ग्लेन मैक्सवेल बोले — ETPL से यूरोपीय क्रिकेट को मिलेगी रफ्तार, USA लगभग हरा चुका था भारत को
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने 2 जुलाई 2026 को ईटीपीएल 2026 प्लेयर ड्राफ्ट के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि क्रिकेट की स्थापित 'फुल मेंबर' टीमों और उभरते हुए एसोसिएट देशों के बीच का अंतर तेज़ी से सिकुड़ रहा है। बेलफास्ट वुल्व्स के सह-मालिक और कप्तान की भूमिका में मैक्सवेल ने यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) को इस बदलाव की अगली बड़ी कड़ी बताया।
USA का वह पल जो क्रिकेट इतिहास बदल सकता था
मैक्सवेल ने टी20 विश्व कप में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के प्रदर्शन को एसोसिएट क्रिकेट की बढ़ती ताकत के सबसे ज़ोरदार उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, "आपको बस यूएस जैसी टीम को देखना चाहिए। जिस तरह से वे बतौर टीम आगे बढ़े हैं और पिछले टी20 वर्ल्ड कप में खेले हैं... अगर उन्होंने शायद स्काई (सूर्यकुमार यादव) का कैच पकड़ लिया होता, तो वे वहां भारत को हरा भी सकते थे।"
यह टिप्पणी उस चर्चित मैच की याद दिलाती है जिसमें USA ने भारत को कड़ी टक्कर दी थी और मैच का पलड़ा कई बार पलटता दिखा। मैक्सवेल के अनुसार, यह महज़ एक संयोग नहीं, बल्कि एसोसिएट क्रिकेट के व्यापक उभार का संकेत है।
आयरलैंड की भारत पर क्लीन स्वीप — एक और बड़ा संकेत
गौरतलब है कि आयरलैंड ने हाल ही में भारत के खिलाफ टी20 सीरीज़ में 2-0 से क्लीन स्वीप किया। जब मैक्सवेल से पूछा गया कि क्या ETPL यूरोपीय खिलाड़ियों को ऐसे और नतीजे दिलाने में सहायक हो सकता है, तो उन्होंने सकारात्मक उत्तर दिया। उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि ETPL के साथ भी ऐसा ही होगा। इन देशों में विकास का काम काफी तेज़ी से हो सकता है। इससे क्रिकेट की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।"
ETPL की भूमिका — अनुभव और मंच दोनों
मैक्सवेल के अनुसार, फ्रेंचाइजी लीग एसोसिएट देशों को वह अनुभव और प्रतिस्पर्धी मंच देती हैं जो पहले केवल द्विपक्षीय सीरीज़ और ICC टूर्नामेंट तक सीमित था। उन्होंने कहा, "उभरती हुई टीमें इन दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलने का मौका पाती हैं, जिनके पास बहुत ज़्यादा अनुभव है। वे उन्हें कड़ी टक्कर दे पाती हैं और अलग-अलग मौकों पर उन्हें चुनौती भी देती हैं।"
यह ऐसे समय में आया है जब ICC लगातार क्रिकेट के वैश्विक विस्तार पर ज़ोर दे रहा है और टी20 विश्व कप में भाग लेने वाले देशों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
टिकाऊ संस्कृति बनाने में लगेगा वक्त — मैक्सवेल की स्वीकारोक्ति
मैक्सवेल ने माना कि एक मज़बूत और टिकाऊ क्रिकेट संस्कृति रातोंरात नहीं बनती। उन्होंने कहा, "इसमें थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है, लेकिन हमने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान देखा है, जिसमें कई अलग-अलग देशों ने हिस्सा लिया — यह सब काफी तेज़ी से हो सकता है।" उन्होंने ETPL की दीर्घकालिक सफलता को यूरोपीय क्रिकेट के भविष्य से सीधे जोड़ा और कहा कि इस लीग की कामयाबी यह सुनिश्चित करेगी कि यूरोपीय टीमें शीर्ष क्रिकेट देशों के साथ अपना फासला लगातार कम करती रहें।