27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई ने याचिकाकर्ता-पत्रकार आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए समन भेजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई ने याचिकाकर्ता-पत्रकार आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए समन भेजा

सारांश

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई की जांच और तेज़ हुई — पत्रकार-याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को 27 अक्टूबर को नई दिल्ली में पूछताछ के लिए तलब किया गया। इसी बीच उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी ने मामले को नया मोड़ दिया है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने पत्रकार और याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली मुख्यालय में पूछताछ के लिए समन भेजा।
नेगी को मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले पर रिपोर्टिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था, बाद में जमानत मिली।
सीबीआई की चार सदस्यीय टीम इस महीने सहारनपुर में उर्मिला सनावर से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
उत्तराखंड पुलिस ने सनावर को सीबीआई अदालत में पेशी से एक दिन पहले एक अलग एफआईआर के तहत गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को पहले ही दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
फरवरी 2026 में परिजनों की माँग पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी हत्याकांड में पत्रकार और याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नेगी को मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को बुलाया गया है। यह समन ऐसे समय में आया है जब इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच तेज़ हो रही है।

मुख्य घटनाक्रम

सूत्रों के मुताबिक, आशुतोष नेगी पेशे से पत्रकार हैं और वह लंबे समय से इस मामले की सीबीआई जांच की माँग करते आए थे। मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने इस हत्याकांड पर रिपोर्टिंग करने के कारण नेगी को गिरफ्तार किया था, हालाँकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अब सीबीआई ने उन्हें इस जांच के सिलसिले में सीधे पूछताछ के लिए बुलाया है।

उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और सीबीआई कार्रवाई

इस महीने की शुरुआत में सीबीआई की एक चार सदस्यीय टीम — जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं — ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में उर्मिला सनावर से पूछताछ की थी। गौरतलब है कि सोमवार को उत्तराखंड पुलिस ने सनावर को उनके सहारनपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया — यह गिरफ्तारी एक पूर्व भाजपा विधायक के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने से जुड़ी एक अलग एफआईआर के संदर्भ में हुई। उनकी यह गिरफ्तारी अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के सिलसिले में सीबीआई अदालत के समक्ष उनकी पेशी से ठीक एक दिन पहले हुई।

इससे पहले सनावर ने नई दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था और एक वीडियो संदेश के ज़रिए माँग की थी कि सीबीआई मीडिया की उपस्थिति में उनसे पूछताछ करे, क्योंकि यह जांच किसी मौजूदा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में नहीं हो रही।

अंकिता भंडारी हत्याकांड की पृष्ठभूमि

18 सितंबर 2022 को उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उनका शव एक नहर में फेंक दिया गया था जो लगभग एक सप्ताह बाद बरामद हुआ। इस हत्या ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक जनाक्रोश पैदा किया था।

मामले की जांच के बाद एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अदालत में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाहों के नाम शामिल थे — इनमें से 47 ने अदालत के सामने गवाही दी।

दोषसिद्धि और आजीवन कारावास

मुख्य आरोपी और रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य के साथ सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आर्य को हत्या, साक्ष्य के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न और अनैतिक तस्करी सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी पाया गया।

सीबीआई जांच और आगे की राह

परिजनों की लगातार माँग के बाद इस वर्ष फरवरी 2026 में सीबीआई ने इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ली। अब पत्रकार आशुतोष नेगी को समन और उर्मिला सनावर से पूछताछ यह संकेत देते हैं कि एजेंसी मामले के हर पक्ष की बारीकी से पड़ताल कर रही है। यह देखा जाना बाकी है कि सीबीआई जांच आगे चलकर किस नई दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन्हीं पर जांच एजेंसी का ध्यान केंद्रित होना जवाबदेही की प्रक्रिया पर संदेह की छाया डालता है। उर्मिला सनावर की यह माँग कि पूछताछ मीडिया की मौजूदगी में हो, इस बात की स्वीकृति है कि इस मामले में पारदर्शिता की कमी पहले से ही एक बड़ी शिकायत रही है। दोषसिद्धि के बाद भी जांच का यह दूसरा अध्याय बताता है कि 2022 की हत्या के सभी पहलुओं का सच अभी सामने नहीं आया है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशुतोष नेगी को सीबीआई ने क्यों समन भेजा?
सीबीआई ने पत्रकार और याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली मुख्यालय में तलब किया है। नेगी लंबे समय से इस मामले की सीबीआई जांच की माँग उठाते आए थे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड क्या है?
18 सितंबर 2022 को उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में कार्यरत 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी और उनका शव नहर में फेंक दिया गया था। मुख्य आरोपी रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
उर्मिला सनावर को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उत्तराखंड पुलिस ने उर्मिला सनावर को सहारनपुर से एक पूर्व भाजपा विधायक के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने से जुड़ी एक अलग एफआईआर के तहत गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उनकी सीबीआई अदालत में पेशी से ठीक एक दिन पहले हुई।
सीबीआई ने इस मामले की जांच कब शुरू की?
अंकिता भंडारी के परिजनों की बार-बार की माँग के बाद फरवरी 2026 में सीबीआई ने इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ली। इससे पहले मामले की जांच उत्तराखंड पुलिस की एसआईटी कर रही थी, जिसने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
आशुतोष नेगी को पहले कब और क्यों गिरफ्तार किया गया था?
मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने आशुतोष नेगी को अंकिता भंडारी हत्याकांड पर रिपोर्टिंग करने के कारण गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई और तब से वे इस मामले में सीबीआई जांच की माँग करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले