हनुमान जयंती 2026: अयोध्या हनुमानगढ़ी फूलों-रोशनी से जगमग, माता जानकी के दिए आभूषणों से होगा विशेष श्रृंगार
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर को हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में 7 नवंबर 2026 को फूलों और विद्युत-रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है। आधी रात को होने वाले विशेष अनुष्ठान में माता जानकी की ओर से भेंट किए गए प्राचीन आभूषणों से भगवान हनुमान का राजसी श्रृंगार किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी इस अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए आने का कार्यक्रम है।
नौ दिवसीय अनुष्ठानों का समापन
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास महाराज ने बताया कि पिछले 9 दिनों से निरंतर अखंड सीताराम नाम संकीर्तन, वाल्मीकि रामायण पाठ और सुंदरकांड का पाठ जारी है। उन्होंने कहा, 'हम इन पूजा-पाठ और अनुष्ठानों की तैयारियां 9 दिन पहले ही शुरू कर देते हैं। आज सुबह 3 बजे से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आज हनुमान जी महाराज की जयंती है। सभी को ढेरों शुभकामनाएं हैं।' महंत राजू दास ने यह भी बताया कि हनुमान जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी श्रद्धालु पधारे हैं।
माता जानकी के आभूषणों से होगा दुर्लभ श्रृंगार
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने बताया, 'हनुमान जयंती की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। विशेष रूप से कार्तिक महीने में हनुमान जी को भोग लगाने और पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। हनुमान जी के सभी आभूषण और राजसी वस्त्र बाहर निकाले जाएंगे, जिनमें वह आभूषण भी शामिल है जो माँ जानकी ने हनुमान जी को भेंट किया था। इसे उन्हें पहनाया जाएगा।' यह परंपरा हनुमानगढ़ी की धार्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा मानी जाती है।
दीपोत्सव और रात्रि जागरण का आयोजन
महंत राजू दास महाराज ने यह भी बताया कि अयोध्या में इस अवसर पर दीपोत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रात 8 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक चलेगा। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में कहीं भी स्थान रिक्त नहीं रहेगा, क्योंकि देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुँच चुके हैं। गौरतलब है कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में हर धार्मिक पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
आम जनता पर असर
महंत संजय दास के अनुसार, कार्तिक मास में हनुमान जयंती पर दर्शन करने वाले भक्त विशेष पुण्य के भागी होते हैं। भगवान हनुमान को 'अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता' माना जाता है और उनके भक्त विश्वभर में फैले हैं। प्रशासन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मद्देनज़र सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतज़ाम किए हैं। आने वाले दिनों में अयोध्या में धार्मिक पर्यटन और भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।