अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी: नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने बताया कैसे संभाला था भयावह मंजर
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद विमान हादसे की पहली बरसी पर नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि ने जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उस दर्दनाक रात को याद किया और बताया कि प्रशासन ने किस तरह आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ईंधन के कारण हादसा इतना भयावह हो गया था कि उसे याद कर आज भी रूह काँप जाती है।
हादसे की सूचना मिलते ही उठाए गए कदम
नगर आयुक्त बंछनिधि पाणि के अनुसार, जैसे ही प्रशासन को हादसे की जानकारी मिली, तत्काल अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और इंजीनियरिंग विभाग की टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गईं। उन्होंने बताया कि इस पूरी आपातकालीन प्रक्रिया में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगर निगम तीनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। तीनों स्तरों पर परस्पर समन्वय के ज़रिए स्थिति को काबू में लाने का प्रयास किया गया।
घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर राहत तंत्र सक्रिय
पाणि ने बताया कि घटनास्थल पर 90 से अधिक एंबुलेंस और दमकल विभाग की 60 से अधिक गाड़ियाँ तैनात की गई थीं। शवों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। विमान एक हॉस्टल में जा घुसा था, जिसके कारण वहाँ मौजूद बच्चों को भी अस्पताल पहुँचाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति को संभालने में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए, यह सुनिश्चित किया गया।
पहचान और दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया
नगर आयुक्त ने बताया कि मृतकों के परिजनों को किसी भी तरह की कानूनी या प्रशासनिक अड़चन न हो, इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र समय पर जारी किए गए। इसके साथ ही डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया भी आरंभ की गई, ताकि सभी पीड़ितों की पहचान निर्विवाद रूप से सुनिश्चित हो सके। यह कदम उन परिवारों के लिए विशेष रूप से ज़रूरी था जो अपने प्रियजनों की पहचान को लेकर अनिश्चितता में थे।
ईंधन की अधिकता ने बढ़ाई थी भयावहता
पाणि के अनुसार, विमान में अत्यधिक मात्रा में ईंधन होने के कारण हादसा सामान्य से कहीं अधिक विनाशकारी हो गया। उन्होंने इसे एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी बताया। अग्निशमन विभाग, पुलिस और अन्य विभागों के कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर राहत कार्य को अंजाम दिया। यह हादसा अहमदाबाद के प्रशासनिक इतिहास में आपदा प्रबंधन की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक माना जाता है।
बरसी के अवसर पर आयुक्त ने उन सभी राहत कर्मियों के साहस और समर्पण को नमन किया, जिन्होंने उस विकट घड़ी में अपनी ड्यूटी निभाई।