28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी: नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने बताया कैसे संभाला था भयावह मंजर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी: नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने बताया कैसे संभाला था भयावह मंजर

सारांश

अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी पर नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने उस भयावह रात का ब्यौरा दिया — 90 से अधिक एंबुलेंस, 60 से अधिक दमकल गाड़ियाँ और तीन स्तरीय सरकारी समन्वय। अत्यधिक ईंधन ने हादसे को और विनाशकारी बनाया था।

मुख्य बातें

नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और राहत कार्य का विवरण साझा किया।
घटनास्थल पर 90 से अधिक एंबुलेंस और 60 से अधिक दमकल गाड़ियाँ तत्काल तैनात की गई थीं।
विमान एक हॉस्टल में घुस गया था; वहाँ मौजूद बच्चों सहित सभी को अस्पताल पहुँचाया गया।
केंद्र सरकार , राज्य सरकार और नगर निगम के परस्पर समन्वय से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग और परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए।
विमान में अत्यधिक ईंधन होने के कारण हादसा अधिक विनाशकारी हुआ, यह आयुक्त ने स्वयं स्वीकार किया।

अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी पर नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उस दर्दनाक रात को याद किया और बताया कि प्रशासन ने किस तरह आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ईंधन के कारण हादसा इतना भयावह हो गया था कि उसे याद कर आज भी रूह काँप जाती है।

हादसे की सूचना मिलते ही उठाए गए कदम

नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि के अनुसार, जैसे ही प्रशासन को हादसे की जानकारी मिली, तत्काल अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और इंजीनियरिंग विभाग की टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गईं। उन्होंने बताया कि इस पूरी आपातकालीन प्रक्रिया में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगर निगम तीनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। तीनों स्तरों पर परस्पर समन्वय के ज़रिए स्थिति को काबू में लाने का प्रयास किया गया।

घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर राहत तंत्र सक्रिय

पाणि ने बताया कि घटनास्थल पर 90 से अधिक एंबुलेंस और दमकल विभाग की 60 से अधिक गाड़ियाँ तैनात की गई थीं। शवों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। विमान एक हॉस्टल में जा घुसा था, जिसके कारण वहाँ मौजूद बच्चों को भी अस्पताल पहुँचाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति को संभालने में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए, यह सुनिश्चित किया गया।

पहचान और दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया

नगर आयुक्त ने बताया कि मृतकों के परिजनों को किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न हो, इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर जारी किए गए। इसके साथ ही डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया भी आरंभ की गई, ताकि सभी पीड़ितों की पहचान निर्विवाद रूप से सुनिश्चित हो सके। यह कदम उन परिवारों के लिए विशेष रूप से ज़रूरी था जो अपने प्रियजनों की पहचान को लेकर अनिश्चितता में थे।

ईंधन की अधिकता ने बढ़ाई थी भयावहता

पाणि के अनुसार, विमान में अत्यधिक मात्रा में ईंधन होने के कारण हादसा सामान्य से कहीं अधिक विनाशकारी हो गया। उन्होंने इसे एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी बताया। अग्निशमन विभाग, पुलिस और अन्य विभागों के कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर राहत कार्य को अंजाम दिया। यह हादसा अहमदाबाद के प्रशासनिक इतिहास में आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक माना जाता है।

बरसी के अवसर पर आयुक्त ने उन सभी राहत कर्मियों के साहस और समर्पण को नमन किया, जिन्होंने उस विकट घड़ी में अपनी ड्यूटी निभाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन बड़े सवालों को अनुत्तरित छोड़ता है जो एक साल बाद भी प्रासंगिक हैं — जैसे कि हादसे से पहले की सुरक्षा चूकें और विमान का हॉस्टल के इतने निकट से गुज़रना। डीएनए सैंपलिंग और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी प्रक्रियाओं का उल्लेख यह भी दर्शाता है कि पहचान की प्रक्रिया कितनी जटिल और लंबी रही। आपदा प्रबंधन की प्रशंसा के साथ-साथ जवाबदेही का सवाल भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद विमान हादसे के बाद प्रशासन ने सबसे पहले क्या किया?
हादसे की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और इंजीनियरिंग विभाग की टीमें घटनास्थल पर रवाना की गईं। घटनास्थल पर 90 से अधिक एंबुलेंस और 60 से अधिक दमकल गाड़ियाँ तैनात की गई थीं।
अहमदाबाद हादसे में हॉस्टल के बच्चों का क्या हुआ?
विमान एक हॉस्टल में जा घुसा था, जिसके कारण वहाँ मौजूद बच्चों को भी तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। नगर आयुक्त के अनुसार, यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी पीड़ित को अस्पताल पहुँचाने में देरी न हो।
पीड़ितों की पहचान कैसे की गई?
पीड़ितों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके साथ ही परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किए गए ताकि उन्हें किसी प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े।
हादसा इतना भयावह क्यों था?
नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि के अनुसार, विमान में अत्यधिक मात्रा में ईंधन होने के कारण हादसा सामान्य से कहीं अधिक विनाशकारी हो गया। उन्होंने कहा कि यह इतनी दर्दनाक त्रासदी थी कि उसे याद कर आज भी रूह काँप जाती है।
अहमदाबाद हादसे में किन विभागों ने मिलकर राहत कार्य किया?
केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगर निगम ने परस्पर समन्वय के साथ राहत कार्य को अंजाम दिया। अग्निशमन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और इंजीनियरिंग विभाग सभी एकसाथ सक्रिय रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले