31 अक्टूबर 2026
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सरदार पटेल की 151वीं जयंती: अमित शाह बोले — 1,218 दिनों में अखंड भारत बनाना था असंभव, पटेल ने कर दिखाया

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सरदार पटेल की 151वीं जयंती: अमित शाह बोले — 1,218 दिनों में अखंड भारत बनाना था असंभव, पटेल ने कर दिखाया

सारांश

सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर गृह मंत्री अमित शाह ने याद दिलाया कि 1,218 दिनों में अखंड भारत की रचना असाधारण थी। साथ ही उन्होंने 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प दोहराया और विकसित भारत की नींव में एकता को केंद्रीय तत्व बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस पर 'एकता दौड़' को संबोधित किया।
शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने आज़ादी के 1,218 दिनों में रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की रचना की।
उन्होंने 31 दिसंबर 2029 तक देश को संपूर्ण नशामुक्त करने का आह्वान किया।
31 मार्च 2026 को देश के नक्सलवाद से मुक्त होने की घोषणा का उल्लेख किया गया।
PM मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से पुलिस परेड की सलामी ली और शाम 4:30 बजे राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
शाह ने कांग्रेस पर दशकों तक सरदार पटेल को उचित सम्मान न देने का आरोप लगाया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित 'एकता दौड़' को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने आज़ादी के महज 1,218 दिनों में वह कर दिखाया जिसे दुनियाभर के राजनीतिक विशेषज्ञ असंभव मान रहे थे — एक अखंड, एकीकृत भारत का निर्माण। सरदार पटेल की 151वीं जयंती के इस राष्ट्रीय पर्व पर शाह ने उन्हें आधुनिक भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक एकता का वास्तुकार बताया।

सरदार पटेल की विरासत और राष्ट्रीय एकता

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तब अंतरराष्ट्रीय जगत की राय थी कि यह देश बिखर जाएगा। उन्होंने कहा, 'सरदार पटेल ने आज़ादी के बाद सिर्फ 1,218 दिनों में वह करके दिखाया, जो सबको असंभव लगता था।' रियासतों के एकीकरण का यह ऐतिहासिक कार्य न केवल राजनीतिक उपलब्धि था, बल्कि यह उस संकल्पशक्ति का प्रमाण था जिसने आज के अखंड भारत की नींव रखी।

शाह ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हर युवा के लिए त्याग और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा है। उन्होंने भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता को देश की कमज़ोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत बताया — और कहा कि यही सरदार पटेल का मूल संदेश था।

राष्ट्रीय एकता दिवस और मोदी सरकार की पहल

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद से सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इस विशालकाय प्रतिमा के ज़रिए सरदार पटेल के व्यक्तित्व को पूरे देश के सामने प्रस्तुत किया, जबकि कांग्रेस ने दशकों तक उन्हें भुलाने का काम किया।

शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि धारा 370 की समाप्ति, नक्सलवाद का उन्मूलन, जीएसटी के रूप में एक देश-एक कर प्रणाली — ये सभी उसी एकता की भावना के विस्तार हैं जो सरदार पटेल ने स्थापित की थी।

नशामुक्त भारत का आह्वान

अमित शाह ने इस अवसर पर घोषणा की कि 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त हो गया और अब अगला लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक देश को संपूर्ण रूप से नशे से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना का पहला चरण नशामुक्त भारत है और इसके लिए देशभर के नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है।

शाह ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कल्पना का श्रेय भी सरदार पटेल को दिया और कहा कि आज मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान उसी दिशा में भारत को वैश्विक मंच पर अग्रणी स्थान की ओर ले जा रहे हैं।

एकता दौड़ और शपथ समारोह

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से देशभर की पुलिस की परेड की सलामी ली और शाम 4:30 बजे राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। देश के विभिन्न हिस्सों में एकता दौड़ का आयोजन किया गया। संबोधन के अंत में गृह मंत्री शाह ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।

गौरतलब है कि यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार 2029 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सक्रिय प्रचार-प्रसार में जुटी है — और सरदार पटेल की विरासत को उस राष्ट्रनिर्माण की कथा से जोड़ा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

218 दिनों की उपलब्धि का श्रेय सर्वदलीय राष्ट्रीय नेतृत्व को जाता है, न किसी एक दल को — जो इस भाषण में अनुल्लिखित रहा। नशामुक्त भारत के लक्ष्य की समयसीमा 2029 रखी गई है, लेकिन इसके क्रियान्वयन का ढाँचा और मापन-तंत्र स्पष्ट नहीं है। विकसित भारत के हर चरण को सरदार पटेल की विरासत से जोड़ने की यह प्रवृत्ति प्रेरणास्पद तो है, लेकिन इसके लिए जवाबदेही के ठोस पैमाने भी उतने ही ज़रूरी हैं।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय एकता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मान्यता दी गई, ताकि सरदार पटेल के देश-एकीकरण के योगदान को राष्ट्रीय स्मृति में स्थायी स्थान मिले।
अमित शाह ने 1,218 दिनों का उल्लेख क्यों किया?
अमित शाह ने यह संख्या इसलिए उद्धृत की क्योंकि सरदार पटेल ने आज़ादी के बाद लगभग 1,218 दिनों के भीतर देश की सैकड़ों रियासतों का भारत में विलय सुनिश्चित किया। उन्होंने इसे उस असंभव कार्य के रूप में वर्णित किया जिसे उस समय के अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक अव्यावहारिक मानते थे।
नशामुक्त भारत की समयसीमा क्या है और इसकी घोषणा किसने की?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक देश को संपूर्ण रूप से नशे से मुक्त करना है। उन्होंने इसे विकसित भारत के पहले चरण के रूप में परिभाषित किया।
शाह ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक सरदार पटेल को उचित सम्मान नहीं दिया और उनके योगदान को भुलाने का काम किया। उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण को इस उपेक्षा के प्रतिकार के रूप में प्रस्तुत किया।
एकता दौड़ में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थल से देशभर की पुलिस की परेड की सलामी ली और शाम 4:30 बजे राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। देशभर में एकता दौड़ का आयोजन किया गया और गृह मंत्री शाह ने नई दिल्ली में उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।
राष्ट्र प्रेस
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