15 सितंबर 2026
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काकोपाथर में उल्फा(आई) का संदिग्ध हथियार तस्कर गिरफ्तार, 7.65mm पिस्तौल और नकदी बरामद

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काकोपाथर में उल्फा(आई) का संदिग्ध हथियार तस्कर गिरफ्तार, 7.65mm पिस्तौल और नकदी बरामद

सारांश

तिनसुकिया के काकोपाथर में संयुक्त सुरक्षा अभियान में उल्फा(आई) के कथित ओवर ग्राउंड वर्कर मोहम्मद सलाउद्दीन को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 7.65mm पिस्तौल, कारतूस और खंजर बरामद। अगस्त में चार कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद यह पूर्वोत्तर में उल्फा(आई) के विरुद्ध जारी अभियानों की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को असम राइफल्स , 7 फील्ड रेजिमेंट और असम पुलिस की संयुक्त टीम ने काकोपाथर, तिनसुकिया में उल्फा(आई) के संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सलाउद्दीन ( 52 वर्ष ), नागालैंड के मोन जिले का निवासी है।
बरामदगी में 7.65 मिमी पिस्तौल , एक मैगजीन, चार कारतूस, एक खंजर, दो मोबाइल फोन और नकदी शामिल है।
प्रारंभिक पूछताछ में जबरन वसूली और अवैध हथियार तस्करी में संलिप्तता का संकेत मिला है।
इससे पहले 8 अगस्त 2026 को लोंगडिंग, अरुणाचल प्रदेश में उल्फा(आई) के चार कैडरों ने असम राइफल्स के सामने आत्मसमर्पण किया था।

असम राइफल्स, 7 फील्ड रेजिमेंट और असम पुलिस की संयुक्त टीम ने 15 सितंबर 2026 की सुबह तिनसुकिया जिले के काकोपाथर में प्रतिबंधित संगठन उल्फा (इंडिपेंडेंट) के एक कथित ओवर ग्राउंड वर्कर और संदिग्ध हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस अभियान में सुरक्षा बलों ने कथा बस्ती में तलाशी लेकर आरोपी को पकड़ा और उसके पास से हथियार समेत अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की।

कौन है गिरफ्तार व्यक्ति

हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद सलाउद्दीन (52 वर्ष) के रूप में हुई है, जो नागालैंड के मोन जिले का निवासी बताया जाता है। प्रारंभिक पूछताछ में उसके उल्फा(आई) से संपर्क, जबरन वसूली और अवैध हथियारों की तस्करी में संलिप्तता का संकेत मिला है।

गौरतलब है कि ओवर ग्राउंड वर्कर वे व्यक्ति होते हैं जो प्रतिबंधित संगठनों के लिए सुरक्षा बलों की पकड़ से बाहर रहकर लॉजिस्टिक, भर्ती और धन संग्रह का काम करते हैं।

बरामदगी का ब्यौरा

सलाउद्दीन के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई:

7.65 मिमी की एक पिस्तौल, एक मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक खंजर, दो मोबाइल फोन और नकदी। आरोपी तथा सभी बरामद सामग्री को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए काकोपाथर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। जाँच जारी है।

पृष्ठभूमि: अगस्त में उल्फा कैडरों का आत्मसमर्पण

यह गिरफ्तारी ऐसे समय आई है जब इससे पहले 8 अगस्त 2026 को उल्फा (इंडिपेंडेंट) के चार कट्टर कैडरों ने अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में असम राइफल्स के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपने हथियार व गोला-बारूद जमा कर दिए थे।

रक्षा विभाग के अनुसार, लोंगडिंग के चुपखाओ ट्रैक पर खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए सुनियोजित ऑपरेशन के दौरान इन कैडरों को हथियार डालने और मुख्यधारा में लौटने के लिए राज़ी किया गया। आत्मसमर्पण के दौरान उन्होंने चार हथियार और युद्ध सामग्री सुरक्षा बलों को सौंपी।

सुरक्षा अभियानों का व्यापक संदर्भ

पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा बल पिछले कुछ वर्षों से उल्फा(आई) के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर तलाशी, निरंतर निगरानी और सटीक ऑपरेशनल प्लानिंग इन अभियानों की विशेषता रही है। 15 सितंबर की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है।

विश्लेषकों का मानना है कि ओवर ग्राउंड वर्करों की गिरफ्तारी प्रतिबंधित संगठनों की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आगे की जाँच से इस मामले में और नामों के सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ओवर ग्राउंड वर्करों की सक्रियता बताती है कि जमीनी आपूर्ति और वसूली तंत्र अब भी चालू है। असल सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ बड़े नेटवर्क तक पहुँचने का रास्ता खोलती हैं, या यह सिलसिला केवल निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक सीमित रहता है — जो लंबे समय से पूर्वोत्तर सुरक्षा अभियानों की एक बड़ी चुनौती रही है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काकोपाथर में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
15 सितंबर 2026 को तिनसुकिया के काकोपाथर में मोहम्मद सलाउद्दीन (52 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया, जो उल्फा(आई) का कथित ओवर ग्राउंड वर्कर और संदिग्ध हथियार तस्कर है। खुफिया सूचना के आधार पर असम राइफल्स, 7 फील्ड रेजिमेंट और असम पुलिस की संयुक्त टीम ने कथा बस्ती में तलाशी लेकर उसे पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
सलाउद्दीन के पास से 7.65 मिमी की पिस्तौल, एक मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक खंजर, दो मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई। सभी सामग्री काकोपाथर पुलिस स्टेशन को सौंप दी गई है।
उल्फा(आई) का ओवर ग्राउंड वर्कर क्या होता है?
ओवर ग्राउंड वर्कर वे व्यक्ति होते हैं जो किसी प्रतिबंधित संगठन के लिए सीधे हथियारबंद गतिविधियों में भाग लिए बिना लॉजिस्टिक, धन संग्रह, भर्ती और सूचना संप्रेषण का काम करते हैं। ये सुरक्षा बलों की नज़र से बचते हुए संगठन की आपूर्ति श्रृंखला को सक्रिय रखते हैं।
अगस्त 2026 में उल्फा(आई) कैडरों के आत्मसमर्पण की क्या घटना हुई थी?
8 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में चुपखाओ ट्रैक पर उल्फा(आई) के चार कट्टर कैडरों ने असम राइफल्स के सामने आत्मसमर्पण किया और चार हथियार व गोला-बारूद जमा किए। रक्षा विभाग के अनुसार, यह खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए सुनियोजित ऑपरेशन का परिणाम था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
आरोपी मोहम्मद सलाउद्दीन को काकोपाथर पुलिस को सौंप दिया गया है और जाँच जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में और कड़ियाँ सामने आने की संभावना है, जो उल्फा(आई) के व्यापक नेटवर्क तक पहुँचने में मददगार हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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