परिवार अंतिम जांच रिपोर्ट, स्पष्ट कारण और जवाबदेही का इंतज़ार कर रहे हैं।
घटनास्थल पर उमड़ा परिजनों का दर्द
घटनास्थल पर पहुँचने वालों में काजल भी थीं, जिनके छोटे भाई आकाश की इस हादसे में मृत्यु हो गई थी। काजल ने बताया, 'जब हादसा हुआ, तो मेरा भाई वहीं सो रहा था। मैं घटनास्थल के पास ही रहती थी और जब मुझे प्लेन क्रैश की खबर मिली, तो मैं वहाँ दौड़ी — तब पता चला कि हादसा मेरी माँ के होटल के ठीक सामने हुआ था।'
काजल ने कहा कि उन्होंने तुरंत बहन और दादी को फोन किया, लेकिन शुरुआत में किसी ने उन्हें नहीं बताया कि आकाश भी इस हादसे की चपेट में आ गया है। उन्होंने बताया, 'माँ ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे समय रहते उस तक नहीं पहुँच पाईं। माँ खुद भी झुलस गई थीं।'
मुंबई परिवार ने खोए चार अपने
मुंबई निवासी सऊद मेमन ने इस हादसे में अपने चार करीबी परिजन खोए — बड़े भाई सय्यद जावेद अली, भाभी सैयद मरियम अली, भतीजे सैयद जयन अली और भतीजी सैयद अमनी अली। यह परिवार ईद मनाने भारत आया था और छुट्टियाँ बिताने के बाद लंदन वापस लौट रहा था।
मेमन ने बताया कि उन्हें हादसे की खबर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान परिचितों के फोन से मिली। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए भाई सिर्फ भाई नहीं, दोस्त और सहारा था। चार करीबी परिजनों को खोने का दर्द आज भी उतना ही गहरा है।' उन्होंने यह भी बताया कि एयरपोर्ट पर उन्होंने खुद परिवार को विदाई दी थी और अंतिम तस्वीर भी खिंचवाई थी — वह तस्वीर आज उनकी सबसे कीमती और सबसे दर्दनाक धरोहर है।
जांच की धीमी गति पर परिजनों की नाराज़गी
हादसे के शिकार एक व्यक्ति के परिवार के सदस्य गुरदीप सिंह ने कार्रवाई की धीमी गति पर गहरी निराशा जताई। उन्होंने कहा, 'हादसे को एक साल बीत चुका है लेकिन इस दिशा में कोई खास काम नहीं हुआ है।'
सऊद मेमन ने आरोप लगाया कि परिवार को अभी तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि दुर्घटना आखिर किस वजह से हुई। उन्होंने माँग की कि सरकार और जांच एजेंसियाँ जल्द से जल्द पूरी सच्चाई सामने लाएँ और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की जा चुकी है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का अभी भी इंतज़ार है। जांचकर्ता पायलट की संभावित कार्रवाई, तकनीकी खराबी और फ्यूल कट-ऑफ स्विच से जुड़े सवालों की जाँच कर रहे हैं।
मुआवज़े पर विवाद और एयर इंडिया का स्पष्टीकरण
एयर इंडिया ने उन आरोपों का खंडन किया है कि मुआवज़े के बदले कानूनी छूट (वेवर) पर हस्ताक्षर करने के लिए पीड़ित परिवारों पर दबाव डाला जा रहा है। टाटा ग्रुप की इस एयरलाइन ने कहा कि अंतिम सेटलमेंट ऑफर स्वीकार करने के लिए किसी पर भी 'बिल्कुल कोई समय सीमा या दबाव नहीं' है।
यह स्पष्टीकरण गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी की बेटी के आरोपों के बाद आया — रूपानी भी इस हादसे में मारे गए 260 लोगों में शामिल थे। उनकी बेटी ने आरोप लगाया था कि एयरलाइन मुआवज़े के दावों से जुड़े कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए परिवारों पर दबाव डाल रही है।
हादसे की पृष्ठभूमि
एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 12 जून 2025 को लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में यात्रियों, क्रू सदस्यों और ज़मीन पर मौजूद लोगों सहित लगभग 260 लोगों की जान गई थी। एक साल बाद भी पीड़ित परिवार जवाब, जवाबदेही और न्याय की प्रतीक्षा में हैं।