22 सितंबर 2026
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असम: मवेशी तस्करी के संदेह में 4 बांग्लादेशी समेत 5 गिरफ्तार, सीमा पार नेटवर्क की जांच तेज

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असम: मवेशी तस्करी के संदेह में 4 बांग्लादेशी समेत 5 गिरफ्तार, सीमा पार नेटवर्क की जांच तेज

सारांश

असम पुलिस ने सोमवार देर रात बदरपुर में चलाए अभियान में 4 बांग्लादेशी नागरिकों और एक भारतीय बिचौलिए को पकड़ा। सिलहट के जाकीगंज से आए ये नागरिक तुकुरग्राम से सीमा पार कर मवेशियों को बांग्लादेश ले जाने की तैयारी में थे — और अब जांचकर्ता बड़े तस्करी गिरोह के तार ढूंढ रहे हैं।

मुख्य बातें

असम पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को श्रीभूमि जिले के बदरपुर में मवेशी तस्करी के संदेह में 5 लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार चार बांग्लादेशी नागरिक — रेजाउल करीम, सब्बीर अहमद, राहेल अहमद और हसन अहमद ताहिम — कथित तौर पर बांग्लादेश के सिलहट जिले के जाकीगंज के निवासी हैं।
भारतीय नागरिक फजल उद्दीन (कछार जिला) को बिचौलिए के रूप में संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया।
आरोपी कथित तौर पर तुकुरग्राम क्षेत्र से भारत में दाखिल हुए और मवेशियों को बांग्लादेश ले जाने की तैयारी में थे।
पुलिस अब सीमा पार मार्ग, सहयोगकर्ताओं और संगठित तस्करी गिरोह की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

असम पुलिस ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को श्रीभूमि जिले के बदरपुर इलाके में सीमा पार मवेशी तस्करी के संदेह में चार बांग्लादेशी नागरिकों सहित पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार देर रात चलाए गए इस अभियान में पुलिस बांग्लादेश को मवेशियों और भैंसों की अवैध आपूर्ति से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क की जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, चारों बांग्लादेशी नागरिकों को बदरपुर के महाकाल गांव से पकड़ा गया। उनकी पहचान रेजाउल करीम, सब्बीर अहमद, राहेल अहमद और हसन अहमद ताहिम के रूप में हुई है — ये सभी कथित तौर पर बांग्लादेश के सिलहट जिले के जाकीगंज के निवासी हैं।

इसके अलावा कछार जिले के कटिगोरा क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के निवासी फजल उद्दीन नामक एक भारतीय नागरिक को भी हिरासत में लिया गया है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि फजल उद्दीन इस तस्करी ऑपरेशन में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।

घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी

प्रारंभिक जांच के अनुसार, चारों बांग्लादेशी नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित तुकुरग्राम क्षेत्र से भारत में दाखिल हुए थे और मवेशियों एवं भैंसों को वापस बांग्लादेश ले जाने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी के तुरंत बाद अधिकारियों ने सीमा पार करने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए मार्ग की जांच शुरू कर दी।

गौरतलब है कि यह ऑपरेशन सोमवार की देर रात चलाया गया — यानी योजनाबद्ध तरीके से खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई प्रतीत होती है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसका विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

जांच का दायरा

पुलिस हिरासत में लिए गए पाँचों व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि — बांग्लादेशी नागरिक भारतीय सीमा में किस रास्ते से और किसकी मदद से दाखिल हुए, मवेशियों की आवाजाही में कोई बड़ा संगठित गिरोह शामिल था या नहीं, और इस संदिग्ध सीमा पार ऑपरेशन में अन्य व्यक्तियों की क्या भूमिका रही।

व्यापक सुरक्षा संदर्भ

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब असम की सुरक्षा एजेंसियाँ बांग्लादेश से लगती राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर — विशेष रूप से अनधिकृत आवाजाही और तस्करी के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में — लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। यह ऐसी Nवीं गिरफ्तारी है जो इस सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय कथित तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

अधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी है और निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय सहयोग पर भी निर्भर है। जांच की असली परीक्षा यह होगी कि क्या पुलिस छोटे ऑपरेटिव्स से आगे बढ़कर उन नेटवर्क सूत्रधारों तक पहुँच पाती है जो ऐसी आवाजाही को संभव बनाते हैं।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम मवेशी तस्करी मामले में कितने और किन्हें गिरफ्तार किया गया?
असम पुलिस ने 22 सितंबर 2026 को श्रीभूमि जिले के बदरपुर में चार बांग्लादेशी नागरिकों — रेजाउल करीम, सब्बीर अहमद, राहेल अहमद और हसन अहमद ताहिम — और एक भारतीय नागरिक फजल उद्दीन को गिरफ्तार किया। कुल पाँच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक भारत में कहाँ से दाखिल हुए थे?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, चारों बांग्लादेशी नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित तुकुरग्राम क्षेत्र से भारत में दाखिल हुए थे। पुलिस इस कथित मार्ग और इसे संभव बनाने वाले सहयोगियों की जांच कर रही है।
भारतीय नागरिक फजल उद्दीन पर क्या आरोप है?
पुलिस को संदेह है कि कछार जिले के जगदीशपुर गांव निवासी फजल उद्दीन इस तस्करी ऑपरेशन में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। उससे पूछताछ जारी है और उसकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
असम पुलिस अब इस मामले में आगे क्या कर रही है?
जांचकर्ता पाँचों गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे सीमा पार कैसे आए, किसने मदद की और क्या वे किसी बड़े संगठित तस्करी गिरोह से जुड़े हैं। अधिकारियों ने कहा है कि निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
असम-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करी की समस्या कितनी पुरानी है?
असम की बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा लंबे समय से मवेशी तस्करी और अनधिकृत आवाजाही के लिए संवेदनशील मानी जाती रही है। राज्य की सुरक्षा एजेंसियाँ इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी अभियान चलाती हैं, और बदरपुर की यह गिरफ्तारी उसी सतत निगरानी का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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