लखनऊ में ANTF का बड़ा ऑपरेशन: ₹71 लाख की प्रतिबंधित दवाओं सहित 6 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की लखनऊ इकाई ने 4 सितंबर को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में छह सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया। कन्हैया फार्मा ट्रांसपोर्टिंग, कमिश्नरेट लखनऊ के पास से की गई इस कार्रवाई में ₹71 लाख 44 हजार 180 रुपए मूल्य की प्रतिबंधित दवाएं, सात मोबाइल फोन और ₹11,140 नकद बरामद किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में लखनऊ निवासी लक्षित वासवानी, समीर अहमद, शाद इरशाद, उमेश कुमार तथा आजमगढ़ निवासी सतेंद्र सिंह और विशाल चौरसिया शामिल हैं। यह ऑपरेशन पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था और अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन में, पुलिस महानिरीक्षक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के निर्देश पर संचालित किया गया।
बरामदगी का ब्यौरा
आरोपियों के कब्जे से कोडीन युक्त खांसी की 720 बोतलें, ट्रामेडोल हाइड्रोक्लोराइड के 1.30 लाख कैप्सूल और अल्प्राजोलाम की 9.60 लाख गोलियां जब्त की गईं। ये तीनों पदार्थ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधित हैं। बरामद दवाओं की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹71 लाख 44 हजार 180 रुपए आंकी गई है।
आरोपियों का मोडस ऑपरेंडी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सामूहिक रूप से पूंजी लगाकर प्रतिबंधित दवाओं की खरीद-फरोख्त करते थे। अधिकारियों के अनुसार, ये दवाएं गुप्त रूप से तीसरे पक्ष को डिलीवर की जाती थीं और मुनाफे को आपस में बांटा जाता था। गौरतलब है कि इस नेटवर्क में लखनऊ और आजमगढ़ — दोनों जिलों के तस्कर शामिल थे, जो इसके अंतरजिला विस्तार का संकेत देता है।
कानूनी कार्रवाई
सभी छह आरोपियों के विरुद्ध थाना सरोजिनी नगर, जनपद कमिश्नरेट लखनऊ में NDPS अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से जुड़ी अन्य कड़ियों की पहचान की जा रही है और शेष सहयोगियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
ऑपरेशन टीम
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली ANTF टीम में उप निरीक्षक सूरज सिंह, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, सौरभ कुमार सिंह, मोहम्मद तारिक, संजय पटेल, खालिद खान, दिनेश कुमार सिंह, पीयूष कुमार सिंह, कांस्टेबल अमरजीत कुमार और महिला कांस्टेबल प्रतिमा शुक्ला शामिल थे। औषधि निरीक्षक विवेक कुमार सिंह और संदेश मौर्य ने भी अभियान में सहयोग दिया। जांच के आगे बढ़ने के साथ इस तस्करी नेटवर्क की जड़ें और गहरी उजागर होने की संभावना है।