28 जून 2026
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राजस्थान: बारां में सट्टेबाज रईस अंसारी की ₹96.97 लाख की संपत्ति फ्रीज, 2002 से चल रहा था नेटवर्क

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राजस्थान: बारां में सट्टेबाज रईस अंसारी की ₹96.97 लाख की संपत्ति फ्रीज, 2002 से चल रहा था नेटवर्क

सारांश

राजस्थान के बारां में पुलिस ने 2002 से सट्टेबाजी में सक्रिय रईस अंसारी और उसके परिवार की ₹96.97 लाख की संपत्ति फ्रीज की। 11 दोषसिद्धियों के बावजूद नेटवर्क चलता रहा — अब पत्नी और बेटे के खातों तक जाँच पहुँची।

मुख्य बातें

राजस्थान पुलिस ने 27 जून 2026 को बारां जिले के सट्टेबाज रईस अंसारी की ₹96.97 लाख की संपत्ति व बैंक खाते फ्रीज किए।
आरोपी 2002 से अवैध सट्टेबाजी में सक्रिय; RPGO अधिनियम के तहत 11 मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है।
पत्नी सलमा के खातों में ₹4,64,836.60 और बेटे शाहिद अहमद के खातों में 2019–2026 के बीच लगभग ₹2 करोड़ का लेन-देन पाया गया।
14 FD खाते (₹69.44 लाख) और 9 बचत खाते (₹27.52 लाख) फ्रीज; कृषि भूमि, मकान और वाहन भी जाँच के दायरे में।
ऑपरेशन एसपी अभिषेक अंदासू के निर्देश और अतिरिक्त एसपी डॉ.
कमल जांगिड़ की देखरेख में चलाया गया।

राजस्थान पुलिस ने 27 जून 2026 को बारां जिले के कुख्यात सट्टेबाज रईस अंसारी उर्फ अब्दुल रईस अंसारी और उसके परिवार की ₹96.97 लाख की संपत्ति एवं बैंक खाते फ्रीज कर दिए। मोथपुर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई बाराउरा गाँव में वर्षों से चल रहे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई बताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

बारां के पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू के निर्देश पर जुए, सट्टेबाजी, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। अतिरिक्त एसपी डॉ. कमल जांगिड़ और सर्कल ऑफिसर (अटरू) रामानंद यादव की देखरेख में एसएचओ देवकरण चौधरी और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की।

जाँच में सामने आया कि इमाम चौक, बाराउरा निवासी रईस अंसारी (56 वर्ष) वर्ष 2002 से अवैध सट्टेबाजी में सक्रिय है। मोथपुर पुलिस स्टेशन में राजस्थान पब्लिक गैंबलिंग ऑर्डिनेंस (RPGO) अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हैं और वह सभी में दोषी ठहराया जा चुका है।

वित्तीय जाँच में क्या मिला

पुलिस के अनुसार, आय का कोई वैध स्रोत न होने के बावजूद रईस अंसारी ने अपनी पत्नी सलमा और बेरोजगार बेटे शाहिद अहमद के बैंक खातों के जरिए अवैध कमाई का लेन-देन किया। सलमा गृहिणी हैं और उनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है; उनके नाम पर पाँच फिक्स्ड डिपॉजिट और एक बचत खाते में कुल ₹4,64,836.60 जमा थे, जो कथित तौर पर सट्टेबाजी की कमाई से जुड़े हैं।

शाहिद अहमद के खातों में 2019 से 2026 के बीच लगभग ₹2 करोड़ का लेन-देन हुआ — एक खाते में ₹1,15,57,876.95 जमा और ₹1,15,02,991.37 निकाले गए, जबकि दूसरे खाते में ₹1,00,78,965 जमा और ₹1,00,75,219.24 निकाले गए।

फ्रीज की गई संपत्तियों का ब्यौरा

पुलिस ने जाँच के आधार पर परिवार की निम्नलिखित संपत्तियाँ फ्रीज की हैं:

14 फिक्स्ड डिपॉजिट खाते — कुल ₹69,44,361; 9 बचत खाते — कुल ₹27,52,984.40। इसके अलावा, बाराउरा गाँव में आरोपी के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज 1.45 हेक्टेयर कृषि भूमि (अनुमानित मूल्य ₹25 लाख), 5 मार्च 2025 को बाराउरा ग्राम पंचायत से लीज पर लिया गया एक प्लॉट जिस पर ₹30 लाख की लागत से दो मंजिला मकान बनाया गया, सलमा के नाम पर एक रिहायशी प्लॉट पर बना एक मंजिला मकान, एक मारुति सुजुकी ईको कार और एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जाँच के दायरे में हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध कमाई से खरीदा गया था।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जाँच अभी जारी है और अवैध संपत्तियों की पहचान के लिए और खातों की पड़ताल की जा रही है। यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत संगठित अपराध नेटवर्क की वित्तीय जड़ें काटने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पुलिस ने रईस अंसारी की कितनी संपत्ति फ्रीज की?
पुलिस ने रईस अंसारी और उसके परिवार की कुल ₹96.97 लाख की संपत्ति फ्रीज की है, जिसमें 14 फिक्स्ड डिपॉजिट खाते (₹69.44 लाख), 9 बचत खाते (₹27.52 लाख), कृषि भूमि, मकान और वाहन शामिल हैं।
रईस अंसारी कब से सट्टेबाजी में सक्रिय था?
जाँच के अनुसार रईस अंसारी वर्ष 2002 से अवैध सट्टेबाजी में सक्रिय है। मोथपुर पुलिस स्टेशन में RPGO अधिनियम के तहत उसके खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं और वह सभी में दोषी ठहराया जा चुका है।
पुलिस ने परिवार के सदस्यों के खातों पर कार्रवाई क्यों की?
जाँच में पाया गया कि रईस अंसारी ने अपनी पत्नी सलमा और बेरोजगार बेटे शाहिद अहमद के बैंक खातों के जरिए अवैध कमाई का लेन-देन किया, जबकि दोनों की कोई स्वतंत्र आय नहीं थी। शाहिद के खातों में 2019–2026 के बीच लगभग ₹2 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन पाया गया।
यह ऑपरेशन किसकी देखरेख में चलाया गया?
यह ऑपरेशन बारां के एसपी अभिषेक अंदासू के निर्देश पर, अतिरिक्त एसपी डॉ. कमल जांगिड़ और सर्कल ऑफिसर (अटरू) रामानंद यादव की देखरेख में एसएचओ देवकरण चौधरी और उनकी टीम ने अंजाम दिया।
RPGO अधिनियम क्या है और इसके तहत क्या कार्रवाई होती है?
राजस्थान पब्लिक गैंबलिंग ऑर्डिनेंस (RPGO) अधिनियम राज्य में सार्वजनिक जुए और सट्टेबाजी को दंडनीय अपराध मानता है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी, मुकदमा और अवैध संपत्तियों की जब्ती या फ्रीजिंग की कार्रवाई की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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