27 जून 2026
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अंबुबाची महायोग 2026: कामाख्या मंदिर में 8 लाख से अधिक श्रद्धालु, CM हिमंत ने बताया ऐतिहासिक संगम

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अंबुबाची महायोग 2026: कामाख्या मंदिर में 8 लाख से अधिक श्रद्धालु, CM हिमंत ने बताया ऐतिहासिक संगम

सारांश

अंबुबाची महायोग 2026 में कामाख्या मंदिर ने इतिहास रचा — 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस शक्तिपीठ की बढ़ती राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे असम की आध्यात्मिक शक्ति का सजीव उदाहरण बताया।

मुख्य बातें

अंबुबाची महायोग 2026 के दौरान कामाख्या मंदिर में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे इस वार्षिक आयोजन के इतिहास की सबसे बड़ी भीड़ में से एक बताया।
परंपरा के अनुसार मंदिर तीन दिनों तक बंद रहा; चौथे दिन विशेष अनुष्ठानों के बाद कपाट खुले।
असम सरकार ने सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और ठहरने की व्यापक व्यवस्था की।
रिकॉर्ड उपस्थिति से असम के धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 27 जून 2026 को घोषणा की कि इस वर्ष अंबुबाची महायोग के पावन अवसर पर गुवाहाटी स्थित नीलाचल पहाड़ियों पर विराजमान प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस उपस्थिति को असम की आध्यात्मिक विरासत और सनातन परंपरा की सजीव अभिव्यक्ति करार दिया।

मुख्यमंत्री का संदेश

सरमा ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'जय मां कामाख्या। अंबुबाची महायोग 2026 के पावन अवसर पर 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने मां कामाख्या धाम को आस्था के विराट संगम में बदल दिया है।' उन्होंने यह भी कहा, 'मां के चरणों में उमड़ रही यह असीम श्रद्धा असम की आध्यात्मिक शक्ति और सनातन परंपरा की अमर चेतना का सजीव प्रमाण है।'

मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए एक ग्राफिक के अनुसार, नीलाचल पहाड़ियों पर पहुँची यह भीड़ इस वार्षिक धार्मिक आयोजन के इतिहास में सबसे बड़ी मानी जा रही है।

अंबुबाची महायोग का महत्व

अंबुबाची महायोग देश के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित 51 शक्तिपीठों में से एक कामाख्या मंदिर का प्रमुख वार्षिक धार्मिक उत्सव है। यह पर्व देवी कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल की प्रतीकात्मक मान्यता से जुड़ा है। परंपरा के अनुसार इस अवधि में मंदिर तीन दिनों तक बंद रहता है और चौथे दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोले जाते हैं।

गौरतलब है कि यह उत्सव हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों, तपस्वियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है, जो इसे भारत के सबसे बड़े तांत्रिक एवं शाक्त धार्मिक आयोजनों में शुमार करता है।

सरकारी प्रबंधन और व्यवस्था

असम सरकार ने इस वर्ष के आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यापक व्यवस्था की थी। विभिन्न सरकारी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ बड़ी संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन सुनिश्चित किए।

धार्मिक पर्यटन पर असर

सरकार का मानना है कि इस बार श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड उपस्थिति ने असम में धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान की है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार असम को एक प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। अंबुबाची महायोग की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान इस वर्ष और अधिक सुदृढ़ हुई है।

आगामी वर्षों में इस आयोजन के और विस्तृत होने की संभावना है, क्योंकि राज्य सरकार बुनियादी ढाँचे और श्रद्धालु-सुविधाओं में निवेश जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार की अवसंरचना इस पैमाने के लिए वास्तव में तैयार थी — भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ और परिवहन कनेक्टिविटी अक्सर बड़े धार्मिक आयोजनों में कमज़ोर कड़ी साबित होती हैं। मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया घोषणा आस्था और राजनीतिक ब्रांडिंग दोनों का मिश्रण है, जो असम को 'आध्यात्मिक पर्यटन हब' के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश हो, न कि केवल वार्षिक आयोजन के दौरान अस्थायी इंतज़ाम।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबुबाची महायोग क्या है और यह क्यों मनाया जाता है?
अंबुबाची महायोग कामाख्या मंदिर का प्रमुख वार्षिक धार्मिक उत्सव है, जो देवी कामाख्या के वार्षिक रजस्वला काल की प्रतीकात्मक मान्यता से जुड़ा है। इस दौरान मंदिर तीन दिनों तक बंद रहता है और चौथे दिन विशेष अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है।
2026 में अंबुबाची महायोग में कितने श्रद्धालु पहुँचे?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, 2026 के अंबुबाची महायोग में 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कामाख्या मंदिर में दर्शन किए, जो इस आयोजन के इतिहास में सबसे बड़ी भीड़ में से एक मानी जा रही है।
कामाख्या मंदिर कहाँ स्थित है?
कामाख्या मंदिर असम की राजधानी गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित है। यह भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है और देश के सबसे प्राचीन एवं प्रतिष्ठित तांत्रिक-शाक्त मंदिरों में गिना जाता है।
असम सरकार ने इस आयोजन के लिए क्या व्यवस्थाएँ कीं?
असम सरकार ने अंबुबाची महायोग 2026 के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यापक व्यवस्था की। विभिन्न सरकारी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ बड़ी संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन सुनिश्चित किए।
अंबुबाची महायोग का असम के पर्यटन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
सरकार के अनुसार, इस वर्ष की रिकॉर्ड श्रद्धालु संख्या ने असम में धार्मिक पर्यटन को नई गति दी है और कामाख्या मंदिर की राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मज़बूत किया है। यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था, होटल, परिवहन और व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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