तिनसुकिया में उल्फा (आई) के आतंकी हमले की साजिश नाकाम, दो सदस्य गिरफ्तार; AK-56 राइफलें और ग्रेनेड बरामद
सारांश
मुख्य बातें
असम के तिनसुकिया जिले में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने 27 जून 2026 को संयुक्त अभियान चलाकर प्रतिबंधित संगठन उल्फा (आई) के दो सक्रिय सदस्यों को जगुन क्षेत्र से गिरफ्तार किया और तिनसुकिया शहर में आम नागरिकों को निशाना बनाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस विशेष अभियान को सुरक्षा एजेंसियाँ क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक अहम सफलता मान रही हैं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान सियोर असोम उर्फ हुमेनज्योति बरुआ (27 वर्ष), निवासी पानीटोला, तिनसुकिया, और मनोज असोम उर्फ पापु मोरन (30 वर्ष), निवासी बाघजान क्षेत्र, के रूप में हुई है। दोनों कथित तौर पर उल्फा (आई) संगठन में सक्रिय सदस्य थे।
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, इन दोनों को संगठन की ओर से तिनसुकिया शहर में आम लोगों के बीच अंधाधुंध हमला कर भय और अस्थिरता का माहौल बनाने का निर्देश दिया गया था।
बरामद हथियार और सामग्री
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और युद्ध-सामग्री जब्त की है। बरामद सामान में शामिल हैं: दो AK-56 राइफलें, 172 जिंदा कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, मेडिसिन किट, सिरिंज, ओपिओइड्स, जंगल में लंबे समय तक रहने के लिए खाद्य सामग्री, बैकपैक तथा अन्य युद्ध-संबंधी सामग्री।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और तैयारी इस बात का संकेत है कि किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
साजिश की व्यापक रणनीति
जाँच एजेंसियों के अनुसार, इस षड्यंत्र के पीछे केवल स्थानीय अस्थिरता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को अशांत करने की व्यापक रणनीति हो सकती है। अधिकारियों ने बताया कि बाहरी ताकतों के संभावित प्रभाव की भी जाँच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत में उग्रवाद विरोधी अभियान पहले से तेज किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद तिनसुकिया और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क, सहयोगियों तथा संभावित अन्य ठिकानों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि जाँच पूरी होने के बाद पूरे षड्यंत्र और इसमें शामिल अन्य लोगों की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
गौरतलब है कि उल्फा (आई) पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया हुआ है और यह संगठन वर्षों से असम में सशस्त्र अभियान चलाता रहा है। यह गिरफ्तारी उत्तर-पूर्व में सक्रिय उग्रवादी ढाँचे के विरुद्ध सुरक्षा बलों की बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है।