29 सितंबर 2026
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ऑपरेशन व्रज प्रहार: बारां पुलिस ने दो नशा कारोबारियों की ₹9 करोड़ 94 लाख की संपत्ति जब्त की

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ऑपरेशन व्रज प्रहार: बारां पुलिस ने दो नशा कारोबारियों की ₹9 करोड़ 94 लाख की संपत्ति जब्त की

सारांश

बारां पुलिस ने ऑपरेशन व्रज प्रहार में नशे के दो बड़े सौदागरों की ₹9 करोड़ 94 लाख की संपत्ति जब्त की — फर्जी दस्तावेज़ों से बचाव का प्रयास भी विफल। जिले में यह नशा-विरोधी अभियान की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई है।

मुख्य बातें

बारां जिला पुलिस ने ऑपरेशन व्रज प्रहार के तहत 29 सितंबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की।
आरोपी मुरली मीणा और घांसीलाल मीणा की ₹9 करोड़ 94 लाख की चल-अचल संपत्ति व बैंक खाते जब्त।
जब्त संपत्ति में ₹5 करोड़ 90 लाख की अचल संपत्ति, 4 कारें, 5 मोटरसाइकिलें और 2 ट्रैक्टर शामिल।
दोनों आरोपियों ने संपत्ति बचाने के लिए न्यायालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने का प्रयास किया था।
मुरली मीणा पर NDPS Act के 9 मामले और घांसीलाल मीणा पर 3 मामले दर्ज हैं।
यह बारां जिले में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई है।

राजस्थान के बारां जिला पुलिस ने ऑपरेशन व्रज प्रहार के तहत नशे के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों — मुरली मीणा और घांसीलाल मीणा — की ₹9 करोड़ 94 लाख की चल-अचल संपत्ति और बैंक खाते जब्त किए हैं। 29 सितंबर 2026 को की गई इस कार्रवाई को बारां जिले में नशे के नेटवर्क के विरुद्ध अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रहार माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंधाशु के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन व्रज प्रहार के अंतर्गत जाँच एजेंसियों ने दोनों आरोपियों की संपत्तियों का गहन सत्यापन किया। जब्त संपत्तियों में लगभग ₹5 करोड़ 90 लाख की अचल संपत्ति शामिल है, जबकि शेष राशि चल संपत्तियों और बैंक खातों के रूप में है। पुलिस ने मुरली मीणा के ठिकाने से चार कारें, पाँच मोटरसाइकिलें और दो ट्रैक्टर भी ज़ब्त किए हैं।

फर्जी दस्तावेज़ों से बचाव का प्रयास

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने कार्रवाई से पूर्व न्यायालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी संपत्ति को वैध दर्शाने की कोशिश की थी। यह तथ्य इस बात को उजागर करता है कि आरोपी केवल नशे के कारोबारी नहीं थे, बल्कि अवैध संपत्ति को कानूनी आवरण देने में भी दक्ष थे। पुलिस ने दस्तावेज़ों की जाँच कर इस प्रयास को विफल किया और कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुरली मीणा के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज एक्ट (NDPS Act) के तहत 9 प्रकरण दर्ज हैं, जबकि घांसीलाल मीणा पर 3 प्रकरण दर्ज हैं। दोनों के विरुद्ध छीपाबड़ौद थाने में मामले दर्ज बताए गए हैं। गौरतलब है कि इतने मामलों के बाद भी इन आरोपियों ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली, जो स्थानीय स्तर पर निगरानी की खामियों को उजागर करती है।

आर्थिक प्रहार की रणनीति

एसपी अभिषेक अंधाशु ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को चिह्नित कर उसके विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस रणनीति को 'आर्थिक प्रहार' यानी तस्करों की जड़ें — उनकी आर्थिक ताकत — काटने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। अन्य वाहनों के संबंध में भी नियमानुसार बैंक गारंटी से संबंधित आदेश जारी किए गए हैं।

आम जनता और जिले पर असर

इस कार्रवाई के बाद बारां जिले में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। यह ऑपरेशन व्रज प्रहार के तहत अब तक की सबसे बड़ी एकल कार्रवाई है, जो संकेत देती है कि पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है — बल्कि नशे के कारोबार की आर्थिक नींव को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। आगामी दिनों में इस अभियान के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आर्थिक विच्छेदन तक जाती है। लेकिन असली सवाल यह है कि NDPS Act के कुल 12 मामले दर्ज होने के बाद भी ये आरोपी करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने में कैसे सफल रहे — यह स्थानीय निगरानी तंत्र की विफलता की ओर इशारा करता है। फर्जी दस्तावेज़ों से संपत्ति को वैध दर्शाने का प्रयास दर्शाता है कि ये नेटवर्क कानूनी खामियों का इस्तेमाल करने में दक्ष हो चुके हैं। आर्थिक प्रहार की रणनीति तब ही सफल होगी जब ज़ब्त संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शी हो और मामले अदालत में टिकें।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन व्रज प्रहार क्या है?
ऑपरेशन व्रज प्रहार राजस्थान के बारां जिला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस न केवल गिरफ्तारियाँ कर रही है, बल्कि तस्करों की अवैध संपत्तियाँ भी जब्त कर उनकी आर्थिक शक्ति को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही है।
बारां पुलिस ने किन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और कितनी संपत्ति जब्त हुई?
पुलिस ने मुरली मीणा और घांसीलाल मीणा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोनों की ₹9 करोड़ 94 लाख की चल-अचल संपत्ति और बैंक खाते जब्त किए। इनमें ₹5 करोड़ 90 लाख की अचल संपत्ति के अलावा चार कारें, पाँच मोटरसाइकिलें और दो ट्रैक्टर भी शामिल हैं।
आरोपियों ने संपत्ति बचाने के लिए क्या किया था?
दोनों आरोपियों ने कार्रवाई से पहले न्यायालय में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी संपत्ति को वैध दर्शाने की कोशिश की थी। पुलिस ने दस्तावेज़ों का सत्यापन कर इस प्रयास को विफल किया और जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
मुरली मीणा और घांसीलाल मीणा पर कितने आपराधिक मामले दर्ज हैं?
मुरली मीणा के खिलाफ NDPS Act के तहत 9 मामले और घांसीलाल मीणा के खिलाफ 3 मामले दर्ज हैं। दोनों के विरुद्ध मामले छीपाबड़ौद थाने में दर्ज बताए गए हैं।
इस कार्रवाई का बारां जिले पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जिले में नशे के कारोबार पर अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रहार है, जिसके बाद नशा नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। एसपी अभिषेक अंधाशु ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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