बांकीपुर उपचुनाव हार पर गिरिराज सिंह बोले — 'गलतियाँ हुईं, जनता ने सजा दी; राजद-जनसुराज का मैच फिक्स था'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 4 अगस्त को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी अपनी गलतियों से सीख लेगी, साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जनसुराज पर चुनाव-पूर्व मिलीभगत का आरोप लगाया। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने विपक्ष की जीत के जश्न को 'समझ से परे' बताया।
हार की स्वीकृति और आत्मचिंतन
गिरिराज सिंह ने कहा, 'हो सकता है हमसे कुछ गलतियाँ हुई हों, जनता ने उसकी सजा दी और हम उसे स्वीकार करते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उपचुनाव में मिली सीख को पार्टी गंभीरता से लेगी। यह स्वीकृति BJP के लिए असामान्य रही, क्योंकि बांकीपुर परंपरागत रूप से उसका मज़बूत गढ़ माना जाता रहा है।
राजद-जनसुराज पर मिलीभगत का आरोप
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि RJD और जनसुराज के बीच 'पहले से ही मैच फिक्स था।' उनके अनुसार, तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की आलोचना करते थे, लेकिन वास्तव में दोनों के बीच तालमेल था। उन्होंने कहा, 'मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि आने वाले समय में दोनों मिलकर काम करेंगे।'
प्रशांत किशोर की जीत पर तंज
गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर को सीधे चुनौती देते हुए कहा, 'विधानसभा चुनाव 2025 में 243 सीटों में से 138 सीटों पर आपकी क्या स्थिति थी? आप एक भी सीट नहीं जीत पाए।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस प्रशांत किशोर की जीत पर जश्न मना रही है, जबकि उसका कोई उम्मीदवार मैदान में ही नहीं था और उसके सहयोगी RJD तीसरे स्थान पर रहे।
बांकीपुर को बेंगलुरु बनाने के प्रशांत किशोर के दावे पर भी उन्होंने तंज कसा। गिरिराज सिंह ने कहा कि BJP ने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया था और 'झूठा नैरेटिव खड़ा किया गया।' उन्होंने कहा, 'अब मैं भी देखूंगा कि वे बांकीपुर को बेंगलुरु कैसे बनाते हैं।'
2009 का हवाला और बिहार की राजनीति
गिरिराज सिंह ने 2009 के उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी विपक्ष इसी तरह जश्न मना रहा था, परंतु 2010 के विधानसभा चुनाव में जनता ने NDA को 202 सीटें देकर सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा, 'बिहार कभी जंगलराज और गुंडाराज की वापसी स्वीकार नहीं करेगा।'
संसद में विपक्ष के आचरण पर निशाना
गिरिराज सिंह ने संसद में विपक्ष के व्यवहार की भी आलोचना की। उनके अनुसार, आज़ादी के बाद देश में कई दिग्गज विपक्षी नेता रहे जिन्होंने गरिमा के साथ जनता की आवाज़ उठाई, लेकिन वर्तमान विपक्ष 'सोची-समझी रणनीति के तहत सिर्फ नौटंकी कर रहा है।' उन्होंने सदन के बाहर सनातन धर्म के कथित अपमान और सदन के भीतर कामकाज ठप करने को विपक्ष की 'गलत मानसिकता' बताया। यह देखना होगा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले BJP इस हार से क्या रणनीतिक सबक लेती है।