28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल: बचे लोग आज भी उस जगह से गुजरने से कतराते हैं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल: बचे लोग आज भी उस जगह से गुजरने से कतराते हैं

सारांश

एक साल बाद भी अहमदाबाद के मेघानीनगर का वह मंज़र नहीं भूला। 260 जानें लेने वाले इस हादसे में बाल-बाल बचे लोग आज भी उस जगह से गुज़रने से कतराते हैं, पीड़ित परिवार जाँच रिपोर्ट और न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं।

मुख्य बातें

अहमदाबाद के मेघानीनगर में हुए विमान हादसे को एक साल पूरा हो गया है; इसमें 260 लोगों की जान गई थी, जिनमें 19 ज़मीन पर मौजूद लोग शामिल थे।
मेडिकल छात्र भागीरथ चावड़ा समेत बचे लोग आज भी क्रैश स्थल के पास से गुज़रने में भय महसूस करते हैं।
विमान के दो टुकड़े हुए थे — एक 'अतुल्यम' बिल्डिंग से टकराया, दूसरा मेस की छत पर गिरा जिसमें चार छात्रों की मौत हुई।
गुंजन चौधरी की पत्नी हादसे में मारी गईं; वे दो महीने की गर्भवती थीं और लंदन जा रही थीं।
सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समीक्षा पूरी होने के बाद जाँच की अंतिम रिपोर्ट जारी होगी; पीड़ित परिवार जल्द रिपोर्ट की माँग कर रहे हैं।
पीड़ित के भाई प्रताप सिंह ने सरकार से पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता की अपील की।

अहमदाबाद के मेघानीनगर में हुए विमान हादसे को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन उस त्रासदी के ज़ख्म अभी भी ताज़े हैं। इस हादसे में 260 लोगों की जान गई थी — जिनमें 19 ज़मीन पर मौजूद लोग भी शामिल थे — और जो बाल-बाल बचे, वे आज भी उस जगह के पास से गुजरने में भय महसूस करते हैं। हर गुज़रता विमान उन्हें उस काले दिन की याद दिला देता है।

बचे लोगों की आपबीती

मेडिकल छात्र भागीरथ चावड़ा उन खुशकिस्मत लोगों में से एक हैं जो कुछ ही मिनटों के फ़र्क से मौत से बच गए थे। उन्होंने बताया कि उस जगह का नज़ारा 'दुखद और डरावना' था।

चावड़ा ने कहा, "उस वक्त मैंने मेस में खाना खत्म किया था और हॉस्टल वापस जा रहा था। तभी एक ज़ोरदार धमाका हुआ और हम सबने देखा कि क्या हो गया।" उन्होंने आगे बताया, "वहाँ पहुँचने पर पता चला कि एक प्लेन क्रैश हुआ है और वह दो हिस्सों में बँट गया है। एक हिस्सा 'अतुल्यम' बिल्डिंग से टकराया था, और दूसरा हिस्सा हमारी मेस की छत पर गिरा था, जिसमें चार छात्रों की मौत हो गई।"

उन्होंने अपना भयावह अनुभव साझा करते हुए कहा, "हम बिल्कुल सुन्न हो गए थे, समझ नहीं आ रहा था क्या करें। फिर भी हिम्मत जुटाकर फँसे लोगों को निकालने के लिए बिल्डिंग के अंदर गए। कुछ घायल थे, चार की मौत हो चुकी थी।" चावड़ा ने कहा, "अब भी उस जगह से गुज़रने में डर लगता है। जब भी कोई विमान ऊपर से निकलता है, वो पल याद आ जाता है।"

पीड़ित परिवारों की श्रद्धांजलि

हादसे की बरसी पर मेघानीनगर के क्रैश स्थल पर पीड़ितों के परिजन इकट्ठा हुए। वे प्रार्थना करने, रस्में निभाने और अपने प्रियजनों को श्रद्धांजलि देने आए थे।

गुंजन चौधरी अपनी पत्नी को श्रद्धांजलि देने पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी उनसे मिलने लंदन जा रही थीं और उस वक्त दो महीने की गर्भवती थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा, "उन्होंने दोपहर 1:38 बजे फ्लाइट में चढ़ते समय मुझे फोन किया था और कहा था कि मैं सीधे काम की जगह से लंदन एयरपोर्ट पहुँच जाऊँ।" इस नुकसान ने उनके पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।

जाँच रिपोर्ट पर सवाल

चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि जाँच की अंतिम रिपोर्ट जल्द से जल्द जारी की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि हादसे की गहन जाँच जारी है और सभी ज़रूरी अंतरराष्ट्रीय समीक्षाओं तथा विचार-विमर्श की प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

आर्थिक मदद की गुहार

एक पीड़ित के भाई प्रताप सिंह ने सरकार से अपनी पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता माँगी। उन्होंने बताया, "मैं भी आगे पढ़ना चाहता हूँ, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमज़ोर है। मेरे पिता एक फैक्ट्री में काम करते हैं। सरकार से बस यही अपील है कि हमें मदद दें।"

आगे क्या

हादसे की बरसी पर पीड़ित परिवारों की माँगें — जाँच रिपोर्ट, मुआवज़ा और पुनर्वास सहायता — फिर से सामने आई हैं। जब तक अंतिम जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती, हादसे के कारणों पर अनिश्चितता बनी रहेगी और प्रभावित परिवारों की पीड़ा जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न तो परिवारों को न्याय मिलेगा और न ही नागरिक उड्डयन सुरक्षा में सुधार की दिशा तय होगी। प्रताप सिंह जैसे परिवारों की आर्थिक बदहाली यह भी बताती है कि मुआवज़े और पुनर्वास की प्रक्रिया अभी अधूरी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद विमान हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान गई थी, जिनमें 19 ज़मीन पर मौजूद लोग भी शामिल थे। विमान के दो टुकड़े हो गए थे — एक 'अतुल्यम' बिल्डिंग से टकराया और दूसरा एक मेस की छत पर गिरा।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जाँच रिपोर्ट कब आएगी?
सरकार ने कहा है कि सभी ज़रूरी अंतरराष्ट्रीय समीक्षाओं और विचार-विमर्श की प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी। पीड़ित परिवार जल्द रिपोर्ट जारी करने की माँग कर रहे हैं।
हादसे में बचे लोगों पर क्या मनोवैज्ञानिक असर पड़ा है?
मेडिकल छात्र भागीरथ चावड़ा जैसे बचे लोग बताते हैं कि वे अब भी क्रैश स्थल के पास से गुज़रने में डर महसूस करते हैं। ऊपर से गुज़रता हर विमान उन्हें उस दिन की याद दिला देता है।
पीड़ित परिवार सरकार से क्या माँग कर रहे हैं?
पीड़ित परिवार मुख्य रूप से जाँच की अंतिम रिपोर्ट जल्द जारी करने की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के सदस्य शिक्षा और पुनर्वास के लिए सरकारी सहायता की अपील कर रहे हैं।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश कहाँ हुआ था?
यह हादसा अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में हुआ था। विमान के एक हिस्से ने 'अतुल्यम' बिल्डिंग को टक्कर मारी थी और दूसरा हिस्सा पास की एक मेस की छत पर गिरा था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले