2026 एशियन गेम्स कबड्डी टीम में KCL का दबदबा: 12 में से 9 खिलाड़ी लीग से, आशु मलिक बोले — 'भारतीय जर्सी शब्दों से परे'
सारांश
मुख्य बातें
कबड्डी चैंपियंस लीग (KCL) ने 2026 एशियन गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय कबड्डी टीम में अपनी गहरी छाप छोड़ी है — 12 सदस्यीय दल में से 9 खिलाड़ी सीधे KCL की विभिन्न फ्रेंचाइजी से आए हैं। जापान में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजन के लिए टीम के चयन की घोषणा के बाद खिलाड़ियों ने अपनी भावनाएँ साझा कीं और लीग को अपने करियर की नींव बताया।
KCL से राष्ट्रीय टीम तक का सफर
राष्ट्रीय दल में जगह पाने वाले KCL खिलाड़ियों में हिसार हीरोज के आशु मलिक, करनाल किंग्स के सुनील मलिक, सोनीपत स्टार्स के अयान लौचाब, भिवानी बुल्स के देवांक दलाल, गुरुग्राम गुरुज के राहुल सेटपाल, फरीदाबाद फाइटर्स के जयदीप दहिया और पानीपत पैंथर्स के अंकित जगलान शामिल हैं। घरेलू फ्रेंचाइजी में निखरे इन खिलाड़ियों का सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँच चुका है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
आशु मलिक ने चयन पर खुशी जताते हुए कहा, 'इंडिया की जर्सी पहनना एक ऐसी भावना है जिसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। मैं उन मौकों के लिए शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने मेरे सफर को बनाया है और मैं इंडिया के लिए अपना सौ प्रतिशत दूँगा।'
सुनील मलिक ने इस अवसर को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान करार दिया। उन्होंने कहा, 'भारत की तरफ से खेलना मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान है। मुझे KCL की विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने पर बहुत गर्व है। मैं तिरंगे के लिए अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करूँगा।'
अयान लौचाब ने अपने चयन को सपने के सच होने से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना एक सपने के सच होने जैसा है। KCL ने मुझे एक खिलाड़ी के तौर पर विकसित होने के लिए ज़रूरी प्लेटफॉर्म दिया है। मैं अपने देश और KCL को गर्व महसूस कराने का पक्का इरादा रखता हूँ।'
देवांक दलाल ने इसे व्यक्तिगत और पारिवारिक दोनों स्तरों पर खास बताया: 'यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत खास पल है। एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना हर एथलीट का सपना होता है। मैं मैट पर अपना सब कुछ दूँगा और देश का नाम रोशन करने की कोशिश करूँगा।'
KCL की भूमिका और नेतृत्व
राहुल सेटपाल ने कहा, 'एशियन गेम्स एक बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है और मैं टीम इंडिया का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। मेरे KCL अनुभव ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की है।' जयदीप दहिया ने कहा कि KCL से भारत का प्रतिनिधित्व करने तक का यह सफर बेहद खास रहा है और वह पूरे KCL परिवार को गर्व महसूस कराने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। अंकित जगलान ने भी इस अवसर को हर एथलीट के लिए गर्व का क्षण बताया।
गौरतलब है कि KCL के चेयरमैन और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता बलवान सिंह इस भारतीय कबड्डी टीम के हेड कोच भी हैं — यह संयोग नहीं, बल्कि लीग और राष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच गहरे संस्थागत जुड़ाव का प्रमाण है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कबड्डी घरेलू लीग ढाँचे के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए प्रतिभा तैयार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। 2026 एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन KCL मॉडल की असली परीक्षा होगी — और इन नौ खिलाड़ियों के कंधों पर लीग की साख भी टिकी है।