30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमरावती में एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी को डीजीसीए की मंजूरी, 34 विमानों के बेड़े से पायलट प्रशिक्षण को मिलेगा नया आधार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमरावती में एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी को डीजीसीए की मंजूरी, 34 विमानों के बेड़े से पायलट प्रशिक्षण को मिलेगा नया आधार

सारांश

एयर इंडिया को अमरावती के बेलोरा एयरपोर्ट पर देश की पहली एयरलाइन-संचालित फ्लाइंग अकादमी के लिए DGCA की मंजूरी मिल गई है। 34 प्रशिक्षण विमानों और आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस यह अकादमी भारत की बढ़ती पायलट की मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

DGCA ने एयर इंडिया की अमरावती, महाराष्ट्र स्थित बेलोरा एयरपोर्ट पर फ्लाइंग अकादमी को मंजूरी दी।
यह किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा स्थापित अपनी तरह की पहली फ्लाइंग अकादमी है।
अकादमी में 31 सिंगल-इंजन और 3 ट्विन-इंजन समेत कुल 34 प्रशिक्षण विमानों का बेड़ा होगा।
परिसर 10 एकड़ में फैला है; डिजिटल कक्षाएँ, छात्र आवास, ऑपरेशन सेंटर और मेंटेनेंस सुविधा उपलब्ध होगी।
यह अकादमी गुरुग्राम स्थित एयर इंडिया के 6 लाख वर्ग फुट के प्रशिक्षण केंद्र — दक्षिण एशिया के सबसे बड़े — की पूरक बनेगी।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया की महाराष्ट्र के अमरावती स्थित बेलोरा एयरपोर्ट पर स्थापित फ्लाइंग अकादमी को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा स्थापित अपनी तरह की पहली फ्लाइंग अकादमी बताई जा रही है, जो देश में पायलट प्रशिक्षण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।

अकादमी में क्या है खास

10 एकड़ क्षेत्र में फैली इस आधुनिक अकादमी में 31 सिंगल-इंजन और 3 ट्विन-इंजन विमानों समेत कुल 34 प्रशिक्षण विमानों का बेड़ा संचालित किया जाएगा। यहाँ डिजिटल तकनीक से सुसज्जित कक्षाएँ, प्रशिक्षु पायलटों के लिए आवास सुविधा, डिजिटल ऑपरेशन सेंटर और एक समर्पित मेंटेनेंस इकाई भी स्थापित की गई है।

एयर इंडिया के अनुसार, अकादमी में सुरक्षा और परिचालन उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षु पायलटों को वैश्विक स्तर का अनुभव मिल सके।

गुरुग्राम अकादमी का पूरक बनेगी यह संस्था

यह नई फ्लाइंग अकादमी गुरुग्राम में स्थित एयर इंडिया की 6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली विशाल प्रशिक्षण अकादमी की पूरक होगी, जिसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विमानन प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है। अमरावती की इस नई अकादमी के जुड़ने से एयर इंडिया का कुल प्रशिक्षण नेटवर्क और व्यापक होगा।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत का विमानन क्षेत्र तेज़ी से विस्तार कर रहा है और देशभर में प्रशिक्षित पायलटों की माँग लगातार बढ़ रही है।

विमानन आत्मनिर्भरता की व्यापक रणनीति

एयर इंडिया ने कहा है कि यह फ्लाइंग अकादमी भारत में विमानन क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन और बुनियादी ढाँचा तैयार करने की उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का मानना है कि इन निवेशों से भारत को विमानन क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक संचार में कहा कि विश्वस्तरीय ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और 34 प्रशिक्षण विमानों के बेड़े के साथ यह अकादमी भारत की पायलट ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत करने और तेज़ी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को सहयोग देने में सहायक सिद्ध होगी।

आम जनता और उद्योग पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी पायलट प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना से न केवल महंगे विदेशी प्रशिक्षण पर निर्भरता घटेगी, बल्कि भारतीय युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में करियर के नए रास्ते भी खुलेंगे। महाराष्ट्र के अमरावती जैसे क्षेत्र में इस अकादमी की स्थापना से स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह अकादमी किस गति से पायलट तैयार करती है और क्या यह भारत के बढ़ते विमानन बेड़े की ज़रूरतों को पूरा करने में सफल होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन प्रशिक्षित पायलटों की कमी एक पुरानी और ढाँचागत समस्या बनी हुई है। एयरलाइन का खुद का प्रशिक्षण नेटवर्क बनाना महंगे विदेशी और निजी फ्लाइंग स्कूलों पर निर्भरता घटा सकता है। लेकिन असली परीक्षा क्षमता के उपयोग और आउटपुट की दर में होगी — 34 विमानों का बेड़ा एक शुरुआत है, पर क्या यह भारत के सैकड़ों नए विमानों के ऑर्डर के अनुपात में पर्याप्त है, यह सवाल अभी बाकी है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी क्या है और यह कहाँ स्थित है?
एयर इंडिया फ्लाइंग अकादमी महाराष्ट्र के अमरावती जिले में बेलोरा एयरपोर्ट पर स्थापित की गई है, जिसे DGCA की मंजूरी मिल चुकी है। यह किसी भारतीय एयरलाइन द्वारा संचालित अपनी तरह की पहली फ्लाइंग अकादमी है, जो 10 एकड़ क्षेत्र में फैली है।
इस अकादमी में कितने और किस प्रकार के प्रशिक्षण विमान होंगे?
अकादमी में कुल 34 प्रशिक्षण विमान होंगे — जिनमें 31 सिंगल-इंजन और 3 ट्विन-इंजन विमान शामिल हैं। इन विमानों के ज़रिए प्रशिक्षु पायलटों को व्यावहारिक उड़ान प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अमरावती की अकादमी गुरुग्राम के प्रशिक्षण केंद्र से कैसे अलग है?
गुरुग्राम स्थित एयर इंडिया का प्रशिक्षण केंद्र 6 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा विमानन प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है। अमरावती की नई फ्लाइंग अकादमी उसका पूरक बनेगी, जहाँ विशेष रूप से व्यावहारिक उड़ान प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस अकादमी से भारत के विमानन क्षेत्र को क्या फायदा होगा?
इस अकादमी से भारत में पायलट प्रशिक्षण क्षमता बढ़ेगी और देश को विमानन क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। तेज़ी से बढ़ते भारतीय विमानन बाज़ार में प्रशिक्षित पायलटों की माँग को पूरा करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या DGCA की मंजूरी के बाद अकादमी तुरंत शुरू हो जाएगी?
DGCA की मंजूरी मिलने के बाद अकादमी के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। एयर इंडिया के अनुसार, इस अकादमी में विश्वस्तरीय ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और 34 प्रशिक्षण विमानों का बेड़ा पहले से तैयार है; हालाँकि प्रवेश और संचालन की विस्तृत तिथियों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले