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अंबुबाची महायोग 2026: कामाख्या मंदिर में 8 लाख श्रद्धालुओं के लिए असम की व्यापक तैयारी

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अंबुबाची महायोग 2026: कामाख्या मंदिर में 8 लाख श्रद्धालुओं के लिए असम की व्यापक तैयारी

सारांश

नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर में अंबुबाची महायोग 2026 का आगाज़ हो रहा है — 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आमद के बीच असम सरकार ने आश्रय शिविर, सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को इस दुर्लभ तांत्रिक पर्व में भाग लेने का निमंत्रण दिया है।

मुख्य बातें

कामाख्या मंदिर , गुवाहाटी में अंबुबाची महायोग 2026 शुरू; 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया।
कामाख्या रेलवे स्टेशन और पांडु नदी तट पर तीन प्रमुख शिविर; नाहेबती में पुलिस शिविर स्थापित।
मंदिर का मुख्य मार्ग सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे IST तक खुला रहेगा।
आयोजन के दौरान मंदिर तीन दिन बंद रहेगा, विशेष अनुष्ठानों के बाद पुनः खुलेगा।

कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी में अंबुबाची महायोग 2026 के आगमन के साथ असम सरकार ने चार दिवसीय इस महाआयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली हैं। नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित इस ऐतिहासिक शक्तिपीठ में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुँचने की उम्मीद है, जो भारत और विदेश से इस दुर्लभ तांत्रिक पर्व में भाग लेने आएंगे।

मुख्यमंत्री का आमंत्रण

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अंबुबाची महायोग 2026 में भाग लेने का हार्दिक निमंत्रण दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर कामाख्या मंदिर दुनिया भर से आने वाले तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए सुशोभित है। उन्होंने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और प्रकृति के इस अनूठे संगम का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएँ

अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। कामाख्या रेलवे स्टेशन और पांडु नदी तट पर तीन प्रमुख आश्रय शिविर स्थापित किए गए हैं, जबकि पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के लिए नाहेबती में एक अलग शिविर बनाया गया है। भीड़ प्रबंधन के उन्नत उपाय भी लागू किए गए हैं।

सरकार ने घोषणा की है कि मंदिर तक जाने वाला मुख्य मार्ग श्रद्धालुओं के लिए सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे IST तक खुला रहेगा, जिससे सुगम आवागमन और नियंत्रित प्रवेश सुनिश्चित हो सके।

अंबुबाची महायोग का धार्मिक महत्व

अंबुबाची महायोग देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म का प्रतीक माना जाता है और इसे देश के सबसे महत्वपूर्ण तांत्रिक पर्वों में से एक की मान्यता प्राप्त है। इस अवधि में मंदिर तीन दिनों तक बंद रहता है और विशेष अनुष्ठानों के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोला जाता है। यह आयोजन पूर्वी भारत के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में गिना जाता है, जो संतों, साधुओं, तांत्रिक साधकों और सामान्य तीर्थयात्रियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

सुरक्षा और आधारभूत सुविधाएँ

त्योहार के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ और परिवहन प्रबंधन को सुदृढ़ किया गया है। नीलाचल पहाड़ियाँ इन दिनों आस्था और भक्ति के जीवंत केंद्र में रूपांतरित हो जाती हैं, जहाँ लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक शक्तिपीठ में आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना असम सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 8 लाख श्रद्धालुओं का दबाव नीलाचल पहाड़ियों जैसी संवेदनशील पारिस्थितिकी पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। सरकार की तैयारियाँ सराहनीय हैं, किंतु भीड़ प्रबंधन की असली परीक्षा उन घंटों में होगी जब मंदिर पुनः खुलेगा और लाखों श्रद्धालु एक साथ दर्शन की होड़ में होंगे। पिछले वर्षों में भगदड़ और अव्यवस्था की घटनाएँ बताती हैं कि केवल शिविर लगाना पर्याप्त नहीं — डिजिटल टोकन प्रणाली और रियल-टाइम भीड़ निगरानी जैसे उपाय अभी भी इस आयोजन में अनुपस्थित हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबुबाची महायोग 2026 क्या है और यह कब होता है?
अंबुबाची महायोग देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म का प्रतीक पर्व है, जो प्रतिवर्ष आषाढ़ माह में गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या मंदिर में मनाया जाता है। यह चार दिवसीय आयोजन देश के सबसे महत्वपूर्ण तांत्रिक पर्वों में से एक माना जाता है।
अंबुबाची मेले में कितने श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है?
असम सरकार के अनुसार इस वर्ष 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कामाख्या मंदिर पहुँचने की उम्मीद है। ये तीर्थयात्री भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेश से भी आते हैं।
अंबुबाची के दौरान कामाख्या मंदिर कितने दिन बंद रहता है?
अंबुबाची महायोग के दौरान कामाख्या मंदिर तीन दिनों तक बंद रहता है। विशेष अनुष्ठानों के पश्चात मंदिर पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है, जिसे 'अपर्णा' कहते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का मुख्य मार्ग किस समय खुला रहेगा?
सरकार की घोषणा के अनुसार मंदिर तक जाने वाला मुख्य मार्ग श्रद्धालुओं के लिए सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे IST तक खुला रहेगा। यह व्यवस्था सुगम आवागमन और नियंत्रित प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
असम सरकार ने अंबुबाची मेले के लिए क्या विशेष इंतज़ाम किए हैं?
सरकार ने कामाख्या रेलवे स्टेशन और पांडु नदी तट पर तीन प्रमुख आश्रय शिविर स्थापित किए हैं तथा नाहेबती में पुलिस के लिए अलग शिविर बनाया गया है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ और परिवहन प्रबंधन को भी सुदृढ़ किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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