क्या अरुणाचल प्रदेश में सेना और आईटीबीपी ने संयुक्त युद्ध अभ्यास किया?

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क्या अरुणाचल प्रदेश में सेना और आईटीबीपी ने संयुक्त युद्ध अभ्यास किया?

सारांश

भारतीय सेना और आईटीबीपी ने मिलकर किया 'अग्नि परीक्षा' का संयुक्त अभ्यास। यह प्रशिक्षण युद्ध की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जानें इस अभ्यास की विशेषताएँ और उद्देश्य।

Key Takeaways

  • अंतर-बल समन्वय को बढ़ाने के लिए अभ्यास किया गया।
  • तोपखाने की प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
  • भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए एकीकृत युद्ध क्षमताओं का विकास।

इटानगर, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने अरुणाचल प्रदेश में छह दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास 'अग्नि परीक्षा' का प्रथम चरण आयोजित किया, जिसका प्राथमिक उद्देश्य अंतर-बल समन्वय और युद्ध की तैयारी को बढ़ाना था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि यह संयुक्त अभ्यास १९ से २४ जनवरी तक पूर्वी सियांग जिले के सिगार में आयोजित किया गया और इसका मुख्य उद्देश्य अंतर-बल युद्ध तालमेल को मजबूत करना था।

उन्होंने कहा कि छह दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम दोनों बलों के बीच परिचालन एकीकरण और संयुक्त कौशल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

स्पीयर कोर के स्पीयरहेड गनर्स ने पैदल सेना रेजिमेंट और आईटीबीपी के कर्मियों के साथ मिलकर इस अभ्यास का संचालन किया। यह अपनी तरह की पहली सहयोगात्मक गोलाबारी प्रशिक्षण पहल है।

इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य तोपखाने के विभिन्न अभियानों की प्रक्रियाओं, समन्वय और निष्पादन से गैर-तोपखाना कर्मियों को परिचित कराकर युद्धक्षेत्र में तालमेल बढ़ाना था।

प्रशिक्षण के दौरान, भाग लेने वाले पैदल सेना और आईटीबीपी कर्मियों को अनुभवी स्पीयरहेड गनर्स की देखरेख और मार्गदर्शन में स्वतंत्र रूप से कई तोपखाना फायरिंग अभ्यास करने के लिए व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित किया गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य तोपखाने के वास्तविक उपयोग से गैर-तोपखाना कर्मियों को परिचित कराकर पारंपरिक भूमिकाओं के बीच के अलगाव को तोड़ना था, जिससे गतिशील युद्ध परिदृश्यों में गोलाबारी के एकीकरण की उनकी समझ में सुधार हो सके।

उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण ने भाग लेने वाली सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और तत्परता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया।

उन्होंने आगे कहा कि अभ्यास ‘अग्नि परीक्षा’ का प्रथम चरण एक अग्रणी पहल है जो भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए आवश्यक एकीकृत युद्ध क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

अभ्यास का सफल संचालन भारतीय सेना की संयुक्त कार्यकुशलता, अंतर-संचालनीयता और वास्तविक, मिशन-उन्मुख प्रशिक्षण के माध्यम से बल गुणन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा कि इस अभ्यास ने सेना के निरंतर अनुकूलन, नवाचार और अंतर-एजेंसी सहयोग को मजबूत करने के संकल्प की भी पुष्टि की है ताकि बदलते परिचालन संबंधी चुनौतियों का अधिक सामंजस्य और प्रभावशीलता के साथ सामना किया जा सके।

Point of View

बल्कि अंतर-एजेंसी सहयोग की आवश्यकता को भी स्पष्ट करता है। ये कदम हमारे सैन्य बलों को सुरक्षा के क्षेत्र में और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

अग्नि परीक्षा अभ्यास का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का उद्देश्य अंतर-बल समन्वय और युद्ध की तैयारी को बढ़ाना है।
इस अभ्यास में कौन से बल शामिल थे?
इस अभ्यास में भारतीय सेना और आईटीबीपी शामिल थे।
अभ्यास कब आयोजित किया गया था?
यह अभ्यास १९ से २४ जनवरी तक आयोजित किया गया।
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