8 अगस्त 2026
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अमित शाह ने कोल्हापुर में अंबाबाई मंदिर विकास परियोजना का शिलान्यास किया, ₹1,500 करोड़ की योजना

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अमित शाह ने कोल्हापुर में अंबाबाई मंदिर विकास परियोजना का शिलान्यास किया, ₹1,500 करोड़ की योजना

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में ₹1,500 करोड़ की अंबाबाई मंदिर विकास परियोजना का शिलान्यास किया — काशी और महाकाल के बाद यह केंद्र की धार्मिक-पर्यटन रणनीति की अगली कड़ी है। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे भी मौजूद रहे।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 20 जून 2026 को कोल्हापुर में अंबाबाई (महालक्ष्मी) मंदिर विकास परियोजना का शिलान्यास किया।
परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,500 करोड़ है; इसमें नए प्रदक्षिणा मार्ग और परिवार देवता मंदिर का जीर्णोद्धार शामिल है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समारोह में उपस्थित रहे।
शाह ने पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में विकास और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के संगम की सराहना की।
परियोजना को कोल्हापुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 20 जून 2026 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित प्रसिद्ध करवीर निवासिनी अंबाबाई (महालक्ष्मी) मंदिर के विकास कार्यों का औपचारिक शिलान्यास किया। ₹1,500 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में नए प्रदक्षिणा मार्ग (प्रदक्षिणा पथ) का निर्माण और परिवार देवता मंदिर का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जाएगा।

शिलान्यास समारोह में कौन-कौन रहे उपस्थित

इस अवसर पर अमित शाह की धर्मपत्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं। समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी भाग लिया। तीनों नेताओं ने माता महालक्ष्मी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं निरीक्षण किया।

अमित शाह ने क्या कहा

शिलान्यास के अवसर पर अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र की पवित्र भूमि और माता अंबाबाई के धाम कोल्हापुर में एक ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा, 'यह वही करवीर नगरी है, जहाँ माता अंबाबाई सदियों से विराजमान हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार और भव्य कॉरिडोर निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इससे कोल्हापुर, महाराष्ट्र और देशभर में माता अंबाबाई के करोड़ों भक्तों में खुशी, उत्साह और भक्ति का अद्भुत माहौल बना है।'

मोदी सरकार की विरासत संरक्षण नीति से जोड़ा

शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का अनूठा संगम देखा है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को भी नई पहचान मिली है।' यह परियोजना ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल महालोक जैसी बड़ी धार्मिक-पर्यटन परियोजनाओं की सफलता के बाद अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कोल्हापुर की धार्मिक और पर्यटन पहचान पर असर

गौरतलब है कि अंबाबाई (महालक्ष्मी) मंदिर महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में से एक है और प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। इस परियोजना को कोल्हापुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर अवसंरचना से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार को भी बल मिलेगा।

आगे क्या होगा

परियोजना के तहत प्रदक्षिणा पथ निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएँगे। राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, कार्यों की निगरानी के लिए एक समर्पित समिति गठित की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कोल्हापुर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित किए जाने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 करोड़ की यह परियोजना निश्चित रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था और श्रद्धालु-पर्यटन को बल देगी, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता की होगी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में महायुति सरकार के लिए यह परियोजना धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ राजनीतिक लाभांश भी लेकर आती है — ऐसे में स्वतंत्र निगरानी तंत्र की अनुपस्थिति एक अनुत्तरित प्रश्न बनी हुई है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोल्हापुर अंबाबाई मंदिर विकास परियोजना क्या है?
यह ₹1,500 करोड़ की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका शिलान्यास 20 जून 2026 को गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इसके तहत कोल्हापुर के करवीर निवासिनी अंबाबाई (महालक्ष्मी) मंदिर में नए प्रदक्षिणा मार्ग का निर्माण और परिवार देवता मंदिर का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जाएगा।
इस परियोजना में कितना खर्च होगा और इसे कौन वित्त पोषित करेगा?
परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,500 करोड़ बताई गई है। यह कार्य महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसकी निगरानी के लिए एक समर्पित समिति गठित किए जाने की योजना है।
शिलान्यास समारोह में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह , महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उपस्थित रहे। तीनों नेताओं ने माता महालक्ष्मी के दर्शन कर पूजा-अर्चना भी की।
इस परियोजना से कोल्हापुर को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना से कोल्हापुर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है। बेहतर अवसंरचना से प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं रोज़गार को भी बल मिलने की संभावना है।
क्या यह परियोजना काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसी है?
यह परियोजना उसी केंद्रीय रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है जिसके तहत काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल महालोक जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों का आधुनिकीकरण किया गया। अंबाबाई मंदिर महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में से एक है और इसका विकास उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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