2 नवंबर 2026
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आजमगढ़ में एडीजी नवीन अरोड़ा का वार्षिक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

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आजमगढ़ में एडीजी नवीन अरोड़ा का वार्षिक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

सारांश

एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा ने आजमगढ़ पुलिस के वार्षिक निरीक्षण में लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर कड़े निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों और पीस कमेटी से संवाद कर पुलिस-जन समन्वय पर भी ज़ोर दिया गया।

मुख्य बातें

एडीजी नवीन अरोड़ा ने 2 नवंबर 2026 को आजमगढ़ पुलिस का वार्षिक निरीक्षण किया।
डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ.
अनिल कुमार की उपस्थिति में पुलिस कार्यालय की शाखाओं का जायज़ा लिया गया।
लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और जनशिकायतों की प्राथमिकता से सुनवाई के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में साइबर अपराध , महिला एवं बाल सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई।
जनप्रतिनिधियों, पीस कमेटी और व्यापारिक संगठनों से संवाद कर नागरिक सहभागिता पर बल दिया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा ने 2 नवंबर 2026 को आजमगढ़ पुलिस का वार्षिक निरीक्षण किया और जिले में अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेज़ी लाने और गंभीर अपराधों में कड़ी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

निरीक्षण का क्रम और कार्यालयीन जायज़ा

पुलिस कार्यालय पहुँचने पर एडीजी नवीन अरोड़ा को गार्ड ने सलामी दी। तत्पश्चात उन्होंने डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की उपस्थिति में पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण कार्यालय, आंकिक शाखा और जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (डीसीआरबी) समेत अन्य शाखाओं में अभिलेखों के रखरखाव, कार्यों की प्रगति और विभागीय व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।

एडीजी ने कार्यालयीन कार्यों को व्यवस्थित रखने और लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर हो और पुलिस की कार्यप्रणाली में जवाबदेही तथा तत्परता बनी रहे।

समीक्षा गोष्ठी में मुख्य मुद्दे

निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा गोष्ठी में एडीजी ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ अपराध की स्थिति और पुलिस की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में लंबित विवेचनाओं, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ।

अरोड़ा ने अधिकारियों को संवेदनशील मामलों में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने और आमजन की शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पुलिस की जवाबदेही और जन-शिकायत निवारण तंत्र को लेकर प्रशासनिक दबाव बढ़ा है।

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद

समीक्षा गोष्ठी के बाद एडीजी नवीन अरोड़ा ने पुलिस लाइन में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पीस कमेटी और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभिन्न वर्गों की समस्याएँ और सुझाव सुने तथा जिले में शांति, सामाजिक सौहार्द और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

अरोड़ा ने नागरिकों से पुलिस प्रशासन को सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि समाज और पुलिस के बीच समन्वय से ही अपराध पर प्रभावी रोक संभव है।

मीडिया से बातचीत

कार्यक्रम के समापन पर एडीजी नवीन अरोड़ा ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने वार्षिक निरीक्षण, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और पुलिस के विभिन्न अभियानों से संबंधित जानकारी साझा की। गौरतलब है कि इस तरह के वार्षिक निरीक्षण जोन स्तर पर पुलिस तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक अहम प्रशासनिक उपकरण माने जाते हैं। आने वाले दिनों में लंबित विवेचनाओं के निस्तारण की प्रगति पर नज़र रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार के निर्देश कागज़ से ज़मीन तक उतरेंगे। आजमगढ़ जैसे संवेदनशील जिले में लंबित विवेचनाओं की संख्या और वांछित अपराधियों की बकाया गिरफ्तारी की दर अक्सर ऐसे निरीक्षणों के बाद भी जस की तस बनी रहती है। साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर चर्चा स्वागतयोग्य है, पर जब तक थाना स्तर पर कार्मिकों की जवाबदेही तय नहीं होती, ये निर्देश महज समीक्षा गोष्ठी की औपचारिकता बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडीजी नवीन अरोड़ा ने आजमगढ़ में क्या निर्देश दिए?
एडीजी नवीन अरोड़ा ने 2 नवंबर 2026 को आजमगढ़ पुलिस के वार्षिक निरीक्षण में लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण करने, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेज़ी लाने और जनशिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और तत्परता बनाए रखने पर भी ज़ोर दिया।
आजमगढ़ पुलिस के वार्षिक निरीक्षण में कौन-से अधिकारी उपस्थित रहे?
निरीक्षण के दौरान डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी भी समीक्षा गोष्ठी में शामिल हुए।
समीक्षा बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में लंबित विवेचनाओं, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और यातायात व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। एडीजी ने संवेदनशील मामलों में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
एडीजी ने नागरिकों से क्या अपील की?
एडीजी नवीन अरोड़ा ने जनप्रतिनिधियों, पीस कमेटी और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर जिले में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में नागरिकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को सहयोग देने की अपील की।
आजमगढ़ का वार्षिक पुलिस निरीक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
जोन स्तर पर वार्षिक निरीक्षण पुलिस तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक अहम प्रशासनिक माध्यम है। इसके ज़रिए अभिलेखों की स्थिति, लंबित मामलों की समीक्षा और विभागीय व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाता है, जिससे ज़िला पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार की दिशा तय होती है।
राष्ट्र प्रेस
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