बंगाल चुनाव में भाजपा की बंपर जीत, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का आरोप — चुनाव आयोग बना भाजपा का औजार

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बंगाल चुनाव में भाजपा की बंपर जीत, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का आरोप — चुनाव आयोग बना भाजपा का औजार

सारांश

पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद TMC की सत्ता गई और भाजपा ने पहली बार सरकार बनाने का दावा ठोका। लेकिन कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस जीत को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा का औजार बनने का सीधा आरोप लगाया — और कई सीटों पर चुनाव याचिकाएं दायर करने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने TMC को भारी बहुमत से हराकर 15 साल बाद प्रदेश में पहली बार सरकार बनाने का अधिकार पाया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के औजार की तरह काम करने का आरोप लगाया।
कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम, जिन्हें वोट डालने से रोका गया — इन सीटों पर चुनाव याचिकाएं दायर की जाएंगी।
TMC और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने का फायदा भाजपा को मिला।
तिवारी ने पंजाब में हुए दो धमाकों के संदर्भ में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और भारत को पाकिस्तान की साजिशी मानसिकता से सावधान रहना चाहिए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भारी बहुमत से हराकर प्रदेश में पहली बार सरकार बनाने का अधिकार हासिल कर लिया है। 15 साल से सत्ता में काबिज TMC की यह हार राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर मानी जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में चंडीगढ़ में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने इस चुनाव में एक निष्पक्ष संस्था की तरह नहीं, बल्कि भाजपा के एक औजार की तरह काम किया।

मनीष तिवारी के प्रमुख आरोप

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि चुनाव परिणामों से यह स्पष्ट है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम है, जिन्हें वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पहली बार नहीं है कि किसी विपक्षी दल ने चुनाव के बाद संस्था पर पक्षपात का इल्ज़ाम लगाया हो। असली सवाल यह है कि TMC और कांग्रेस की अलग-अलग चुनावी रणनीति ने भाजपा को कितना फायदा पहुँचाया — और क्या विपक्ष इस आत्म-मंथन से बचने के लिए संस्थाओं को निशाना बना रहा है। चुनाव याचिकाओं की बात सही दिशा में है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के बिना ये आरोप महज राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत कितनी बड़ी है?
भाजपा ने 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस को भारी बहुमत से हराकर पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने का अधिकार हासिल किया है। यह राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक उलटफेर माना जा रहा है।
मनीष तिवारी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष संस्था की तरह काम करने के बजाय भाजपा के औजार की तरह काम किया। उन्होंने इसे भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया।
कांग्रेस किन सीटों पर चुनाव याचिका दायर करेगी?
तिवारी के अनुसार, जिन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर उन मतदाताओं की संख्या से कम है जिन्हें वोट डालने से रोका गया, वहाँ चुनाव याचिकाएं दायर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ऐसे हर निर्वाचन क्षेत्र में यह कदम उठाया जाएगा।
TMC और कांग्रेस के अलग लड़ने का क्या असर पड़ा?
तिवारी ने स्वीकार किया कि TMC और कांग्रेस के अलग-अलग चुनाव लड़ने का फायदा भाजपा को मिला। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों साथ होते तो परिणाम क्या होता, यह मूल्यांकन और विश्लेषण का विषय है।
पंजाब के धमाकों पर मनीष तिवारी ने क्या कहा?
तिवारी ने कहा कि पंजाब का स्वभाव भाजपा की विचारधारा से मेल नहीं खाता और पंजाबियों ने ऐतिहासिक रूप से अपनी जमीन की रक्षा की है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को पाकिस्तान की साजिशी मानसिकता से सावधान रहना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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