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जनगणना 2027: असम के राज्यपाल आचार्य ने ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर दर्ज की जानकारी, 16 अगस्त तक भागीदारी की अपील

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जनगणना 2027: असम के राज्यपाल आचार्य ने ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर दर्ज की जानकारी, 16 अगस्त तक भागीदारी की अपील

सारांश

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने जनगणना 2027 के ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर स्वयं जानकारी दर्ज कर नागरिकों को संदेश दिया। 16 अगस्त तक ऑनलाइन, फिर 17 अगस्त से 15 सितंबर तक घर-घर गणना — सटीक भागीदारी से ही बनेगा मजबूत राष्ट्रीय डेटाबेस।

मुख्य बातें

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 4 अगस्त को लोक भवन, गुवाहाटी में ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल के जरिए जनगणना 2027 के लिए अपनी जानकारी दर्ज की।
ऑनलाइन स्व-गणना की अंतिम तिथि 16 अगस्त है; इसके बाद 17 अगस्त से 15 सितंबर तक घर-घर जनगणना होगी।
डायरेक्टर-कम-चीफ प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर बिस्वजीत पेगु और वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने जनगणना को साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण, संसाधन आवंटन और कल्याणकारी योजनाओं की नींव बताया।
नागरिकों से अपील की गई कि वे परिवार, पड़ोसियों और सहकर्मियों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मंगलवार, 4 अगस्त को गुवाहाटी स्थित लोक भवन में ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पोर्टल के माध्यम से जनगणना 2027 के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी स्वयं दर्ज की। इस अवसर पर उन्होंने असम के सभी योग्य निवासियों से 16 अगस्त तक इस पोर्टल पर अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी भरने का आग्रह किया।

मुख्य घटनाक्रम

राज्यपाल आचार्य ने यह प्रक्रिया डायरेक्टर-कम-चीफ प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर बिस्वजीत पेगु और जनगणना संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी की। उन्होंने डिजिटल स्व-गणना सुविधा को सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोग में सरल बताया। राज्यपाल का यह कदम नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ने की व्यापक सरकारी मुहिम का हिस्सा है।

राज्यपाल का संदेश

आचार्य ने कहा, "जनगणना कल्याणकारी योजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने, संसाधनों के संतुलित आवंटन और जानकारीपूर्ण विकास नीतियों का आधार बनती है। समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए सटीक डेटा जरूरी है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑनलाइन सुविधा नागरिकों को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी आसानी से निभाने और एक सटीक व भरोसेमंद राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है।

जनगणना प्रक्रिया का चरणबद्ध कार्यक्रम

अधिकारियों के अनुसार, स्व-गणना पोर्टल इसलिए शुरू किया गया है ताकि नागरिक घर-घर जाकर की जाने वाली भौतिक गणना शुरू होने से पहले ही अपनी जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकें। 17 अगस्त से 15 सितंबर के बीच एन्यूमरेटर घर-घर जाकर जनगणना करेंगे। राज्यपाल ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे इस दौरान गणनाकर्ताओं को सही और पूरी जानकारी देकर पूरा सहयोग करें।

आम जनता पर असर

राज्यपाल ने जोर दिया कि जनगणना देशभर में साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण, प्रभावी शासन और सार्वजनिक सेवाओं के न्यायसंगत वितरण की नींव है। गौरतलब है कि भारत में जनगणना का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और रोजगार योजनाओं के लिए संसाधन आवंटन तय करने में होता है — इसलिए सटीक भागीदारी सीधे नागरिक सुविधाओं को प्रभावित करती है। आचार्य ने लोगों से अपने परिवार, पड़ोसियों, मित्रों और सहकर्मियों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

क्या होगा आगे

ऑनलाइन स्व-गणना की अंतिम तिथि 16 अगस्त है, जिसके बाद 17 अगस्त से 15 सितंबर तक घर-घर जनगणना का दौर शुरू होगा। राज्यपाल के अनुसार, नागरिकों की सामूहिक और सक्रिय भागीदारी से एक व्यापक, त्रुटि-मुक्त जनगणना सुनिश्चित होगी, जो राज्य और राष्ट्रीय — दोनों स्तरों पर विकास योजनाओं को मजबूत आधार देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असम जैसे राज्य में — जहाँ ग्रामीण और चाय बागान क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँच सीमित है — असली चुनौती डिजिटल खाई को पाटना होगी। बिना व्यापक जागरूकता अभियान और भाषाई सुलभता के, ऑनलाइन पोर्टल शहरी और शिक्षित वर्ग तक ही सीमित रह सकता है।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 का ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल क्या है?
यह एक सरकारी डिजिटल सुविधा है जिसके जरिए नागरिक घर-घर गणना शुरू होने से पहले ही अपने और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसे सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोग में आसान बताया गया है।
जनगणना 2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना की अंतिम तिथि क्या है?
ऑनलाइन स्व-गणना की अंतिम तिथि 16 अगस्त है। इसके बाद 17 अगस्त से 15 सितंबर के बीच एन्यूमरेटर घर-घर जाकर जनगणना करेंगे।
असम के राज्यपाल ने जनगणना में भाग लेना क्यों जरूरी बताया?
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के अनुसार, जनगणना कल्याणकारी योजनाओं, संसाधन आवंटन और विकास नीतियों की नींव है। सटीक डेटा के बिना समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना संभव नहीं है।
घर-घर जनगणना कब होगी और नागरिकों को क्या करना होगा?
17 अगस्त से 15 सितंबर के बीच एन्यूमरेटर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। नागरिकों से अनुरोध है कि वे गणनाकर्ताओं को सही और पूरी जानकारी देकर सहयोग करें।
जनगणना 2027 में भागीदारी से आम नागरिक को क्या फायदा होगा?
जनगणना के आँकड़ों के आधार पर स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और रोजगार जैसी सरकारी योजनाओं के लिए संसाधन आवंटित होते हैं। सटीक और व्यापक भागीदारी से राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर विकास योजनाएँ अधिक प्रभावी बनती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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