अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई ने याचिकाकर्ता-पत्रकार आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए समन भेजा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी हत्याकांड में पत्रकार और याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नेगी को मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को बुलाया गया है। यह समन ऐसे समय में आया है जब इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच तेज़ हो रही है।
मुख्य घटनाक्रम
सूत्रों के मुताबिक, आशुतोष नेगी पेशे से पत्रकार हैं और वह लंबे समय से इस मामले की सीबीआई जांच की माँग करते आए थे। मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने इस हत्याकांड पर रिपोर्टिंग करने के कारण नेगी को गिरफ्तार किया था, हालाँकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अब सीबीआई ने उन्हें इस जांच के सिलसिले में सीधे पूछताछ के लिए बुलाया है।
उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी और सीबीआई कार्रवाई
इस महीने की शुरुआत में सीबीआई की एक चार सदस्यीय टीम — जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं — ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में उर्मिला सनावर से पूछताछ की थी। गौरतलब है कि सोमवार को उत्तराखंड पुलिस ने सनावर को उनके सहारनपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया — यह गिरफ्तारी एक पूर्व भाजपा विधायक के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने से जुड़ी एक अलग एफआईआर के संदर्भ में हुई। उनकी यह गिरफ्तारी अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के सिलसिले में सीबीआई अदालत के समक्ष उनकी पेशी से ठीक एक दिन पहले हुई।
इससे पहले सनावर ने नई दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था और एक वीडियो संदेश के ज़रिए माँग की थी कि सीबीआई मीडिया की उपस्थिति में उनसे पूछताछ करे, क्योंकि यह जांच किसी मौजूदा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में नहीं हो रही।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की पृष्ठभूमि
18 सितंबर 2022 को उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उनका शव एक नहर में फेंक दिया गया था जो लगभग एक सप्ताह बाद बरामद हुआ। इस हत्या ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक जनाक्रोश पैदा किया था।
मामले की जांच के बाद एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अदालत में 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 97 गवाहों के नाम शामिल थे — इनमें से 47 ने अदालत के सामने गवाही दी।
दोषसिद्धि और आजीवन कारावास
मुख्य आरोपी और रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य के साथ सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आर्य को हत्या, साक्ष्य के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न और अनैतिक तस्करी सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी पाया गया।
सीबीआई जांच और आगे की राह
परिजनों की लगातार माँग के बाद इस वर्ष फरवरी 2026 में सीबीआई ने इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ली। अब पत्रकार आशुतोष नेगी को समन और उर्मिला सनावर से पूछताछ यह संकेत देते हैं कि एजेंसी मामले के हर पक्ष की बारीकी से पड़ताल कर रही है। यह देखा जाना बाकी है कि सीबीआई जांच आगे चलकर किस नई दिशा में जाती है।