विभाग बंटवारे पर अखिलेश के तंज का BJP मंत्रियों ने दिया करारा जवाब, बोले — 'SP में है अविश्वास, इसीलिए भाग रहे लोग'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार के बाद 6 नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को तंज कसा, जिसके जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मंत्रियों ने 18 मई को तीखी प्रतिक्रिया दी। मंत्रियों ने कहा कि अखिलेश यादव को दूसरों की चिंता करने से पहले अपनी पार्टी की आंतरिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
अखिलेश का तंज और उसकी पृष्ठभूमि
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा, 'अपने लोग फिस्स, आन गांव का सिद्ध।' यह टिप्पणी विभागों के बंटवारे में कथित तौर पर बाहरी या नए चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने के संदर्भ में की गई। यह ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की संवैधानिक सीमा को पूरा करने के लिए नए मंत्रियों को शामिल किया है।
मंत्री सोमेंद्र तोमर की प्रतिक्रिया
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सोमेंद्र तोमर ने कहा, 'भाजपा पूरे उत्तर प्रदेश की चिंता कर रही है — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। अखिलेश यादव सिर्फ अपनी पार्टी की चिंता करें और अपने लोगों को विश्वास में रखें, क्योंकि समाजवादी पार्टी में अविश्वास की स्थिति है — इसी कारण लोग भाग रहे हैं।'
विभागों के बंटवारे पर तोमर ने कहा, 'मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और नेतृत्व में उनके सभी दिशा-निर्देशों के आधार पर हम कार्य करेंगे। जो भी दायित्व मिला है, उसका ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।'
मंत्री ओपी राजभर का बयान
मंत्री ओपी राजभर ने कैबिनेट विस्तार को संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, 'सरकार ने 60 मंत्रियों की संवैधानिक व्यवस्था को पूरा किया है और सभी को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।' राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इतना परेशान था कि उनकी नींद और भूख उड़ गई थी, लेकिन अब वे उस चिंता से मुक्त हो गए हैं।
मंत्री मनोज पांडे की प्रतिक्रिया
नवनियुक्त मंत्री मनोज पांडे ने पहली कैबिनेट बैठक में शामिल होने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा, 'पहली कैबिनेट में शामिल होने का शुभ अवसर प्राप्त हो रहा है। मैं इसके लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।'
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कैबिनेट विस्तार और विभागों का बंटवारा राजनीतिक रूप से संवेदनशील कदम माना जा रहा है। BJP और समाजवादी पार्टी के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।