गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी में ग्रीन बेल्ट पर अवैध मजार ध्वस्त, FIR दर्ज होगी — DCP ग्रामीण
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित ट्रॉनिका सिटी में 14 जून को प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की ग्रीन बेल्ट भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से निर्मित एक मजार को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण कराने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 के समीप की गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित निर्माण यूपीसीडा की भूमि और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध रूप से किया गया था। यूपीसीडा द्वारा पूर्व में कराई गई जांच में यह तथ्य सामने आया था कि यह भूखंड सरकारी और ग्रीन बेल्ट श्रेणी में आता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर निर्माण स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन न होने पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।
सुरक्षा व्यवस्था
किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। मौके पर पीएसी, आरएएफ और स्थानीय पुलिस सहित करीब 400 से 450 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर प्रवेश और आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी गई। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि इस अवैध निर्माण को कराने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध FIR दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लोनी के एसडीएम ने स्पष्ट किया कि ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन का रुख है कि सरकारी और औद्योगिक विकास से संबंधित भूमि पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि यह कार्रवाई दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में उस समय हुई जब प्रदेश में सरकारी और औद्योगिक भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज किया जा रहा है। ग्रीन बेल्ट भूमि पर अवैध निर्माण शहरी नियोजन और पर्यावरणीय मानकों के लिए भी चुनौती बनते जा रहे हैं।
क्या होगा आगे
प्रशासन के अनुसार, अवैध निर्माण में संलिप्त पक्षों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही FIR दर्ज होने की संभावना है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है, हालांकि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।