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गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी में ग्रीन बेल्ट पर अवैध मजार ध्वस्त, FIR दर्ज होगी — DCP ग्रामीण

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गाजियाबाद: ट्रॉनिका सिटी में ग्रीन बेल्ट पर अवैध मजार ध्वस्त, FIR दर्ज होगी — DCP ग्रामीण

सारांश

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में यूपीसीडा की ग्रीन बेल्ट भूमि पर कथित अवैध मजार को प्रशासन ने ध्वस्त किया। 400 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बीच शांतिपूर्ण कार्रवाई हुई। DCP ग्रामीण ने चेतावनी दी — अवैध निर्माण कराने वालों पर FIR दर्ज होगी।

मुख्य बातें

14 जून को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 के पास यूपीसीडा की ग्रीन बेल्ट भूमि पर कथित अवैध मजार ध्वस्त की गई।
मौके पर पीएसी , आरएएफ और स्थानीय पुलिस सहित करीब 400 से 450 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण कराने वालों की पहचान कर FIR दर्ज की जाएगी।
लोनी एसडीएम ने स्पष्ट किया कि ग्रीन बेल्ट में स्थायी या अस्थायी कोई भी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ध्वस्तीकरण से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था, अनुपालन न होने पर कार्रवाई हुई।

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित ट्रॉनिका सिटी में 14 जून को प्रशासन ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की ग्रीन बेल्ट भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से निर्मित एक मजार को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण कराने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 के समीप की गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित निर्माण यूपीसीडा की भूमि और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध रूप से किया गया था। यूपीसीडा द्वारा पूर्व में कराई गई जांच में यह तथ्य सामने आया था कि यह भूखंड सरकारी और ग्रीन बेल्ट श्रेणी में आता है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर निर्माण स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन न होने पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।

सुरक्षा व्यवस्था

किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। मौके पर पीएसी, आरएएफ और स्थानीय पुलिस सहित करीब 400 से 450 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर प्रवेश और आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी गई। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहे।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि इस अवैध निर्माण को कराने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध FIR दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

लोनी के एसडीएम ने स्पष्ट किया कि ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन का रुख है कि सरकारी और औद्योगिक विकास से संबंधित भूमि पर अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि यह कार्रवाई दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में उस समय हुई जब प्रदेश में सरकारी और औद्योगिक भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज किया जा रहा है। ग्रीन बेल्ट भूमि पर अवैध निर्माण शहरी नियोजन और पर्यावरणीय मानकों के लिए भी चुनौती बनते जा रहे हैं।

क्या होगा आगे

प्रशासन के अनुसार, अवैध निर्माण में संलिप्त पक्षों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही FIR दर्ज होने की संभावना है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है, हालांकि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा FIR दर्ज होने के बाद की जवाबदेही में है। नोटिस जारी होने के बावजूद समय पर अनुपालन न होना यह संकेत देता है कि निगरानी तंत्र में खामियाँ हैं। ग्रीन बेल्ट भूमि पर अतिक्रमण केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि शहरी नियोजन और पर्यावरण का भी मुद्दा है — जिस पर दीर्घकालिक नीति की ज़रूरत है, महज ध्वस्तीकरण की नहीं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में क्या हुआ?
14 जून को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित ट्रॉनिका सिटी में प्रशासन ने यूपीसीडा की ग्रीन बेल्ट भूमि पर कथित तौर पर अवैध रूप से निर्मित एक मजार को ध्वस्त किया। कार्रवाई 400 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बीच शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।
अवैध निर्माण कराने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार, अवैध निर्माण में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ध्वस्तीकरण से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई गई?
यूपीसीडा ने पहले भूमि की जांच कराई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण ग्रीन बेल्ट और सरकारी संपत्ति पर था। इसके बाद संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर निर्माण स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया, और समय-सीमा में पालन न होने पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण किया।
ग्रीन बेल्ट भूमि पर निर्माण क्यों प्रतिबंधित है?
लोनी एसडीएम के अनुसार, ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह भूमि शहरी नियोजन और पर्यावरणीय मानकों के तहत संरक्षित होती है और इस पर अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति कैसी है?
ध्वस्तीकरण के बाद पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं आई और एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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