मणिपुर पुलिस ने उग्रवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 5 कैडर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- मणिपुर पुलिस ने पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
- राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर आगजनी के मुख्य आरोपी को पकड़ा गया।
- पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण सामान जब्त किया।
- ईडी ने अवैध वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
- सुरक्षा बलों की सक्रियता सुरक्षा स्थिति को मजबूत कर रही है।
इम्फाल, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने घाटी में सक्रिय उग्रवादी समूहों (वीबीआईजी) से जुड़े पांच कैडरों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर हाल ही में हुई आगजनी की घटना के मुख्य आरोपी को भी पकड़ा गया है। यह जानकारी मणिपुर पुलिस ने साझा की।
16 मार्च को सुरक्षा बलों ने तेंगनुपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित सीमा स्तंभ 73 और 75 के बीच से पांच उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में वाईखोंग गांव के थांगजाम अशोक कुमार सिंह उर्फ खोंगथांग, सगोलमांग अवांग लेइकाई के लैशराम निपामाचा सिंह उर्फ लोइया, सुगनु अवांग लेइकाई के थांगजाम मणिमातुम मेइतेई उर्फ सना, उरुप मखा लेइकाई के लैशराम इनाओ सिंह उर्फ सनमाचा और लामलाई नोंगड़ा के चिंगांगबम शक्ति सिंह उर्फ फैरेन शामिल हैं।
वहीं, एक अन्य मामले में 2 मार्च को राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर सेनापति जिले के कबिनम गांव में एक ट्रक में आग लगाने के मामले में जांच के बाद, मणिपुर पुलिस ने 14 मार्च को मुख्य आरोपी रामायो वाशुम (51) को गिरफ्तार किया। वह सेनापति जिले के काथिको करोंग का निवासी है।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन के दौरान एक मारुति जिप्सी और अपराध में इस्तेमाल होने वाले दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
इससे पहले 16 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंफाल सब जोनल कार्यालय ने मणिपुर में संचालित एक कथित अवैध वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 50.80 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया। यह कार्रवाई सलाई ग्रुप ऑफ कंपनीज, स्मार्ट सोसायटी और उनसे जुड़े अन्य संस्थानों से संबंधित है। ईडी ने इस संबंध में तीसरा प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है।