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₹2.20 करोड़ के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल ने पश्चिम बंगाल में किया आत्मसमर्पण, 55 मामले दर्ज

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₹2.20 करोड़ के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल ने पश्चिम बंगाल में किया आत्मसमर्पण, 55 मामले दर्ज

सारांश

₹2.20 करोड़ के इनामी और तीन राज्यों में 55 मामलों के आरोपी भाकपा (माओवादी) केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल का पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण, सारंडा-कोल्हान क्षेत्र में माओवादी ढाँचे को और कमजोर कर सकता है।

मुख्य बातें

असीम मंडल उर्फ आकाश , भाकपा (माओवादी) केंद्रीय कमेटी सदस्य, ने 17 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण किया।
उस पर झारखंड सरकार का ₹1 करोड़ और ओडिशा सरकार का ₹1.20 करोड़ — कुल ₹2.20 करोड़ का इनाम था।
तीन राज्यों में उसके विरुद्ध करीब 55 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वह पश्चिम मेदिनीपुर जिले के उत्तर फुलचुक गाँव का मूल निवासी है और संगठन में पाँच छद्म नामों से जाना जाता था।
1 मार्च 2026 की मारंगपोंगा मुठभेड़ और 12 अप्रैल 2025 की राधापोरा मुठभेड़ सहित कई बड़े हमलों में उसकी भूमिका का आरोप है।
सुरक्षा एजेंसियाँ उसकी निशानदेही पर सारंडा के जंगलों में छिपे हथियार व विस्फोटक डंप का पता लगाने की उम्मीद कर रही हैं।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी के सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश ने 17 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण कर दिया। झारखंड और ओडिशा सरकारों ने उस पर कुल ₹2.20 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था — झारखंड ने ₹1 करोड़ और ओडिशा ने ₹1.20 करोड़झारखंड पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने इस आत्मसमर्पण की पुष्टि की है।

कौन है असीम मंडल

असीम मंडल मूलतः पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक गाँव का निवासी है। वह संगठन के भीतर आकाश, तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश जैसे कई छद्म नामों से जाना जाता था। सुरक्षा बलों के अभिलेखों के अनुसार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में उसके विरुद्ध करीब 55 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से झारखंड के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों का संचालन करता आ रहा था।

मुख्य आपराधिक घटनाक्रम

असीम मंडल पर सुरक्षाबलों पर हमलों और मुठभेड़ों से जुड़े अनेक मामले दर्ज हैं। 1 मार्च 2026 को चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंगपोंगा में हुई मुठभेड़ में 209 कोबरा के एक सहायक कमांडेंट समेत दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

12 अप्रैल 2025 को चाईबासा के जराइकेला थाना क्षेत्र के राधापोरा में मुठभेड़ के दौरान झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हो गया था। 11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका जंगल में आईईडी विस्फोट और मुठभेड़ में 209 कोबरा के नौ जवान घायल हुए थे। 31 मई 2020 को कराइकेला थाना क्षेत्र के जोनवा में सुरक्षा बलों पर हुए हमले में एक जवान शहीद हुआ था। इसी कड़ी में 11 जुलाई 2018 को पूर्वी सिंहभूम के एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित झाटी पहाड़ी में हुई मुठभेड़ में भी एक जवान की जान गई थी।

सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति

आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ असीम मंडल से माओवादी संगठन के नेटवर्क, ठिकानों और हथियार भंडार से संबंधित जानकारी जुटाने में लगी हैं। एजेंसियों को उम्मीद है कि उसकी निशानदेही पर सारंडा और आसपास के जंगलों में छिपाए गए हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री के डंप का पर्दाफाश किया जा सकता है।

यह आत्मसमर्पण ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में संगठन को कमजोर करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में उग्रवाद की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

आगे की दिशा

असीम मंडल के खुलासों से सुरक्षा बलों को क्षेत्र में सक्रिय शेष माओवादी गुटों की संरचना और आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने में मदद मिल सकती है। कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे संबंधित राज्यों की अदालतों में पेश किए जाने की संभावना है, जहाँ दर्ज 55 मामलों की सुनवाई होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि केंद्रीय कमेटी स्तर के नेताओं का आत्मसमर्पण दुर्लभ है। हालाँकि असली परीक्षा खुलासों की गुणवत्ता से होगी — क्या वह वास्तव में हथियार डंप और स्लीपर नेटवर्क की जानकारी देता है, या आत्मसमर्पण प्रक्रियागत रूप से पूरी होकर रह जाती है? यह सवाल इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि पिछले कुछ आत्मसमर्पणों के बाद खुफिया लाभ सीमित रहा है। झारखंड चुनावी चक्र और राज्य-केंद्र समन्वय के दबाव के बीच यह घटनाक्रम नीति-निर्माताओं के लिए एक अवसर है जिसे गँवाया नहीं जाना चाहिए।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असीम मंडल कौन है और उसने आत्मसमर्पण क्यों किया?
असीम मंडल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी का सदस्य था, जो झारखंड के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय था। उसने 17 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण किया; आत्मसमर्पण के कारण आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
असीम मंडल पर कितने मामले दर्ज हैं?
सुरक्षा बलों के अभिलेखों के अनुसार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में असीम मंडल के विरुद्ध करीब 55 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सुरक्षाबलों पर हमले, मुठभेड़ और आईईडी विस्फोट से जुड़े मामले शामिल हैं।
उस पर कितना इनाम था और किस राज्य ने कितना घोषित किया था?
असीम मंडल पर झारखंड सरकार ने ₹1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने ₹1.20 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था, जिससे कुल इनामी राशि ₹2.20 करोड़ थी।
आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ क्या जानकारी जुटाना चाहती हैं?
सुरक्षा एजेंसियाँ असीम मंडल से माओवादी संगठन के नेटवर्क, ठिकानों, हथियारों और विस्फोटक सामग्री के डंप की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। विशेष रूप से सारंडा और आसपास के जंगलों में छिपाई गई सामग्री का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित है।
असीम मंडल का झारखंड में सबसे बड़ा हमला कौन सा था?
11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका जंगल में आईईडी विस्फोट और मुठभेड़ में 209 कोबरा के नौ जवान घायल हुए थे। इसके अलावा 12 अप्रैल 2025 को राधापोरा मुठभेड़ में झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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