उल्फा-आई में शामिल होने जा रहा असम का युवक गिरफ्तार, चराइदेव पुलिस और 20 असम राइफल्स का संयुक्त ऑपरेशन
सारांश
मुख्य बातें
असम के चराइदेव जिले का एक युवक 24 सितंबर 2026 को सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़ा, जब वह कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) में शामिल होने के लिए नागालैंड के मोन जिले की ओर जा रहा था। खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में चराइदेव पुलिस और 20 असम राइफल्स के जवानों की संयुक्त टीम ने उसे रोका।
कौन है गिरफ्तार युवक
पकड़े गए युवक की पहचान श्यामला दानाह के रूप में हुई है, जो चराइदेव जिले के महमोरा, अलीकिनर स्थित थुलाई चुक का रहने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, दानाह कथित तौर पर पहले से उल्फा-आई के साथ 'ओवरग्राउंड वर्कर' के रूप में जुड़ा हुआ था और इस बार विद्रोही संगठन में पूर्णकालिक तौर पर शामिल होने के इरादे से यात्रा कर रहा था।
ऑपरेशन कैसे हुआ
खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के बाद कि दानाह मोन की ओर जा रहा है — जहाँ उल्फा-आई के कैंप तक पहुँचने के रास्ते और संपर्क-सूत्र माने जाते हैं — चराइदेव पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। इस ऑपरेशन की अगुवाई डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (मुख्यालय) और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (साउथ) ने की, जबकि 20 असम राइफल्स के जवानों ने सहयोग दिया।
दानाह को गिरफ्तार कर चराइदेव वापस लाया गया और आगे की पूछताछ व जाँच के लिए सोनाड़ी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। जाँचकर्ता कथित तौर पर संगठन के साथ उसके संपर्कों का पता लगाने और उन लोगों की पहचान करने में जुटे हैं जिन्होंने उसकी यात्रा में मदद की होगी।
उल्फा-आई के खिलाफ बढ़ते ऑपरेशन
यह गिरफ्तारी ऊपरी असम में उल्फा-आई की भर्ती, जबरन वसूली और सपोर्ट नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों के तेज किए गए अभियानों की पृष्ठभूमि में हुई है। जून 2026 में असम पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने तिनसुकिया में उल्फा-आई के दो संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से असॉल्ट राइफल, गोला-बारूद, ग्रेनेड और अन्य सैन्य उपकरण बरामद हुए थे।
इसी महीने की शुरुआत में डिब्रूगढ़ में जबरन वसूली के एक कथित मामले में उल्फा-आई से जुड़े संदिग्धों को पकड़ा गया था। 14 सितंबर 2026 को चराइदेव में ही जबरन वसूली की कथित गतिविधियों के सिलसिले में एक अन्य संयुक्त ऑपरेशन में उल्फा-आई के एक संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर को हिरासत में लिया गया था। यह दूसरे ही महीने में चराइदेव से उल्फा-आई से जुड़ी गिरफ्तारी है।
कानूनी स्थिति
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उल्फा-आई को 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत एक गैर-कानूनी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया हुआ है। इस संगठन के सदस्यों या सहयोगियों से किसी भी प्रकार का सक्रिय जुड़ाव कड़े कानूनी प्रावधानों के दायरे में आता है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, दानाह के कथित संपर्कों और यात्रा के इरादे की जाँच जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ में उल्फा-आई के ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क और कथित वित्तीय चैनलों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं, जिन पर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से नजर रखे हुए हैं।