28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद विमान हादसा: पीड़िता हैतल प्रजापति बोलीं — 'एक साल बाद भी कोई जानकारी नहीं'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद विमान हादसा: पीड़िता हैतल प्रजापति बोलीं — 'एक साल बाद भी कोई जानकारी नहीं'

सारांश

अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल बीत गया, लेकिन पति खो चुकीं हैतल प्रजापति को अभी तक न हादसे के कारण बताए गए, न बोइंग की जवाबदेही तय हुई। ₹1.25 करोड़ का मुआवज़ा मिला, पर असली सवाल — 'क्यों हुआ यह हादसा?' — अब भी बेजवाब है।

मुख्य बातें

हैतल प्रजापति ने 11 जून 2026 को कहा कि अहमदाबाद विमान हादसे के एक साल बाद भी उन्हें जाँच की कोई जानकारी नहीं दी गई।
उन्हें अब तक ₹1.25 करोड़ की आर्थिक सहायता मिल चुकी है, लेकिन हादसे के कारण अज्ञात हैं।
पीड़िता ने AAIB को ईमेल किया, पर कोई जवाब नहीं मिला; अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए।
12 जनवरी को एक अलग दुर्घटना में पीठ में चोट लगने के कारण उन्हें छह महीने बेड रेस्ट पर रहना पड़ा।
हैतल ने सरकार से माँग की कि बोइंग कंपनी की ओर से हादसे की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

अहमदाबाद विमान हादसे में अपना पति खो चुकीं हैतल प्रजापति ने एक साल बाद भी जाँच की धीमी रफ्तार और प्रशासनिक उदासीनता पर गहरी नाराज़गी जताई है। वडोदरा की रहने वाली हैतल ने 11 जून 2026 को बताया कि हादसे को पूरे बारह महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें न तो दुर्घटना के कारणों की जानकारी दी गई है और न ही जाँच की कोई ठोस प्रगति से अवगत कराया गया है।

पीड़िता का दर्द: 'सिर्फ आश्वासन मिला, कुछ नहीं'

हैतल प्रजापति ने बताया कि वे कई बार संबंधित प्रशासनिक और जाँच अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा, 'हादसे को एक साल हो चुका है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।' उनके अनुसार, जाँच में अधिकारियों का रवैया 'बेहद निराशाजनक' रहा है।

व्यक्तिगत संघर्ष का एक दर्दनाक साल

हैतल के मुताबिक, यह साल उनके लिए न केवल भावनात्मक रूप से कठिन रहा, बल्कि शारीरिक रूप से भी। 12 जनवरी को एक सड़क दुर्घटना में उनकी पीठ में गंभीर चोट आई, जिसके कारण उन्हें छह महीने तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा। इस दौरान भी उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश जारी रखी, लेकिन कोई सार्थक जवाब नहीं मिला।

कानूनी मोर्चे पर जारी है लड़ाई

हैतल ने बताया कि उन्होंने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को ईमेल भेजा है, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में एविएशन से जुड़े एक अधिकारी का वीडियो सामने आया था, जिसमें पीड़ित परिवारों को जानकारी देने का वादा किया गया था — लेकिन वह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। उनके वकील उन्हें कानूनी विकल्पों से अवगत कराते हुए हर संभव सहायता दे रहे हैं।

मुआवज़ा मिला, पर सवाल बाकी हैं

पीड़िता के अनुसार, अब तक उन्हें ₹1.25 करोड़ की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। लेकिन उनकी मुख्य माँग पैसों से परे है — वे जानना चाहती हैं कि आखिर यह हादसा क्यों हुआ, इसके पीछे क्या कारण थे, और बोइंग कंपनी की इसमें क्या भूमिका रही। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि बोइंग की ओर से पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

जवाबदेही की माँग

हैतल प्रजापति का मामला उन सैकड़ों परिवारों की पीड़ा का प्रतिनिधित्व करता है जो अहमदाबाद विमान हादसे के बाद न्याय और पारदर्शिता की राह देख रहे हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब विमानन सुरक्षा और हादसों की जाँच प्रक्रिया को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। आने वाले समय में AAIB की अंतिम रिपोर्ट और बोइंग की जवाबदेही तय करना इस मामले की अगली अहम कड़ी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की विमानन दुर्घटना जाँच प्रणाली की संरचनात्मक कमज़ोरी का आईना है। AAIB की रिपोर्टें अक्सर वर्षों तक लंबित रहती हैं और पीड़ित परिवारों तक पहुँचती ही नहीं — यह पैटर्न नया नहीं है। बोइंग की वैश्विक जवाबदेही के सवाल पहले से ही अंतरराष्ट्रीय जाँच के घेरे में हैं, ऐसे में भारतीय पीड़ितों का चुप्पी से इंतजार करना और भी चिंताजनक है। मुआवज़ा राहत है, न्याय नहीं — और इन दोनों के बीच का फर्क मिटाने की जिम्मेदारी सरकार और विमानन नियामकों पर है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद विमान हादसे में हैतल प्रजापति कौन हैं?
हैतल प्रजापति वडोदरा की रहने वाली एक पीड़ित परिजन हैं, जिन्होंने अहमदाबाद विमान हादसे में अपना पति खोया। वे एक साल से अधिक समय से जाँच में पारदर्शिता और बोइंग की जवाबदेही की माँग कर रही हैं।
अहमदाबाद विमान हादसे की जाँच अब तक कहाँ तक पहुँची है?
पीड़िता के अनुसार, हादसे को एक साल बीत जाने के बाद भी AAIB की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। हैतल ने AAIB को ईमेल भेजा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पीड़ित परिवारों को अब तक कितना मुआवज़ा मिला है?
हैतल प्रजापति के अनुसार उन्हें अब तक ₹1.25 करोड़ की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। हालाँकि, उनकी मुख्य माँग मुआवज़े से आगे — हादसे के कारणों की पारदर्शी जानकारी — है।
बोइंग कंपनी की इस हादसे में क्या भूमिका बताई जा रही है?
पीड़िता ने सवाल उठाया है कि बोइंग कंपनी की इस हादसे में क्या गलती थी। उन्होंने सरकार से माँग की है कि बोइंग की ओर से हादसे की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
पीड़ित परिवार आगे क्या कदम उठा सकते हैं?
हैतल प्रजापति के वकील उन्हें कानूनी विकल्पों की जानकारी दे रहे हैं और हर संभव सहायता कर रहे हैं। AAIB को ईमेल के अलावा, कानूनी मार्ग से सरकार और बोइंग से जवाबदेही माँगना उनका अगला संभावित कदम है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले