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बड़गाईं जमीन मनी लॉन्ड्रिंग: सुनवाई से पहले जेएमएम का दावा — 'हेमंत सोरेन बेकसूर, कोर्ट देगा इंसाफ'

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बड़गाईं जमीन मनी लॉन्ड्रिंग: सुनवाई से पहले जेएमएम का दावा — 'हेमंत सोरेन बेकसूर, कोर्ट देगा इंसाफ'

सारांश

बड़गाईं जमीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए कोर्ट की सुनवाई से पहले जेएमएम ने हेमंत सोरेन के बेकसूर होने का दावा किया और भाजपा पर परीक्षा घोटालों व कोयला तस्करी के जवाबी आरोप भी लगाए।

मुख्य बातें

रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप-निर्धारण की सुनवाई निर्धारित है।
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने दावा किया कि सोरेन पूरी तरह निर्दोष हैं और न्यायिक प्रक्रिया में दोषमुक्त होंगे।
पांडे ने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही जमानत देते हुए टिप्पणी कर चुका है कि 'मामला नहीं बनता।' जेएसएससी सीजीएल परीक्षा हलफनामा विवाद पर जेएमएम ने सरकार के कदम को 'छात्र हित में' बताया।
जेएमएम ने भाजपा पर व्यापम घोटाले , नीट घोटाले और 152 परीक्षा लीक का हवाला देते हुए पलटवार किया।
केंद्र की 'जीरो कोल लीकेज' रणनीति को जेएमएम ने 'हास्यास्पद' बताते हुए भाजपा सांसदों पर कोयला तस्करी के आरोप लगाए।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट में सोमवार, 22 सितंबर को आरोप तय करने को लेकर अहम सुनवाई निर्धारित है। इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पूरी तरह निर्दोष हैं और न्यायिक प्रक्रिया में दोषमुक्त होंगे।

जेएमएम का बयान और कानूनी दलील

मनोज पांडे ने कहा, 'सीएम हेमंत सोरेन को सोमवार को कोर्ट में पेश होना है और वे होंगे। यह न्यायिक प्रक्रिया है और सीएम दोषमुक्त होंगे। हमें पहले भी न्यायालय से इंसाफ मिला है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हाईकोर्ट ने पूर्व में जमानत देते हुए टिप्पणी की थी कि मामला नहीं बनता।

पांडे ने आगे कहा, 'लाख प्रयास करने के बावजूद भी कोई तथ्य, कोई साक्ष्य जुटा नहीं पाएंगे और बहुत जल्द सीएम न्यायालय से बरी होंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ गठबंधन आरोप-निर्धारण की सुनवाई से एक दिन पहले सार्वजनिक रूप से आश्वस्त रुख अपना रहा है।

जेएसएससी परीक्षा विवाद पर जेएमएम का पक्ष

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के हलफनामा विवाद पर मनोज पांडे ने कहा कि निष्पक्ष जाँच चल रही है। उनके अनुसार, 'जो तथ्य और साक्ष्य आ रहे हैं, उससे स्पष्ट लगता है कि छात्रों के साथ न्याय हो और उन्हें अवसर मिले, इसलिए यह हलफनामा दिया गया।' उन्होंने दावा किया कि सरकार का रुख छात्र हित में है।

पांडे ने बिहार के दरोगा भर्ती मामले का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ 'तमाम पद बेच दिए गए' जबकि छात्र सड़क पर आंदोलनरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्य में न कोई कार्रवाई हुई और न ही सरकारी प्रतिबद्धता दिखी।

भाजपा पर परीक्षा घोटालों को लेकर हमला

जेएमएम प्रवक्ता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि 152 परीक्षा लीक, व्यापम घोटाला और नीट घोटाले जैसे मामलों से झारखंड सरकार की तुलना करना उचित नहीं। उन्होंने संजीव मुखिया को बरी किए जाने का भी उल्लेख किया। पांडे ने दावा किया कि उनकी सरकार 'प्रो-स्टूडेंट' है।

कोयला तस्करी और 'जीरो कोल लीकेज' पर जेएमएम का पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्रालय की 'जीरो कोल लीकेज' रणनीति पर पांडे ने कहा कि 'पहले आपको अपने दो सांसदों को इस्तीफा दिलवाकर अपनी पार्टी से निकाल देना चाहिए, तब जाकर यह बातें शोभा देती हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दो सांसद 'कोयला तस्करी के लिए ही जाने जाते हैं।'

पांडे ने सिंगरौली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ कोयला चोरी रुकी नहीं क्योंकि 'वहाँ आपके लोग सब मिले हैं।' उन्होंने दावा किया कि झारखंड सरकार ने इसे रोकने के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन 'जितने कोल माफिया हैं, ज़्यादातर भाजपा में हैं।' गौरतलब है कि ये सभी आरोप जेएमएम की ओर से लगाए गए हैं और इन पर भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी उपलब्ध नहीं है।

आगे क्या होगा

सोमवार को रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट में आरोप-निर्धारण की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामला अगले चरण में जाएगा या नहीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने की बात जेएमएम ने स्वयं कही है। यह सुनवाई झारखंड की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरे चरण में आरोपों को खारिज करने की गारंटी नहीं। जेएमएम का भाजपा शासित राज्यों पर पलटवार — व्यापम, नीट, बिहार दरोगा भर्ती — राजनीतिक रूप से प्रभावी है, परंतु यह झारखंड के अपने मामले की न्यायिक स्थिति नहीं बदलता। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है: झारखंड में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोपों की आड़ में असली जवाबदेही से ध्यान हटा रहे हैं।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बड़गाईं जमीन मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?
यह मामला झारखंड की राजधानी रांची के बड़गाईं अंचल में 8.86 एकड़ सरकारी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों से संबंधित है। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
सोमवार की सुनवाई में क्या होने की उम्मीद है?
22 सितंबर 2026 को रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर अहम सुनवाई होनी है। जेएमएम ने पुष्टि की है कि सोरेन व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होंगे।
हाईकोर्ट ने पहले इस मामले में क्या कहा था?
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे के अनुसार, हाईकोर्ट ने पहले हेमंत सोरेन को जमानत देते हुए टिप्पणी की थी कि 'कोई मामला नहीं बनता।' हालाँकि, यह आरोप-निर्धारण की अलग न्यायिक प्रक्रिया है।
जेएसएससी सीजीएल हलफनामा विवाद क्या है और जेएमएम का इस पर क्या रुख है?
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार द्वारा एक हलफनामा दिए जाने पर विवाद है। जेएमएम का कहना है कि यह हलफनामा छात्र हित में दिया गया और सरकार निष्पक्ष जाँच करा रही है।
जेएमएम ने केंद्र की 'जीरो कोल लीकेज' नीति पर क्या आरोप लगाए?
जेएमएम प्रवक्ता ने केंद्र की इस नीति को 'हास्यास्पद' बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के दो सांसद कोयला तस्करी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने सिंगरौली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ भी कोयला चोरी जारी है — ये आरोप जेएमएम की ओर से लगाए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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