राजस्थान: बारां में सट्टेबाज रईस अंसारी की ₹96.97 लाख की संपत्ति फ्रीज, 2002 से चल रहा था नेटवर्क
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पुलिस ने 27 जून 2026 को बारां जिले के कुख्यात सट्टेबाज रईस अंसारी उर्फ अब्दुल रईस अंसारी और उसके परिवार की ₹96.97 लाख की संपत्ति एवं बैंक खाते फ्रीज कर दिए। मोथपुर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई बाराउरा गाँव में वर्षों से चल रहे अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
बारां के पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासू के निर्देश पर जुए, सट्टेबाजी, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। अतिरिक्त एसपी डॉ. कमल जांगिड़ और सर्कल ऑफिसर (अटरू) रामानंद यादव की देखरेख में एसएचओ देवकरण चौधरी और उनकी टीम ने यह कार्रवाई की।
जाँच में सामने आया कि इमाम चौक, बाराउरा निवासी रईस अंसारी (56 वर्ष) वर्ष 2002 से अवैध सट्टेबाजी में सक्रिय है। मोथपुर पुलिस स्टेशन में राजस्थान पब्लिक गैंबलिंग ऑर्डिनेंस (RPGO) अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हैं और वह सभी में दोषी ठहराया जा चुका है।
वित्तीय जाँच में क्या मिला
पुलिस के अनुसार, आय का कोई वैध स्रोत न होने के बावजूद रईस अंसारी ने अपनी पत्नी सलमा और बेरोजगार बेटे शाहिद अहमद के बैंक खातों के जरिए अवैध कमाई का लेन-देन किया। सलमा गृहिणी हैं और उनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है; उनके नाम पर पाँच फिक्स्ड डिपॉजिट और एक बचत खाते में कुल ₹4,64,836.60 जमा थे, जो कथित तौर पर सट्टेबाजी की कमाई से जुड़े हैं।
शाहिद अहमद के खातों में 2019 से 2026 के बीच लगभग ₹2 करोड़ का लेन-देन हुआ — एक खाते में ₹1,15,57,876.95 जमा और ₹1,15,02,991.37 निकाले गए, जबकि दूसरे खाते में ₹1,00,78,965 जमा और ₹1,00,75,219.24 निकाले गए।
फ्रीज की गई संपत्तियों का ब्यौरा
पुलिस ने जाँच के आधार पर परिवार की निम्नलिखित संपत्तियाँ फ्रीज की हैं:
14 फिक्स्ड डिपॉजिट खाते — कुल ₹69,44,361; 9 बचत खाते — कुल ₹27,52,984.40। इसके अलावा, बाराउरा गाँव में आरोपी के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज 1.45 हेक्टेयर कृषि भूमि (अनुमानित मूल्य ₹25 लाख), 5 मार्च 2025 को बाराउरा ग्राम पंचायत से लीज पर लिया गया एक प्लॉट जिस पर ₹30 लाख की लागत से दो मंजिला मकान बनाया गया, सलमा के नाम पर एक रिहायशी प्लॉट पर बना एक मंजिला मकान, एक मारुति सुजुकी ईको कार और एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जाँच के दायरे में हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध कमाई से खरीदा गया था।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जाँच अभी जारी है और अवैध संपत्तियों की पहचान के लिए और खातों की पड़ताल की जा रही है। यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत संगठित अपराध नेटवर्क की वित्तीय जड़ें काटने पर ज़ोर दिया जा रहा है।