यदि सरकारी स्कूल इतने अच्छे हैं, तो 'आप' के विधायक अपने बच्चों को वहां क्यों नहीं भेजते: अमरिंदर सिंह
सारांश
Key Takeaways
- अमरिंदर सिंह ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।
- पंजाब में सिर्फ एक 'आप' विधायक का बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ रहा है।
- जनता सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर वादों की पूर्ति जानना चाहती है।
चंडीगढ़, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोमवार को भगवंत मान सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने यह आरोप लगाया कि जो नेता सत्ता में आने से पहले सरकारी स्कूलों की प्रशंसा करते थे, वे अब अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायकों से सवाल भी किए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों को किस स्कूल में पढ़ाना है, यह किसी भी माता-पिता का व्यक्तिगत निर्णय होता है और इसमें किसी को दखल नहीं देना चाहिए। परिवार अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लेते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी के नेता विपक्षी नेताओं से बार-बार यही सवाल पूछा करते थे कि यदि सरकारी स्कूल इतने उत्कृष्ट हैं, तो उनके बच्चे वहां क्यों नहीं पढ़ते।
उन्होंने कहा कि अब स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है। हाल ही में एक अध्ययन से पता चला है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के केवल एक विधायक के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं। राजा वारिंग ने सवाल उठाया कि यदि सरकार के अनुसार राज्य के सरकारी स्कूल सच में 'मॉडल स्कूल' बन चुके हैं, तो फिर अधिकतर आम आदमी पार्टी के नेता अपने बच्चों को वहीं क्यों नहीं भेजते?
उनका कहना है कि पंजाब के लोग किसी की व्यक्तिगत पसंद पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि जिन वादों और दावों की चर्चा पहले की गई थी, क्या वे वास्तव में पूरे हो रहे हैं?
उन्होंने कहा कि जब कोई पार्टी चुनाव से पहले किसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाती है और सत्ता में आने के बाद खुद उसी दिशा में नहीं चलती, तो जनता में प्रश्न उठना स्वाभाविक है। यही कारण है कि अब पंजाब के लोग सरकार से जवाब मांग रहे हैं।