डॉ. अर्चना गुप्ता बनीं हरियाणा BJP की प्रदेश अध्यक्ष, CM नायब सैनी ने पंचकूला में दिलाई पदभार
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने 3 जून को पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय 'पंचकमल' में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पदभार ग्रहण समारोह में कहा कि डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा संगठन ‘नई ऊर्जा, नए उत्साह और जनसेवा के संकल्प’ के साथ और अधिक सशक्त होगा। सैनी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इस निर्णय को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम बताया।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘महिला सशक्तिकरण, सुशासन और समावेशी विकास के नए अध्याय’ लिख रहा है, और महिलाओं को नेतृत्व, शिक्षा, उद्यमिता तथा निर्णय-प्रक्रिया में भागीदारी देने के प्रयास ‘नए भारत की पहचान’ बन रहे हैं।
हरियाणा BJP की प्रतिक्रिया
हरियाणा भाजपा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पीएम मोदी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने ‘नारी शक्ति के सम्मान’ को सदैव प्राथमिकता दी है, और डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा जाना इसी संकल्प का ‘सशक्त उदाहरण’ है। पार्टी ने भरोसा जताया कि नए नेतृत्व में संगठन प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसेवा को नई मजबूती देगा।
सांसद सुभाष बराला का बयान
BJP सांसद सुभाष बराला ने एक्स पर पोस्ट कर डॉ. गुप्ता को नई जिम्मेदारी की बधाई दी। बराला ने लिखा कि पार्टी ने प्रदेश संगठन की बागडोर एक सशक्त महिला नेतृत्व को सौंपकर सिद्ध किया है कि ‘नारी शक्ति केवल नारा नहीं, बल्कि पार्टी की मूल विचारधारा और जीवंत प्रतिबद्धता है।’ उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक कदम’ बताया।
राजनीतिक मायने
गौरतलब है कि यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब BJP हरियाणा में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने के बाद संगठनात्मक ढाँचे को नए सिरे से सक्रिय करने में जुटी है। आगामी निकाय चुनावों और 2029 के विधानसभा चक्र को देखते हुए महिला नेतृत्व को प्रदेश की कमान सौंपना, पार्टी की सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष से अब अपेक्षित है कि वे जिला और मंडल स्तर पर संगठनात्मक नियुक्तियों को तेज़ी से अंतिम रूप दें, और सरकार-संगठन के बीच समन्वय का नया रोडमैप तैयार करें।