13 अगस्त 2026
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असम-अरुणाचल सीमा पर पत्थरबाजी से तनाव चरम पर, सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग बाधित

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असम-अरुणाचल सीमा पर पत्थरबाजी से तनाव चरम पर, सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग बाधित

सारांश

10 अगस्त को धेमाजी की मिंगमांग बस्ती में हुई गोलीबारी — जिसमें 12 लोग घायल हुए — के बाद असम-अरुणाचल सीमा पर आग सुलग रही है। TMPK की नाकाबंदी अब पत्थरबाजी में बदल चुकी है और सुरक्षाबल भी निशाने पर हैं। 804 किमी लंबी विवादित सीमा पर यह संकट नामसाई घोषणा की बातचीत प्रक्रिया को गंभीर चुनौती दे रहा है।

मुख्य बातें

10 अगस्त को धेमाजी जिले की मिंगमांग बस्ती में हुई गोलीबारी में कम से कम 12 लोग घायल हुए; घटना असम भूमि पर कथित अतिक्रमण विवाद से जुड़ी बताई जा रही है।
ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) ने 12 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी शुरू की, जिससे सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग सहित कई मार्ग बाधित हैं।
गुरुवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर की गई पत्थरबाजी में पुलिस और CRPF जवान भी निशाने पर आए।
अरुणाचल प्रदेश के पंजीकरण वाले वाहनों को कई प्रवेश बिंदुओं पर रोका जा रहा है।
संगठनों ने गोलीबारी के आरोपियों की गिरफ्तारी, 804.1 किमी लंबी विवादित सीमा के शीघ्र समाधान और अतिक्रमण पर कार्रवाई की माँग की है।

असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर 14 अगस्त 2026 को भी तनाव बना रहा, जब सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग पर चल रही आर्थिक नाकाबंदी पत्थरबाजी में बदल गई और दोनों पक्षों के प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में पुलिस तथा केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी घिर गए। यह तनाव 10 अगस्त को धेमाजी जिले के मिंगमांग बस्ती में हुई गोलीबारी की घटना के बाद से लगातार बढ़ रहा है, जिसमें कम से कम 12 लोग घायल हुए थे।

मुख्य घटनाक्रम

गोलीबारी की घटना धेमाजी के गेरुकामुख पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गोगमुख राजस्व सर्कल की मिंगमांग बस्ती में हुई — यह स्थान असम और अरुणाचल प्रदेश की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित है। अधिकारियों के अनुसार, यह विवाद अरुणाचल प्रदेश के कुछ लोगों द्वारा असम की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर भड़का। इस घटना के बाद मिसिंग और गालो समुदायों के बीच तनाव तेज़ी से बढ़ा, जिससे असम के धेमाजी जिले और अरुणाचल प्रदेश के निचले सियांग के कुछ हिस्सों में स्थिति संवेदनशील हो गई।

इसके बाद ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) ने 12 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी की घोषणा कर दी, जिससे दोनों राज्यों के बीच कई स्थानों पर आवागमन ठप हो गया। गुरुवार को सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग पर प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर की गई पत्थरबाजी के बाद स्थिति और बिगड़ गई।

सुरक्षा बलों पर हमला

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस और CRPF कर्मियों को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। अरुणाचल प्रदेश के पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को कई प्रवेश बिंदुओं पर रोका जा रहा है। प्रशासन ने निवासियों और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने तथा स्थिति को और बिगाड़ने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने की अपील की है।

संगठनों की माँगें

TMPK ने मिसिंग मिमाग केबांग (MMK) और ताकम मिसिंग महिला केबांग (TMMK) के साथ मिलकर तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें असम पुलिस को सौंपा जाए; असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद का शीघ्र समाधान हो; और असम क्षेत्र पर कथित अतिक्रमण के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाए।

सीमा विवाद की पृष्ठभूमि

असम और अरुणाचल प्रदेश 804.1 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसके कई हिस्से दशकों से विवादित हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों राज्य क्षेत्रीय तंत्र और नामसाई घोषणा के ढाँचे के तहत बातचीत के ज़रिए समाधान की दिशा में प्रयासरत हैं। गौरतलब है कि यह इस सीमा पर हाल के वर्षों में हुई ऐसी कई घटनाओं में से एक है जो बातचीत की प्रक्रिया को बाधित करती रही हैं।

आगे की स्थिति

तनाव अभी भी बना हुआ है और सुरक्षा बल तथा नागरिक अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रख रहे हैं। नाकाबंदी जारी रहने से दोनों राज्यों के बीच आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्थिति के शांत होने का रास्ता फिलहाल प्रशासनिक वार्ता और संगठनों की माँगों पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी घटनाएँ बातचीत की हर कोशिश को पटरी से उतारती रहेंगी।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम-अरुणाचल सीमा पर ताज़ा तनाव की शुरुआत कैसे हुई?
तनाव की शुरुआत 10 अगस्त को धेमाजी जिले की मिंगमांग बस्ती में हुई गोलीबारी से हुई, जिसमें कम से कम 12 लोग घायल हुए। यह घटना असम की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर हुए विवाद के बाद भड़की बताई जा रही है।
TMPK की आर्थिक नाकाबंदी क्या है और इसका असर किस पर पड़ रहा है?
ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) ने 12 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकाबंदी शुरू की है। इसका सबसे अधिक असर सिलपाथर-लिकबाली राजमार्ग पर पड़ा है, जहाँ अरुणाचल प्रदेश के पंजीकरण वाले वाहनों को कई प्रवेश बिंदुओं पर रोका जा रहा है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारी संगठनों की मुख्य माँगें क्या हैं?
TMPK, MMK और TMMK ने मिलकर तीन माँगें रखी हैं — गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें असम पुलिस को सौंपना; असम-अरुणाचल सीमा विवाद का शीघ्र स्थायी समाधान; और असम क्षेत्र पर कथित अतिक्रमण के विरुद्ध ठोस कार्रवाई।
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा विवाद कितना पुराना है?
दोनों राज्य 804.1 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जिसके कई हिस्से दशकों से विवादित हैं। दोनों राज्य नामसाई घोषणा के ढाँचे के तहत बातचीत के ज़रिए समाधान की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर विवाद बार-बार भड़कते रहे हैं।
मौजूदा स्थिति में सुरक्षा बलों की क्या भूमिका है?
पुलिस और CRPF जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात हैं, लेकिन गुरुवार को पत्थरबाजी के दौरान वे भी निशाने पर आए। प्रशासन ने निवासियों और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है और प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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