आंध्र प्रदेश को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाएंगे: गृह मंत्री वांगलापुड़ी अनीता
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश की गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने मंगलवार, 16 जून 2026 को अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सार्वजनिक भागीदारी, पुलिस–जन सहयोग, तकनीकी निगरानी, पारदर्शी प्रशासन और सख्त कानून व्यवस्था के बल पर आंध्र प्रदेश को भारत का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर केवल अपराध के बाद प्रतिक्रिया देने पर नहीं, बल्कि अपराध को घटित होने से पहले ही रोकने पर है।
दो वर्षों में व्यापक सुधार
मंत्री अनीता ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में गठबंधन सरकार ने पिछले दो वर्षों में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, नशा नियंत्रण, साइबर अपराध रोकथाम, आपदा प्रबंधन, जेल सुधार और पुलिस कल्याण जैसे अनेक क्षेत्रों में ठोस बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्थाएं पहले राजनीतिक हितों की पूर्ति तक सीमित थीं, उन्हें अब जनसेवा और जवाबदेही पर केंद्रित प्रशासन में तब्दील किया गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना महज शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता का विश्वास अर्जित करने की ज़िम्मेदारी है।
अपराध दर में 14.1% की गिरावट
मंत्री ने बताया कि सरकार के कार्यकाल में राज्य की कुल अपराध दर में लगभग 14.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। यह उपलब्धि तकनीक के उपयोग, बेहतर निगरानी व्यवस्था, वैज्ञानिक जांच पद्धति और विभागों के बीच समन्वय से संभव हुई है।
सरकार 'इनविजिबल पुलिसिंग' के तहत सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, AI आधारित विश्लेषण और डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से अपराध रोकथाम और पहचान पर काम कर रही है। इससे अपराधियों की गतिविधियों पर नज़र रखना, सबूत तेज़ी से जुटाना और जांच में तेज़ी लाना संभव हुआ है।
महिला सुरक्षा: 'शक्ति' ऐप और विशेष विंग
मंत्री ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि असली आज़ादी तभी है जब महिलाएं रात में भी बिना किसी भय के सड़क पर चल सकें। इसके लिए विशेष महिला सुरक्षा विंग, जिला स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक आधारित त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया गया है।
'शक्ति' ऐप के ज़रिए अब तक 11.15 लाख आपातकालीन SOS कॉल प्राप्त हुए हैं और उन सभी पर तत्काल कार्रवाई की गई है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि नागरिक इस प्रणाली पर भरोसा कर रहे हैं।
'ऑपरेशन मुस्कान' और POCSO मामलों में सख्ती
'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत लापता बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया है। इस अभियान में अब तक 8,396 लोगों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचाया जा चुका है।
POCSO मामलों में सरकार ने विशेष जांच दल, त्वरित फॉरेंसिक जांच, समर्पित अभियोजन प्रणाली और पीड़ितों के लिए मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सहायता की व्यवस्था की है। अब तक 2,293 बच्चों को काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं।
आगे की राह
मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने स्पष्ट किया कि सरकार जनता की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा, युवाओं के भविष्य और सामाजिक सद्भाव के लिए बिना किसी समझौते के काम करती रहेगी। राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए तकनीक एवं जन-भागीदारी के नए आयाम जोड़े जाते रहेंगे।