अमित शाह ने अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक दावेदारी की समीक्षा की, 2029 और 2030 के आयोजनों की तैयारी तेज
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी और 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स तथा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों का जायज़ा लिया गया। बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहे।
बैठक में क्या हुआ
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, 'मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करके भारत को खेलों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।' उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में तीनों प्रमुख आयोजनों — 2036 ओलंपिक, 2029 पुलिस एंड फायर गेम्स और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स — की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अहमदाबाद की मेजबानी की पृष्ठभूमि
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने नवंबर 2025 में ग्लासगो में आयोजित अपनी आम सभा में अहमदाबाद को शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के मेजबान के रूप में औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी। 2030 का यह संस्करण 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में आयोजित पहले कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगा। गौरतलब है कि 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स के लिए भारत को पिछले साल जून में मेजबान देश चुना गया था, और अहमदाबाद को आयोजन स्थल के रूप में तय किया गया था।
बुनियादी ढाँचे पर फोकस
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने अप्रैल में अहमदाबाद और नई दिल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी स्टेडियम, महात्मा मंदिर और वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और गुजरात व केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ चर्चा की। शाह ने पहले कहा था कि इन आयोजनों के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाएँ भविष्य में एथलीटों के प्रशिक्षण बुनियादी ढाँचे के रूप में भी काम आएंगी।
ग्लासगो से अहमदाबाद तक
यह समीक्षा बैठक ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के ठीक बाद हुई, जहाँ भारत ने स्कॉटलैंड के साथ संयुक्त रूप से चौथा स्थान हासिल किया और 13 स्वर्ण पदक समेत कुल 29 पदक जीते। ग्लासगो ने अब 2030 के शताब्दी संस्करण की ज़िम्मेदारी औपचारिक रूप से अहमदाबाद को सौंप दी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी खेल कूटनीति को एक नई रणनीतिक दिशा देने में जुटा है।
आगे क्या
सरकार अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल सुविधाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की क्रमबद्ध मेजबानी — 2029, 2030 और संभावित 2036 — को भारत के दीर्घकालिक ओलंपिक लक्ष्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।