4 अक्टूबर 2026
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बीएपीएस हिंदू मंदिर में कैप्टन स्मित मच्छार के लिए विशेष प्रार्थना, भारतीय दूतावास ने कहा — 'हालत में सुधार'

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बीएपीएस हिंदू मंदिर में कैप्टन स्मित मच्छार के लिए विशेष प्रार्थना, भारतीय दूतावास ने कहा — 'हालत में सुधार'

सारांश

दुबई से इजरायल जा रही उड़ान में चाकू के हमले के बावजूद 170 से अधिक जानें बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता अब प्रार्थनाओं, राजनयिक मुलाकातों और सर्वोच्च नेताओं की सराहना का विषय बन चुकी है — अबू धाबी के बीएपीएस मंदिर से लेकर दिल्ली और दुबई के शीर्ष नेताओं तक।

मुख्य बातें

अबू धाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर में 4 अक्टूबर 2026 को कैप्टन स्मित मच्छार के स्वस्थ होने की विशेष प्रार्थना हुई।
यूएई में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने पुष्टि की कि कैप्टन मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है और उनका मनोबल अच्छा है।
दुबई के क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को अस्पताल में कैप्टन मच्छार से मुलाकात की और उनकी बहादुरी की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन मच्छार से बात की और पूरे देश की ओर से प्रार्थनाएं व्यक्त कीं।
30 सितंबर को दुबई-इजरायल उड़ान में कॉकपिट के भीतर चाकू के हमले के बाद कैप्टन मच्छार ने 170 से अधिक लोगों की जान बचाई और सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई।
बीएपीएस हिंदू मंदिर — खाड़ी क्षेत्र का पहला हिंदू मंदिर — ने अपने पहले वर्ष में करीब 22 लाख आगंतुकों का स्वागत किया है।

अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर में 4 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के घायल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने रविवार को पुष्टि की कि कैप्टन मच्छार की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है और उनका मनोबल भी बेहतर है।

बीएपीएस मंदिर में श्रद्धालुओं की प्रार्थना

बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'अबू धाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर में स्वामियों और श्रद्धालुओं ने कैप्टन स्मित मच्छार के लिए प्रार्थना की और उनके असाधारण साहस तथा बहादुरी का सम्मान किया।' यह मंदिर खाड़ी क्षेत्र में निर्मित पहला हिंदू मंदिर है, जिसका उद्घाटन फरवरी 2024 में हुआ था और अपने पहले वर्ष में इसने करीब 22 लाख आगंतुकों का स्वागत किया।

भारतीय दूतावास और राजदूत की प्रतिक्रिया

राजदूत दीपक मित्तल ने बीएपीएस की पोस्ट को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा, 'कैप्टन स्मित के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाएं जारी हैं। वह अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं और उनका मनोबल भी अच्छा है। दूतावास स्थानीय अधिकारियों और परिवार के संपर्क में है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।'

दुबई के क्राउन प्रिंस और PM मोदी ने की सराहना

दुबई के क्राउन प्रिंस और यूएई के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को अस्पताल में कैप्टन मच्छार से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने 'साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति चिंता की सर्वोच्च भावना का परिचय दिया।' हमदान ने यह भी कहा कि यूएई को गर्व है कि कैप्टन मच्छार देश की टीम का हिस्सा हैं और वह करुणा, शांति तथा जीवन के यूएई मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी और उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की थी। पीएम मोदी ने कहा था, 'पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। आपके लिए और आपके स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय जाप किया जा रहा है। आपके साहस, सूझबूझ और संयम ने कई लोगों की जान बचाई। देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय वे लोग नहीं हैं जो जान लेते हैं, बल्कि वे हैं जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं।' कैप्टन मच्छार ने सिर हिलाते हुए जवाब दिया, 'यस सर।'

मिड-एयर घटना: क्या हुआ था 30 सितंबर को

भारतीय मूल के फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन मच्छार 30 सितंबर को दुबई से इजरायल जा रही उड़ान के दौरान उस वक्त घायल हो गए जब कॉकपिट में एक अन्य पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। कैप्टन मच्छार ने बहादुरी से हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उनकी स्थिति को स्थिर किया गया और विमान की सऊदी अरब में सफलतापूर्वक आपात लैंडिंग कराई गई, जिससे 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बच सकी।

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में वैश्विक ध्यान खींच रही है जब विमानन सुरक्षा और कॉकपिट प्रोटोकॉल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा चल रही है। कैप्टन मच्छार की वीरता को अब भारत, यूएई और अंतरराष्ट्रीय विमानन समुदाय, तीनों ओर से सराहना मिल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत-यूएई संबंधों की गहराई की भी परीक्षा है — दुबई के क्राउन प्रिंस का अस्पताल दौरा और पीएम मोदी की वीडियो कॉल एक साथ यह संकेत देते हैं कि यह घटना राजनयिक स्तर पर भी प्रतिध्वनित हो रही है। गौरतलब है कि बीएपीएस मंदिर — जो खुद भारत-यूएई मित्रता का प्रतीक है — का इस प्रार्थना-स्थल के रूप में उभरना महज संयोग नहीं है। असली प्रश्न यह है कि कॉकपिट के भीतर इस तरह की घटना को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय विमानन प्राधिकरण क्या ठोस कदम उठाएंगे — व्यक्तिगत साहस की प्रशंसा पर्याप्त नहीं, प्रणालीगत सुधार ज़रूरी है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और उनके साथ क्या हुआ था?
कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय मूल के फ्लाईदुबई पायलट हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से इजरायल जा रही उड़ान में एक अन्य पायलट ने कॉकपिट में उन पर चाकू से हमला किया। उन्होंने बहादुरी से हमलावर का मुकाबला करते हुए 170 से अधिक यात्रियों और क्रू की जान बचाई और सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई।
बीएपीएस हिंदू मंदिर अबू धाबी में प्रार्थना क्यों की गई?
बीएपीएस संस्था ने कैप्टन मच्छार के असाधारण साहस और बहादुरी के सम्मान में अबू धाबी मंदिर में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। मंदिर ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया कि स्वामियों और श्रद्धालुओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कैप्टन मच्छार की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
यूएई में भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने 4 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि कैप्टन मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है, वह अच्छी तरह स्वस्थ हो रहे हैं और उनका मनोबल बेहतर है। दूतावास स्थानीय अधिकारियों और परिवार के संपर्क में है।
PM मोदी और दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन मच्छार पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन मच्छार के साहस, सूझबूझ और संयम की प्रशंसा की और कहा कि पूरा देश उनके स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय जाप कर रहा है। दुबई के क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद ने अस्पताल में मुलाकात के बाद कहा कि कैप्टन मच्छार ने यूएई के करुणा और शांति के मूल्यों का प्रतिनिधित्व किया।
बीएपीएस हिंदू मंदिर अबू धाबी के बारे में क्या खास है?
बीएपीएस हिंदू मंदिर अबू धाबी खाड़ी क्षेत्र में बना पहला हिंदू मंदिर है। इसका उद्घाटन फरवरी 2024 में हुआ था और अपने पहले वर्ष में इसने करीब 22 लाख आगंतुकों का स्वागत किया, जो भारत-यूएई सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बन चुका है।
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