जनगणना 2027: असम के राज्यपाल आचार्य ने ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल पर दर्ज की जानकारी, 16 अगस्त तक भागीदारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मंगलवार, 4 अगस्त को गुवाहाटी स्थित लोक भवन में ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) पोर्टल के माध्यम से जनगणना 2027 के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी स्वयं दर्ज की। इस अवसर पर उन्होंने असम के सभी योग्य निवासियों से 16 अगस्त तक इस पोर्टल पर अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी भरने का आग्रह किया।
मुख्य घटनाक्रम
राज्यपाल आचार्य ने यह प्रक्रिया डायरेक्टर-कम-चीफ प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर बिस्वजीत पेगु और जनगणना संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पूरी की। उन्होंने डिजिटल स्व-गणना सुविधा को सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोग में सरल बताया। राज्यपाल का यह कदम नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ने की व्यापक सरकारी मुहिम का हिस्सा है।
राज्यपाल का संदेश
आचार्य ने कहा, "जनगणना कल्याणकारी योजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने, संसाधनों के संतुलित आवंटन और जानकारीपूर्ण विकास नीतियों का आधार बनती है। समावेशी और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए सटीक डेटा जरूरी है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑनलाइन सुविधा नागरिकों को अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी आसानी से निभाने और एक सटीक व भरोसेमंद राष्ट्रीय डेटाबेस के निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है।
जनगणना प्रक्रिया का चरणबद्ध कार्यक्रम
अधिकारियों के अनुसार, स्व-गणना पोर्टल इसलिए शुरू किया गया है ताकि नागरिक घर-घर जाकर की जाने वाली भौतिक गणना शुरू होने से पहले ही अपनी जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकें। 17 अगस्त से 15 सितंबर के बीच एन्यूमरेटर घर-घर जाकर जनगणना करेंगे। राज्यपाल ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे इस दौरान गणनाकर्ताओं को सही और पूरी जानकारी देकर पूरा सहयोग करें।
आम जनता पर असर
राज्यपाल ने जोर दिया कि जनगणना देशभर में साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण, प्रभावी शासन और सार्वजनिक सेवाओं के न्यायसंगत वितरण की नींव है। गौरतलब है कि भारत में जनगणना का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और रोजगार योजनाओं के लिए संसाधन आवंटन तय करने में होता है — इसलिए सटीक भागीदारी सीधे नागरिक सुविधाओं को प्रभावित करती है। आचार्य ने लोगों से अपने परिवार, पड़ोसियों, मित्रों और सहकर्मियों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
क्या होगा आगे
ऑनलाइन स्व-गणना की अंतिम तिथि 16 अगस्त है, जिसके बाद 17 अगस्त से 15 सितंबर तक घर-घर जनगणना का दौर शुरू होगा। राज्यपाल के अनुसार, नागरिकों की सामूहिक और सक्रिय भागीदारी से एक व्यापक, त्रुटि-मुक्त जनगणना सुनिश्चित होगी, जो राज्य और राष्ट्रीय — दोनों स्तरों पर विकास योजनाओं को मजबूत आधार देगी।