करनाल में अमित शाह का राहुल गांधी को चैलेंज: 'हिम्मत है तो संसद में आकर चर्चा करो'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 नवंबर 2026 को हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के समापन समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला और उन्हें संसद में आकर चर्चा करने की खुली चुनौती दी। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हार के लिए चुनाव आयोग को दोष देते हैं, जो उनकी 'बौखलाहट' का प्रमाण है।
पदयात्रा का समापन और रैली का संदेश
अमित शाह ने कहा कि 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर के सभी मुख्यालयों पर यह पदयात्रा आयोजित की गई और हर स्थान पर भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुनकर कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दे दिया है।
चुनावी हारों का हिसाब-किताब
शाह ने राज्यवार चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में BJP ने जीत दर्ज की, महाराष्ट्र में कांग्रेस का 'सूपड़ा साफ' हुआ, दिल्ली में तीन दशक बाद BJP ने सरकार बनाई और पश्चिम बंगाल में भी परिणाम BJP के पक्ष में रहे। उन्होंने कहा कि बिहार, असम और पुडुचेरी में भी BJP की सरकार है। गौरतलब है कि शाह ने यह सब आँकड़े राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' और हालिया रैलियों के संदर्भ में प्रस्तुत किए।
संसद बनाम सड़क: शाह की सीधी चुनौती
अमित शाह ने कहा कि 'लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोपरि स्थान है' और राहुल गांधी संसद नहीं चलने देते, शोर-शराबा और बहिष्कार को 'कांग्रेस का कल्चर' बना चुके हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अगर राहुल गांधी SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पर चर्चा चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखें — सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सड़क पर बहस करनी है, तो BJP युवा मोर्चा का अध्यक्ष हरियाणा के किसी चौराहे पर आकर राहुल गांधी से चर्चा करेगा।
SIR और 'घुसपैठिया' विवाद
शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि वह 'घुसपैठियों के नाम बचाना' चाहती है। उन्होंने कहा कि BJP का संकल्प है कि घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाकर देश से बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में SIR नहीं थी, तब भी कांग्रेस हारी — ऐसे में आयोग पर आरोप तर्कसंगत नहीं।
कांग्रेस की घटती विधायक संख्या का उल्लेख
अमित शाह ने कहा कि 2007 में जब राहुल गांधी कांग्रेस के महासचिव बने, तब पार्टी के 1,200 विधायक थे। उपाध्यक्ष बनने पर यह संख्या 900 रह गई, अध्यक्ष बनने पर 700 और 2022 में 'भारत जोड़ो यात्रा' के बाद 600 से भी कम। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि मोदी के सत्ता में आने के बाद से BJP के विधायकों और सांसदों की संख्या लगातार बढ़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब 1 नवंबर को कांग्रेस की दिल्ली रैली को लेकर दोनों दलों के बीच तीखी नोकझोंक जारी है।