31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद बैठक: अमित शाह करेंगे अध्यक्षता, 6 राज्यों के CM कोवलम में जुटेंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार शाम चेन्नई पहुँचेंगे और गुरुवार को चेंगलपट्टू जिले के कोवलम में 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। 2022 के बाद पहली बार हो रही इस उच्चस्तरीय बैठक में दक्षिण भारत के पाँच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्री भाग लेंगे।
कौन-कौन होगा शामिल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इस बैठक में मेज़बान की भूमिका निभाएँगे। उनके साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा सभी भाग लेने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य सचिव, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे।
गृह मंत्री का कार्यक्रम
गृह मंत्री शाह नई दिल्ली से शाम 4.50 बजे IST एक विशेष विमान से रवाना होंगे और शाम 7.40 बजे IST चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे। हवाई अड्डे पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पदाधिकारी उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से ईस्ट कोस्ट रोड स्थित कोवलम के एक लग्ज़री होटल जाएँगे, जहाँ वे रात भर रुककर गुरुवार की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
एजेंडे में क्या है
बैठक में राज्यों के बीच सहयोग, आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढाँचे का विस्तार, जल-बँटवारे की व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा अपेक्षित है। अपराध नियंत्रण के उपाय, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय और सीमा-विवादों के समाधान के मुद्दे भी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल होने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब कावेरी नदी के जल-बँटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच मतभेद जारी हैं — उम्मीद है कि यह मंच दोनों राज्यों को केंद्र की देखरेख में अपना पक्ष रखने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देगा।
तीन साल बाद क्यों है यह बैठक खास
गौरतलब है कि 2022 के बाद से दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की कोई बैठक नहीं हुई थी, जिससे तीन वर्षों के लंबित मुद्दे इस सम्मेलन की मेज़ पर आने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्रालय आमतौर पर राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान के लिए इस परिषद की बैठक बुलाता है। अधिकारियों के परिषद की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और उन मुद्दों की पहचान करने की भी संभावना है जिन पर केंद्र व राज्य सरकारों को मिलकर काम करने की ज़रूरत है।
सुरक्षा व्यवस्था
चेन्नई हवाई अड्डे, गृह मंत्री के काफिले के मार्ग और सम्मेलन स्थल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। ईस्ट कोस्ट रोड पर महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात है और यातायात व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यह बैठक दक्षिण भारत के राज्यों और केंद्र के बीच संबंधों की नई दिशा तय करने का अवसर बन सकती है।