सेंसेक्स 75,315 पर बंद, निचले स्तर से 1,100 अंकों की वापसी; आईटी शेयरों में 2.43% की तेजी
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स ने सोमवार, 18 मई को दिन के निचले स्तर से 1,100 अंकों से अधिक की शानदार रिकवरी करते हुए 77.05 अंक (0.10%) की बढ़त के साथ 75,315.04 पर कारोबार बंद किया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन हरे निशान में समापन किया।
मुख्य बेंचमार्क का प्रदर्शन
एनएसई निफ्टी 50 ने दिन के निचले स्तर से 300 अंकों से अधिक की वापसी करते हुए 6.45 अंक (0.03%) की मामूली बढ़त के साथ 23,649.95 पर क्लोज किया। हालाँकि यह बढ़त सीमित रही, लेकिन इंट्राडे गिरावट से पूरी तरह उबरना बाजार की अंतर्निहित मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
व्यापक बाजारों का प्रदर्शन प्रमुख बेंचमार्कों की तुलना में कमजोर रहा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.26% और निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15% की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी सोमवार का सबसे चमकदार सेक्टर रहा, जिसमें 2.43% की बढ़त दर्ज हुई। निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे अधिक दबाव में रहे। निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी रियल्टी का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी 50 में सबसे अधिक तेजी वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल, सन फार्मा, विप्रो, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, टीसीएस और कोटक बैंक शामिल रहे।
वहीं, टाटा स्टील, पावरग्रिड, एनटीपीसी, एसबीआई, बजाज ऑटो, आयशर मोटर, ट्रेंट और मारुति के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की संपत्ति पर असर
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के ₹461 लाख करोड़ से घटकर ₹458 लाख करोड़ रह गया। इस प्रकार निवेशकों को एक ही सत्र में करीब ₹3 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा।
गौरतलब है कि यह नुकसान मुख्यतः व्यापक बाजारों — स्मॉलकैप और मिडकैप — में आई गिरावट के कारण हुआ, जबकि लार्जकैप बेंचमार्क सकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए।
वैश्विक संकेत और विशेषज्ञ राय
ब्रेंट क्रूड का कारोबार $110 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.12 के स्तर पर रहा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊँची कीमतें, मध्य पूर्व संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितता और रुपए की कमजोरी मिलकर बाजार के माहौल को सतर्क बनाए हुए हैं। आगे की दिशा काफी हद तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी।