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अरुणाचल के चांगलांग में उग्रवादी घात से असम राइफल्स हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद, चार जवान घायल

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अरुणाचल के चांगलांग में उग्रवादी घात से असम राइफल्स हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद, चार जवान घायल

सारांश

अरुणाचल के चांगलांग में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के घात से असम राइफल्स के हवलदार जांगखोकाई कुकी शहीद हो गए। यह हमला उस क्षेत्र में हुआ जहाँ बाड़ निर्माण जारी है और NSCN-K-YA की संलिप्तता की खबर है, पर पुष्टि नहीं।

मुख्य बातें

29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में उग्रवादियों ने 21 असम राइफल्स की गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया।
हवलदार जांगखोकाई कुकी (42 वर्ष) मौके पर ही वीरगति को प्राप्त हुए; चार जवान घायल , अस्पताल में उपचाराधीन।
हमला नामपोंग सर्कल के नामपोंग नाला के निकट हुआ जहाँ भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है।
कथित तौर पर NSCN-K-YA से जुड़े उग्रवादियों की संलिप्तता की खबर, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं ।
असम राइफल्स महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने हमले की निंदा कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात, बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी।

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर 29 सितंबर 2026 को संदिग्ध उग्रवादियों ने 21 असम राइफल्स की गश्ती टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें हवलदार जांगखोकाई कुकी (42 वर्ष) वीरगति को प्राप्त हुए और चार अन्य जवान घायल हो गए। यह हमला नामपोंग सर्कल के नामपोंग नाला के निकट उस क्षेत्र में हुआ जहाँ सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य प्रगति पर है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

ईटानगर में एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, भारी हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने गश्त पर निकली टुकड़ी पर अचानक गोलीबारी की। शुरुआती रिपोर्टों के हवाले से बताया गया कि हमले में हवलदार जांगखोकाई कुकी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि चार अन्य जवान घायल हुए। घायल जवानों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि की प्रतीक्षा है।

चांगलांग जिले की सीमा म्यांमार से लगती है और इस क्षेत्र में अभी तक सीमा बाड़ नहीं लगाई गई है, जो इसे सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बनाती है।

संदिग्ध उग्रवादी संगठन

कथित तौर पर इस हमले में एनएससीएन-के-वाईए (NSCN-K-YA) से जुड़े उग्रवादियों की संलिप्तता की खबरें हैं, हालाँकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। चांगलांग जिले के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडु ने बताया कि उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को घटना के विस्तृत विवरण जुटाने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि इस क्षेत्र में और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार कई प्रतिबंधित विद्रोही गुट सक्रिय रहे हैं, जो समय-समय पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं।

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

हमले के तत्काल बाद प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और भागे हुए उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है।

असम राइफल्स महानिदेशक की श्रद्धांजलि

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा (AVSM, SM) ने इस हमले की कड़ी निंदा की और शहीद हवलदार के सर्वोच्च बलिदान पर गहरा शोक व्यक्त किया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर असम राइफल्स के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट में कहा गया: 'असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा (एवीएसएम, एसएम) और असम राइफल्स के सभी रैंक के जवान, हवलदार जांगखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने 29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। हम अपने बहादुर सैनिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।'

संवेदनशील सीमा और आगे की चुनौती

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ निर्माण का कार्य जारी है और म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता के कारण सीमा पार आवाजाही पर निगरानी पहले से ही बढ़ाई जा रही है। चांगलांग जिले में बाड़रहित सीमा उग्रवादी घुसपैठ के लिए एक कमज़ोर कड़ी बनी हुई है। घटना के संबंध में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है और जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी का फायदा उठाकर उग्रवादियों ने वार किया। म्यांमार में सैन्य शासन के बाद से सीमा पार विद्रोही गुटों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं और NSCN-K-YA जैसे गुटों का खतरा लगातार बना हुआ है। यह घटना यह भी रेखांकित करती है कि बाड़रहित सीमा पर गश्त दल कितने असुरक्षित हैं — जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक सुरक्षा की खाई बनी रहेगी। असली सवाल यह है कि बाड़ निर्माण की समयसीमा और गश्त प्रोटोकॉल की समीक्षा कब होगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुणाचल के चांगलांग में असम राइफल्स पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 29 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाला के निकट हुआ, जहाँ भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ निर्माण कार्य चल रहा है। 21 असम राइफल्स की गश्ती टुकड़ी पर भारी हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया।
शहीद हवलदार जांगखोकाई कुकी कौन थे?
हवलदार जांगखोकाई कुकी 42 वर्षीय असम राइफल्स के जवान थे, जो 29 सितंबर 2026 को चांगलांग में गश्त के दौरान उग्रवादी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए। असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
इस हमले में किस उग्रवादी संगठन का हाथ माना जा रहा है?
कथित तौर पर इस हमले में NSCN-K-YA (नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड - खपलांग - यूंग अउंग) से जुड़े उग्रवादियों की संलिप्तता की खबरें हैं। हालाँकि, अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जाँच जारी है।
घायल जवानों की स्थिति क्या है?
हमले में घायल चार जवानों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी की अभी प्रतीक्षा है।
चांगलांग जिले की सीमा इतनी संवेदनशील क्यों है?
चांगलांग जिले की सीमा म्यांमार से लगती है और इस क्षेत्र में अभी तक सीमा बाड़ नहीं लगाई गई है, जिससे यह उग्रवादी घुसपैठ के लिए असुरक्षित बना हुआ है। इस इलाके और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार कई प्रतिबंधित विद्रोही गुट सक्रिय हैं और म्यांमार में राजनीतिक अस्थिरता के बाद से सीमा पार गतिविधियाँ और बढ़ी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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