अहमदाबाद विमान हादसा: पीड़िता हैतल प्रजापति बोलीं — 'एक साल बाद भी कोई जानकारी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद विमान हादसे में अपना पति खो चुकीं हैतल प्रजापति ने एक साल बाद भी जाँच की धीमी रफ्तार और प्रशासनिक उदासीनता पर गहरी नाराज़गी जताई है। वडोदरा की रहने वाली हैतल ने 11 जून 2026 को बताया कि हादसे को पूरे बारह महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो दुर्घटना के कारणों की जानकारी दी गई है और न ही जाँच की कोई ठोस प्रगति से अवगत कराया गया है।
पीड़िता का दर्द: 'सिर्फ आश्वासन मिला, कुछ नहीं'
हैतल प्रजापति ने बताया कि वे कई बार संबंधित प्रशासनिक और जाँच अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा, 'हादसे को एक साल हो चुका है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।' उनके अनुसार, जाँच में अधिकारियों का रवैया 'बेहद निराशाजनक' रहा है।
व्यक्तिगत संघर्ष का एक दर्दनाक साल
हैतल के मुताबिक, यह साल उनके लिए न केवल भावनात्मक रूप से कठिन रहा, बल्कि शारीरिक रूप से भी। 12 जनवरी को एक सड़क दुर्घटना में उनकी पीठ में गंभीर चोट आई, जिसके कारण उन्हें छह महीने तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा। इस दौरान भी उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश जारी रखी, लेकिन कोई सार्थक जवाब नहीं मिला।
कानूनी मोर्चे पर जारी है लड़ाई
हैतल ने बताया कि उन्होंने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को ईमेल भेजा है, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में एविएशन से जुड़े एक अधिकारी का वीडियो सामने आया था, जिसमें पीड़ित परिवारों को जानकारी देने का वादा किया गया था — लेकिन वह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उनके वकील उन्हें कानूनी विकल्पों से अवगत कराते हुए हर संभव सहायता दे रहे हैं।
मुआवज़ा मिला, पर सवाल बाकी हैं
पीड़िता के अनुसार, अब तक उन्हें ₹1.25 करोड़ की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। लेकिन उनकी मुख्य माँग पैसों से परे है — वे जानना चाहती हैं कि आखिर यह हादसा क्यों हुआ, इसके पीछे क्या कारण थे, और बोइंग कंपनी की इसमें क्या भूमिका रही। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि बोइंग की ओर से पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
जवाबदेही की माँग
हैतल प्रजापति का मामला उन सैकड़ों परिवारों की पीड़ा का प्रतिनिधित्व करता है जो अहमदाबाद विमान हादसे के बाद न्याय और पारदर्शिता की राह देख रहे हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब विमानन सुरक्षा और हादसों की जाँच प्रक्रिया को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। आने वाले समय में AAIB की अंतिम रिपोर्ट और बोइंग की जवाबदेही तय करना इस मामले की अगली अहम कड़ी होगी।