अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना ने 'बॉर्डर ब्रू कैफे' का उद्घाटन कर पर्यटन और स्थानीय आजीविका को दिया बढ़ावा
सारांश
Key Takeaways
- बॉर्डर ब्रू कैफे का उद्घाटन २४ मार्च को हुआ।
- यह तवांग जिले के जेमिथंग गांव में स्थित है।
- इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय का सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
- यह कैफे न्यामजंग चू नदी पर बने एक पुराने बेली ब्रिज पर है।
- भारतीय सेना ने इसे ३१ दिनों में पूरा किया।
ईटानगर, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में सामुदायिक विकास और स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में 'ऑपरेशन सद्भावना' के तहत 'बॉर्डर ब्रू कैफे' का उद्घाटन किया है।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि तवांग जिले के जेमिथंग गांव में शुरू की गई यह परियोजना, स्थानीय मोनपा आदिवासी समुदाय के विकास और सशक्तिकरण के लिए समर्पित है।
'बॉर्डर ब्रू कैफे' की विशेषता इसका अनूठा निर्माण है, जो न्यामजंग चू नदी पर बने एक पुराने (अब निष्क्रिय) बेली ब्रिज पर स्थित है। न्यामजंग चू, १२५ किलोमीटर लंबी एक सीमा-पार नदी है, जो तिब्बत (शानन प्रांत) से निकलती है और अरुणाचल के तवांग जिले में जेमिथंग घाटी से होकर बहती है।
लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा कि यह एक प्रकार की पहली (पायनियरिंग) सोच है, जो विरासत से जुड़े बुनियादी ढांचे को आधुनिक उपयोगिता के साथ खूबसूरती से जोड़ती है। इसी कारण यह पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपने तरह का एकमात्र कैफे बन गया है।
यह कैफे इस खूबसूरत सीमावर्ती क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और यात्रियों के लिए एक विशेष और प्रसिद्ध स्थान (आइकॉनिक डेस्टिनेशन) बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि इस कैफे को स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। यह कैफे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय को भी सक्रिय रूप से शामिल करता है।
उम्मीद है कि यह पहल स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और मेहमाननवाजी को विश्व के सामने लाकर, वहां रहने वाले लोगों के लिए आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाएगी। भारतीय सेना ने इस परियोजना को मात्र ३१ दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया, जो उनकी कुशलता और समर्पण को दर्शाता है।
यह पहल 'ऑपरेशन सद्भावना' के मूल सिद्धांतों को साकार करती है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच सद्भावना बढ़ाना, सेना और नागरिकों के बीच संबंधों को मजबूत करना, और सीमावर्ती समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देना है।
लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने बताया कि उद्घाटन समारोह में स्थानीय निवासियों, गणमान्य व्यक्तियों और सेना के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह जेमिथंग और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है और भविष्य के लिए एक आशाजनक मील का पत्थर भी है।
भारतीय सेना का 'ऑपरेशन सद्भावना' एक दीर्घकालिक, सेना द्वारा संचालित नागरिक कल्याण कार्यक्रम है, जो मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में संचालित होता है।
इसका उद्देश्य शिक्षा (आर्मी गुडविल स्कूल), स्वास्थ्य सेवाएं (मेडिकल कैंप), बुनियादी ढांचे का विकास (पानी, बिजली, सड़कें) और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाना है, ताकि लोगों की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। यह पहल लोगों के बीच अलगाव की भावना को समाप्त करने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।