30 सितंबर 2026
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अरुणाचल के चांगलांग में उग्रवादी घात में असम राइफल्स हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद, चार जवान घायल

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अरुणाचल के चांगलांग में उग्रवादी घात में असम राइफल्स हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद, चार जवान घायल

सारांश

भारत-म्यांमार की खुली सीमा पर चांगलांग में उग्रवादियों के घात ने एक और जवान की जान ली। असम राइफल्स हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद, चार घायल। NSCN-K-YA की संलिप्तता की खबरें, पुष्टि बाकी। सर्च ऑपरेशन जारी।

मुख्य बातें

29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में नामपोंग नाला के पास उग्रवादियों ने 21 असम राइफल्स की गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया।
हवलदार जांगखोकाई कुकी (42 वर्ष) घटनास्थल पर ही शहीद हो गए; चार अन्य जवान घायल हैं।
कथित तौर पर हमले में NSCN-K-YA से जुड़े उग्रवादियों का हाथ बताया जा रहा है, किंतु आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
असम राइफल्स DG लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने हमले की निंदा करते हुए शहीद को श्रद्धांजलि दी।
फरार उग्रवादियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी; अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात।
चांगलांग की भारत-म्यांमार सीमा पर अभी तक कोई सीमा-बाड़ नहीं है, जो इसे संवेदनशील बनाती है।

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर गश्त के दौरान भारी हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने 29 सितंबर 2026 को 21 असम राइफल्स की एक पेट्रोलिंग टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में हवलदार जांगखोकाई कुकी (42 वर्ष) मौके पर ही शहीद हो गए और चार अन्य जवान घायल हो गए।

घटनाक्रम: कब, कहाँ और कैसे

यह हमला नामपोंग सर्कल के नामपोंग नाला के निकट उस क्षेत्र में हुआ, जहाँ सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य प्रगति पर है। ईटानगर में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्ती दल पर अचानक गोलीबारी की, जिसमें गैर-कमीशंड अधिकारी (NCO) की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। चांगलांग जिले की सीमा म्यांमार से लगती है और इस पूरे खंड में अभी तक कोई सीमा-बाड़ नहीं लगी है।

घायल जवानों को तत्काल नज़दीकी अस्पताल भेजा गया है। उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

असम राइफल्स की श्रद्धांजलि और आधिकारिक बयान

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा (AVSM, SM) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए शहीद हवलदार को श्रद्धांजलि अर्पित की। पैरामिलिट्री बल के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर जारी पोस्ट में कहा गया: 'असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा और असम राइफल्स के सभी रैंक के जवान, हवलदार जांगखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने 29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम अपने बहादुर सैनिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। असम राइफल्स के डीजी और सभी रैंक के जवान शोक संतप्त परिवार के साथ मज़बूती से खड़े हैं।'

उग्रवादी संगठन और जाँच की स्थिति

कथित तौर पर इस हमले में NSCN-K-YA (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड - खापलांग - यूंग आउंग) से जुड़े उग्रवादियों का हाथ होने की खबरें हैं, हालाँकि अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चांगलांग जिले के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने बताया कि उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को घटना की विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि चांगलांग जिला और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार म्यांमार की ओर कई प्रतिबंधित विद्रोही गुट वर्षों से सक्रिय हैं। खुली और अनबाड़ी सीमा इस क्षेत्र को सुरक्षा बलों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बनाती है।

सुरक्षा अभियान और प्रतिक्रिया

हमले के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए। फरार उग्रवादियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब सीमावर्ती इलाके में बाड़ लगाने का काम जारी है और सुरक्षा बल नियमित रूप से उन क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं जहाँ उग्रवादी गतिविधियों का खतरा बना रहता है।

पृष्ठभूमि: संवेदनशील सीमा और पुराने हमले

यह इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों पर हुए कई घात-हमलों में से एक है। चांगलांग और आसपास के जिले दशकों से उग्रवाद-प्रभावित रहे हैं। म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता के बाद सीमापार से उग्रवादी गुटों की आवाजाही में वृद्धि की आशंका सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार जताते रहे हैं। आने वाले दिनों में जाँच और ऑपरेशन के नतीजे इस हमले की पूरी तस्वीर स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं निर्माण-कार्य के दौरान गश्त करने वाले जवान सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं — यह विरोधाभास नीति-निर्माताओं के लिए गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। म्यांमार में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सीमापार उग्रवादी गुटों की गतिशीलता बढ़ी है, फिर भी इस क्षेत्र को राष्ट्रीय सुरक्षा विमर्श में वह ध्यान नहीं मिलता जिसका वह हकदार है। NSCN-K-YA की संलिप्तता की खबरें, यदि सत्यापित होती हैं, तो यह संकेत देती हैं कि शांति वार्ताओं के बावजूद सशस्त्र गुट परिचालन क्षमता बनाए हुए हैं।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में उग्रवादी हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 29 सितंबर 2026 को चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाला के पास हुआ, जहाँ भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है। संदिग्ध उग्रवादियों ने 21 असम राइफल्स की गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर गोलीबारी की।
शहीद हवलदार जांगखोकाई कुकी कौन थे?
हवलदार जांगखोकाई कुकी 21 असम राइफल्स में तैनात 42 वर्षीय जवान थे, जो चांगलांग में गश्त के दौरान उग्रवादी हमले में शहीद हो गए। असम राइफल्स के महानिदेशक और सभी रैंक के जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
इस हमले में किस उग्रवादी संगठन का हाथ बताया जा रहा है?
कथित तौर पर इस हमले में NSCN-K-YA (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड - खापलांग - यूंग आउंग) से जुड़े उग्रवादियों की संलिप्तता की खबरें हैं। हालाँकि, अब तक किसी भी एजेंसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
हमले के बाद सुरक्षाबलों ने क्या कदम उठाए?
हमले के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए और फरार उग्रवादियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। चांगलांग SP किर्ली पाडु ने पुलिस स्टेशन इंचार्ज को विस्तृत जाँच के निर्देश दिए हैं।
चांगलांग जिले की सीमा इतनी संवेदनशील क्यों है?
चांगलांग जिले की सीमा म्यांमार से लगती है और इस पूरे खंड में अभी तक कोई सीमा-बाड़ नहीं लगी है, जिससे सीमापार आवाजाही नियंत्रित करना कठिन है। इस क्षेत्र में और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार कई प्रतिबंधित उग्रवादी गुट वर्षों से सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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