21 जुलाई 2026
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भारत ने जनवरी-जून 2026 में जारी किए 1,331 कमर्शियल पायलट लाइसेंस, 41% ने विदेश में ली ट्रेनिंग

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भारत ने जनवरी-जून 2026 में जारी किए 1,331 कमर्शियल पायलट लाइसेंस, 41% ने विदेश में ली ट्रेनिंग

सारांश

भारत ने 2026 के पहले छह महीनों में 1,331 CPL जारी किए — और हर दस में से चार से ज़्यादा पायलट विदेश से प्रशिक्षित हैं। एयरलाइंस के तेज़ विस्तार के बीच यह आंकड़ा घरेलू प्रशिक्षण क्षमता की सीमाओं को भी उजागर करता है।

मुख्य बातें

DGCA ने जनवरी-जून 2026 में 1,331 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) जारी किए।
इनमें से 791 ने भारतीय FTO में और 540 ने विदेश में प्रशिक्षण लिया — विदेश में प्रशिक्षित पायलटों की हिस्सेदारी 41% ।
वार्षिक CPL आंकड़े: 2022 में 1,165, 2023 में 1,622, 2024 में 1,347, 2025 में 1,652।
देश में 41 DGCA-अनुमोदित FTO , 63 बेस पर सक्रिय, 400+ प्रशिक्षण विमान ।
वर्तमान क्षमता एक साथ लगभग 3,500 छात्रों को प्रशिक्षण देने की।
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 21 जुलाई 2026 को राज्यसभा में यह जानकारी दी।

भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जनवरी से जून 2026 के बीच 1,331 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) जारी किए, जिनमें से 41 प्रतिशत यानी 540 नए पायलटों ने अपनी उड़ान प्रशिक्षण विदेश में पूरी की। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने 21 जुलाई 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।

लाइसेंस वितरण का विवरण

30 जून 2026 तक DGCA ने भारतीय फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों में प्रशिक्षित 791 कैडेट्स और विदेश में प्रशिक्षित 540 कैडेट्स को CPL प्रदान किए। इस प्रकार कुल नए लाइसेंसधारी पायलटों में से लगभग 59 प्रतिशत ने घरेलू संस्थानों से और 41 प्रतिशत ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया।

वार्षिक रुझान: लगातार बढ़ रही है संख्या

मंत्री मोहोल द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, DGCA ने 2022 में 1,165, 2023 में 1,622, 2024 में 1,347 और 2025 में 1,652 CPL जारी किए। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भारत में पायलट प्रमाणन की गति पिछले चार वर्षों में समग्र रूप से ऊर्ध्वगामी रही है, हालांकि वर्ष-दर-वर्ष उतार-चढ़ाव भी देखे गए हैं।

घरेलू प्रशिक्षण ढाँचे की स्थिति

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में देशभर में DGCA-अनुमोदित 41 फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठन (FTO) सक्रिय हैं, जो 63 बेस पर संचालित होते हैं और जिनके पास 400 से अधिक प्रशिक्षण विमान हैं। DGCA के नियमों के अनुसार प्रत्येक FTO को 1:1:10 का विमान-प्रशिक्षक-छात्र अनुपात बनाए रखना अनिवार्य है, जिससे किसी भी समय लगभग 3,500 छात्र एक साथ प्रशिक्षण ले सकते हैं।

सरकार की पहल और सुधार

मंत्री मोहोल ने बताया कि सरकार ने पायलट प्रशिक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें FTO के लिए अनुमोदन और निगरानी प्रक्रिया को सरल बनाना तथा क्षमता व परिचालन दक्षता बढ़ाने हेतु प्रशिक्षण नियमों में संशोधन प्रमुख हैं।

एविएशन सेक्टर में बढ़ती माँग

ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारतीय एयरलाइंस बड़े पैमाने पर अपने बेड़े और नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। घरेलू वाहक सैकड़ों नए विमानों के ऑर्डर दे चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में हजारों अतिरिक्त पायलटों की आवश्यकता पड़ेगी। गौरतलब है कि विदेश में प्रशिक्षण लेने वाले पायलटों का उच्च अनुपात यह भी संकेत देता है कि घरेलू प्रशिक्षण क्षमता अभी भी बढ़ती माँग को पूरी तरह पूरा करने में सक्षम नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह अनुपात आने वाले वर्षों में और विकृत हो सकता है। सरकार की 'प्रक्रिया सरलीकरण' की घोषणाएँ स्वागत योग्य हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या FTO की संख्या और गुणवत्ता — विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में — वास्तव में बढ़ रही है, या केवल कागज़ों पर।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में भारत ने कितने कमर्शियल पायलट लाइसेंस जारी किए?
DGCA ने जनवरी से जून 2026 के बीच कुल 1,331 कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) जारी किए। इनमें 791 घरेलू और 540 विदेश में प्रशिक्षित कैडेट्स शामिल हैं।
कितने प्रतिशत नए पायलटों ने विदेश में प्रशिक्षण लिया?
2026 की पहली छमाही में CPL पाने वाले लगभग 41 प्रतिशत पायलटों ने विदेश में उड़ान प्रशिक्षण लिया। यह आंकड़ा घरेलू प्रशिक्षण क्षमता और बढ़ती माँग के बीच के अंतर को दर्शाता है।
भारत में DGCA-अनुमोदित फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठन कितने हैं?
वर्तमान में देश में 41 DGCA-अनुमोदित फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठन (FTO) सक्रिय हैं, जो 63 बेस पर फैले हैं और जिनके पास 400 से अधिक प्रशिक्षण विमान हैं। इनकी कुल एक साथ प्रशिक्षण क्षमता लगभग 3,500 छात्रों की है।
पिछले वर्षों में CPL जारी होने का रुझान कैसा रहा है?
DGCA के आंकड़ों के अनुसार 2022 में 1,165, 2023 में 1,622, 2024 में 1,347 और 2025 में 1,652 CPL जारी किए गए। समग्र रूप से यह रुझान ऊर्ध्वगामी है, हालांकि वर्ष-दर-वर्ष उतार-चढ़ाव भी देखे गए हैं।
भारत में पायलटों की माँग क्यों बढ़ रही है?
घरेलू एयरलाइंस बड़े पैमाने पर अपने बेड़े और नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं और सैकड़ों नए विमानों के ऑर्डर दे चुकी हैं। इससे आने वाले वर्षों में हजारों अतिरिक्त योग्य पायलटों की आवश्यकता पड़ेगी।
राष्ट्र प्रेस
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