बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत पर पत्नी डॉ. जाह्नवी दास बोलीं — 'जनता का दिल से शुक्रिया'
सारांश
मुख्य बातें
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 3 अगस्त को चुनाव आयोग द्वारा जारी परिणामों ने बिहार की राजनीति में जनसुराज की पहली बड़ी विधानसभा सफलता को रेखांकित किया।
पत्नी डॉ. जाह्नवी दास की पहली प्रतिक्रिया
जीत के बाद पटना में मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर की पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने भावुक होते हुए कहा, 'हम सब बहुत खुश हैं। बांकीपुर की जनता को दिल से शुक्रिया। मैं भगवान का भी आभार जताना चाहती हूं कि उन्होंने हमारा साथ दिया।' उन्होंने हाथ जोड़कर बांकीपुर के मतदाताओं को प्रणाम किया और कहा कि वे हमेशा उन सभी की शुक्रगुजार रहेंगी जिन्होंने इस जीत को संभव बनाया।
बिहार चुनाव 2025 की विफलता के बाद की वापसी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का संदर्भ देते हुए डॉ. जाह्नवी दास ने स्वीकार किया कि पार्टी ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा था, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि इस हार के बावजूद प्रशांत किशोर ने हिम्मत नहीं हारी और बिहार की जनता की आवाज को लगातार बुलंद करते रहे। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों के लिए बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती देना कठिन माना जा रहा था।
पटना में भव्य रोड शो
जीत के जश्न में पटना की सड़कों पर जनसुराज समर्थकों ने भव्य रोड शो का आयोजन किया। प्रशांत किशोर एक बड़ी कार पर सवार होकर समर्थकों का अभिवादन करते हुए निकले। इस रोड शो में भारी संख्या में आम जनता और जनसुराज कार्यकर्ता शामिल हुए, जो इस जीत को पार्टी के लिए नई शुरुआत के रूप में देख रहे हैं।
सीएम सम्राट चौधरी की बधाई पर प्रशांत किशोर का जवाब
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से बधाई संदेश मिलने पर प्रशांत किशोर ने कहा, 'अच्छी बात है कि उन्होंने मुझे बधाई दी है। सम्राट चौधरी ने हमेशा मुझे अपना छोटा भाई माना है। उनसे मेरा कोई निजी झगड़ा नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि असली मुद्दा यह है कि बिहार की बागडोर किसी ऐसे काबिल व्यक्ति को सौंपी जाए जो राज्य के 10 करोड़ लोगों का जीवन बेहतर बना सके।
बिहार के लिए प्रशांत किशोर का सपना
डॉ. जाह्नवी दास ने बताया कि प्रशांत किशोर का सबसे बड़ा सपना यह है कि बिहार के लोगों को रोज़गार के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने भरोसा जताया कि बांकीपुर की जनता ने जो विश्वास दिखाया है, उससे इस सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा सकेगा। गौरतलब है कि बिहार से पलायन की समस्या दशकों से राज्य की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा रही है।