बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र 2026 शुरू, देश विदेश के सैलानियों से गुलजार हुआ जंगल
सारांश
मुख्य बातें
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर 2026 से नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ ही जंगल सफारी का रोमांच एक बार फिर लौट आया है। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित इस विश्व प्रसिद्ध रिजर्व के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए और पहले ही दिन देश के कोने कोने तथा विदेशों से बड़ी संख्या में सैलानी यहाँ पहुँचे। मानसून के कारण करीब तीन महीने की बंदी के बाद पार्क के खुलने से पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
तीन महीने की बंदी के बाद जंगल फिर जागा
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर जोन में हर साल मानसून सत्र के दौरान 30 जून से पर्यटन गतिविधियाँ बंद कर दी जाती हैं। यह वार्षिक विराम वन्यजीवों के प्रजनन और वन क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए आवश्यक माना जाता है। करीब तीन महीने के इस अंतराल के बाद 1 अक्टूबर को पार्क के दरवाज़े फिर खुलते हैं, और इस बार भी सत्र की शुरुआत होते ही रिजर्व में रौनक लौट आई। रिपोर्टों के अनुसार, नए सत्र के लिए ऑनलाइन बुकिंग पहले ही लगभग फुल हो चुकी थी, जो इस सत्र में पर्यटकों की भारी माँग का संकेत है।
किन राज्यों और देशों से पहुँचे पर्यटक
पहले दिन मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ साथ महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों से सैलानी बांधवगढ़ पहुँचे। विदेशी पर्यटकों में भी जंगल सफारी को लेकर खासा उत्साह देखा गया। अमेरिका से आई पर्यटक एमी ने बताया कि वह 2017 से लगातार बांधवगढ़ आ रही हैं — यही वह जगह है जहाँ उन्होंने अपने जीवन में पहली बार बाघ देखा था। उन्होंने कहा, "इसके बाद मैंने कई जगहों पर बाघ देखे, लेकिन इस जगह की बात ही अलग है।"
पर्यटकों के अनुभव: जन्मदिन से लेकर पहली सफारी तक
गोवा से आई पर्यटक अनहता के लिए यह यात्रा विशेष रूप से यादगार रही। उन्होंने बताया कि बांधवगढ़ में ही उन्होंने पहली बार जंगल सफारी का अनुभव लिया था और लंबे समय से उनकी इच्छा थी कि वह सत्र के पहले ही दिन सफारी का हिस्सा बनें। इस बार उनका यह सपना पूरा हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि 2 अक्टूबर को उनका जन्मदिन है, इसलिए यह यात्रा उनके लिए और भी खास है। वहीं, पहली बार बांधवगढ़ आए पर्यटक शेखर ने कहा कि उन्होंने सुना है कि टाइगर साइटिंग की सबसे अधिक संभावना यहीं रहती है, इसलिए वह जंगल सफारी का अनुभव लेने यहाँ खिंचे चले आए।
पार्क प्रबंधन की तैयारियाँ
फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि पहले दिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक रिजर्व में पहुँचे। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सफारी रूट को दुरुस्त किया गया है। प्रवेश द्वारों पर व्यवस्थाएँ चाक चौबंद की गई हैं तथा गाइड और जिप्सी की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि जंगल के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं और पार्क प्रबंधन पूरी तरह मुस्तैद है।
बांधवगढ़ क्यों है खास
बांधवगढ़ को देश के उन टाइगर रिजर्व में गिना जाता है जहाँ बाघों की आबादी सबसे अधिक है, और इसी कारण यहाँ टाइगर साइटिंग की संभावना सबसे ज़्यादा मानी जाती है। पर्यटक यहाँ केवल बाघ देखने नहीं आते — समृद्ध जैव विविधता, घने वन क्षेत्र, प्राकृतिक सुंदरता और अन्य वन्यजीवों को करीब से निहारने का अनुभव भी उन्हें बार बार यहाँ खींचता है। गौरतलब है कि यह रिजर्व अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव पर्यटन मानचित्र पर भी एक प्रमुख स्थान रखता है, जैसा कि एमी जैसी विदेशी पर्यटकों की नियमित वापसी से स्पष्ट होता है। आने वाले हफ्तों में जैसे जैसे सर्दियाँ दस्तक देंगी, पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।