असम: धुबरी के सरकारी स्कूल प्रधानाध्यापक शाहजहां हुसैन शेख यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम के धुबरी जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को एक महिला के यौन उत्पीड़न और उसे अवैध संबंध बनाने के लिए कथित तौर पर मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान कचुवार खास गाँव निवासी शाहजहां हुसैन शेख के रूप में हुई है, जो 333 सोहराब चार प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत था।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पीड़िता महिला ने स्थानीय अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि शेख ने उसका यौन शोषण किया और बार-बार अवैध संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। पीड़िता के बयान के अनुसार, कथित घटनाएँ उस विद्यालय के आसपास के क्षेत्र में हुईं जहाँ आरोपी तैनात था। शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की।
कानूनी कार्रवाई
धुबरी जिले के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी शाहजहां हुसैन शेख को हिरासत में लेकर गुरुवार को धुबरी जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई की माँग की।
जाँच की स्थिति
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जाँच शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा, 'आरोपों के सभी पहलुओं की विस्तृत जाँच की जा रही है और जाँच के परिणाम के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएँगे।' संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनाक्रम को स्थापित करने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जाँच प्रारंभिक चरण में है और अदालत में अंतिम आरोप-पत्र दाखिल करने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।
समुदाय पर असर
इस कथित घटना ने धुबरी के स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। गौरतलब है कि आरोपी एक ऐसे सरकारी शिक्षण संस्थान का प्रमुख था, जिस पर छोटे बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में शैक्षणिक संस्थाओं में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज है।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जाँच के दौरान एकत्र साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। BNS की संबंधित धाराओं के तहत दोषसिद्धि पर कड़ी सजा का प्रावधान है। मामले की सुनवाई धुबरी जिला न्यायालय में होगी।