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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 300 फीट के सिनेमैटिक फसाड पर जीवंत होगी रामायण, 150 कलाकार देंगे प्रस्तुति

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: 300 फीट के सिनेमैटिक फसाड पर जीवंत होगी रामायण, 150 कलाकार देंगे प्रस्तुति

सारांश

अयोध्या का दसवाँ दीपोत्सव इस बार सिर्फ दीयों की रोशनी नहीं — तकनीक की क्रांति भी लाएगा। सरयू तट पर 300 फीट के सिनेमैटिक फसाड पर 22 मिनट की रामायण प्रस्तुति और 150 कलाकारों का सजीव अभिनय इसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक उत्सव का दर्जा दिलाने की दिशा में योगी सरकार का सबसे बड़ा दाँव है।

मुख्य बातें

अयोध्या दीपोत्सव 2026 के दसवें संस्करण में राम की पैड़ी पर 300 फीट लंबे और 50 फीट ऊँचे सिनेमैटिक फसाड पर रामायण प्रस्तुत की जाएगी।
22 मिनट के शो में एलईडी वॉल, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर, डायनेमिक लाइटिंग और इमर्सिव साउंड इफेक्ट्स का उपयोग होगा।
देशभर से आए करीब 150 कलाकार रामायण के विभिन्न पात्रों का सजीव मंचन करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या पहुँचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक ली।
दिल्ली की कंपनी मॉडर्न स्टेज सर्विस इस तकनीकी प्रस्तुति की ज़िम्मेदारी संभाल रही है।
राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बढ़ती श्रद्धालु आमद के बीच यह आयोजन धार्मिक पर्यटन को नई गति देने का भी लक्ष्य रखता है।

अयोध्या के दसवें दीपोत्सव 2026 में इस बार श्रद्धालुओं को एक अभूतपूर्व अनुभव मिलने वाला है — राम की पैड़ी पर सरयू नदी के मध्य 300 फीट लंबे और 50 फीट ऊँचे विशाल सिनेमैटिक फसाड पर रामायण की संपूर्ण गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। योगी सरकार के निर्देशन में तैयार की जा रही इस प्रस्तुति में एलईडी वॉल, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर, डायनेमिक लाइटिंग और इमर्सिव साउंड इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। 22 मिनट की इस विशेष प्रस्तुति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को रामकथा केवल देखने नहीं, बल्कि उसे महसूस करने का अनुभव देना है।

सिनेमैटिक फसाड: तकनीक और आस्था का संगम

दिल्ली की कंपनी मॉडर्न स्टेज सर्विस के प्रतिनिधि के अनुसार, विशाल एलईडी वॉल पर हाई-रिजॉल्यूशन विजुअल्स और फसाड पर प्रोजेक्शन मैपिंग का तालमेल इस प्रस्तुति को अपनी तरह का अनूठा अनुभव बनाएगा। लेजर और डायनेमिक लाइटिंग इफेक्ट्स से सरयू तट पर रामायण के प्रमुख प्रसंग — जैसे वनगमन, लंकादहन और रावण-वध — भव्य दृश्यात्मक स्वरूप में उभरेंगे।

इस सिनेमैटिक प्रस्तुति के साथ दिल्ली, मुंबई समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 150 कलाकार मंच पर रामायण के विभिन्न पात्रों का सजीव अभिनय करेंगे। लाइव परफॉर्मेंस, एलईडी स्क्रीन और प्रोजेक्टरों के समन्वय से यह आयोजन तकनीक और पारंपरिक आस्था के मेल की एक नई मिसाल बनेगा।

दसवाँ दीपोत्सव: परंपरा से विश्वस्तरीय उत्सव तक का सफर

योगी सरकार का स्पष्ट प्रयास दीपोत्सव को महज़ एक धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में स्थापित करना है। बीते नौ वर्षों में दीपोत्सव के दौरान बने रिकॉर्ड और भव्य आयोजनों ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। इस बार सिनेमैटिक फसाड के ज़रिए उसी परंपरा को एक नया आयाम देने की तैयारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में यह आयोजन धार्मिक पर्यटन को नई गति देने में सहायक हो सकता है।

मुख्यमंत्री योगी की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दीपोत्सव-2026 की तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुँचे। उन्होंने सबसे पहले दीपोत्सव से जुड़े विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया, फिर संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने रामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और परिक्रमा की। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें दीपोत्सव की तैयारियों और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। इसके बाद पीएफसी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन्होंने आयोजन को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।

सांस्कृतिक विरासत और नई पीढ़ी

इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक आस्था को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य रामायण की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक अधिक प्रभावशाली तरीके से पहुँचाना भी है। गौरतलब है कि यह दीपोत्सव का दसवाँ संस्करण है — एक दशक की यह यात्रा अयोध्या को धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

योगी सरकार की सॉफ्ट-पावर रणनीति का विस्तार है — अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षा का अगला अध्याय। सिनेमैटिक फसाड जैसी तकनीकी प्रस्तुतियाँ पारंपरिक धर्म को 'एक्सपीरियेंशियल इवेंट' में बदलती हैं, जो नई पीढ़ी और विदेशी पर्यटकों दोनों को आकर्षित करती हैं। हालाँकि सवाल यह भी उठता है कि भव्यता की इस दौड़ में स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक कला-रूपों को कितना स्थान मिल रहा है, जबकि दिल्ली-मुंबई से कंपनियाँ और कलाकार आयात किए जा रहे हैं। दीपोत्सव का असली मूल्यांकन रिकॉर्ड और तकनीक से नहीं, बल्कि इस बात से होगा कि यह आयोजन अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति को कितनी स्थायी गति दे पाता है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में सिनेमैटिक फसाड क्या है?
यह राम की पैड़ी पर सरयू नदी के मध्य स्थापित 300 फीट लंबा और 50 फीट ऊँचा विशाल स्क्रीन-ढाँचा है, जिस पर एलईडी वॉल, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर और डायनेमिक लाइटिंग के ज़रिए 22 मिनट में रामायण की संपूर्ण गाथा प्रस्तुत की जाएगी। इसे दिल्ली की कंपनी मॉडर्न स्टेज सर्विस तैयार कर रही है।
दीपोत्सव 2026 में कितने कलाकार प्रस्तुति देंगे?
दिल्ली, मुंबई समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 150 कलाकार रामायण के विभिन्न पात्रों का सजीव मंचन करेंगे। यह लाइव परफॉर्मेंस सिनेमैटिक फसाड की तकनीकी प्रस्तुति के साथ समन्वित होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की तैयारियों के सिलसिले में क्या किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अयोध्या पहुँचे और दीपोत्सव स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया, रामलला के दर्शन किए और पीएफसी सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आयोजन को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
दीपोत्सव 2026 का यह संस्करण पिछले वर्षों से अलग क्यों है?
यह दीपोत्सव का दसवाँ संस्करण है और इसमें पहली बार 300 फीट के सिनेमैटिक फसाड जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है। पारंपरिक धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ इमर्सिव साउंड, प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर का संयोजन इसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप देता है।
अयोध्या में इस प्रकार के आयोजन का पर्यटन पर क्या असर पड़ सकता है?
राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद पहले से ही बढ़ी है। ऐसे भव्य आयोजन धार्मिक पर्यटन को और गति दे सकते हैं तथा अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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